विधायक की शादी में महाजाम, डीसीपी समेत 6 पुलिस अधिकारियों पर एक्शन , जानिए पूरा मामला

Ashish Bhardwaj | Apr 08, 2026, 12:18 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के जयपुर में हाई-प्रोफाइल शादी समारोह से लगे जाम के मामले में छह पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। इनमें एक आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं।

News In Short

  • जाम पर बड़ा एक्शन, कई पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज।
  • विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह के दौरान लगा लंबा जाम।
  • जांच में छह पुलिस अधिकारियों को लापरवाही के लिए माना जिम्मेदार।
  • सभी पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
  • इस घटनाक्रम के दौरान एक आईपीएस समेत दो अधिकारियों का हो गया तबादला।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में हाई-प्रोफाइल शादी समारोह के दौरान आम जनता को हुई भारी परेशानी अब पुलिस प्रशासन के लिए गले की फांस बन गई है। सीकर रोड पर 9 मार्च को एक रिसॉर्ट में कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर की शादी के दौरान लगे भीषण ट्रैफिक जाम के मामले में पुलिस मुख्यालय राजस्थान ने सख्त रुख अपनाया है। स्पेशल कमिश्नर ने जांच में एक आईपीएस सहित 6 पुलिस अफसरों को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इन सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।



​क्या है पूरा मामला?

​बीते 9 मार्च को जयपुर के सीकर रोड स्थित हरमाड़ा क्षेत्र के एक निजी रिसॉर्ट में कांग्रेस के लाडनूं विधायक मुकेश भाकर और आरजेएस अधिकारी कोमल मीणा की शादी का आयोजन था। इस समारोह में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं, रसूखदार नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों ने शिरकत की थी। वीआईपी मूवमेंट और मेहमानों की भारी भीड़ के कारण सीकर रोड पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।



इस जाम की स्थिति इतनी भयावह थी कि न केवल आम जनता घंटों फंसी रही, बल्कि कई वीआईपी और अधिकारी खुद भी इस जाम में फंस गए। घंटों की मशक्कत के बाद भी पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारू करने में नाकाम रही, जिसकी शिकायतें उच्च स्तर तक पहुंची थीं।



​जांच में लापरवाही की पुष्टि

​मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश को जांच के आदेश दिए गए थे। स्पेशल कमिश्नर की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक विभाग के बीच समन्वय की भारी कमी थी। पर्याप्त पुलिस बल होने के बावजूद ट्रैफिक प्रबंधन की कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई थी।



​मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर अब संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह पहली बार है जब किसी निजी आयोजन में लगे जाम के लिए इतने बड़े स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।



​इन अधिकारियों पर गिरी गाज

पुलिस मुख्यालय ने जिन अधिकारियों को इस अव्यवस्था का जिम्मेदार माना है, उनमें आईपीएस अधिकारी और चौमू की तत्कालीन एसीपी उषा यादव भी है। उनको इस जाम के बाद हाड़ी रानी बटालियन में कमांडेंट के पद पर भेज दिया गया है।


इनके अलावा एसीपी ट्रैफिक ​किशोर सिंह, ​टीआई (ट्रैफिक), मंजू चौधरी, सम्पतराज, ​नवरत्न धौलिया और हरमाड़ा थानाधिकारी ​उदय सिंह हैं। ​जयपुर ट्रैफिक डीसीपी का तबादला भी इसी घटनाक्रम के दौरान हुआ है। इस तबादले को इस कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।



​कड़ी कार्रवाई के संकेत

​जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जब शादी की सूचना और उसमें आने वाले वीआईपी मेहमानों की सूची पहले से उपलब्ध थी तो ट्रैफिक डायवर्जन या अतिरिक्त बल की तैनाती क्यों नहीं की गई? नोटिस मिलने के बाद अब इन अधिकारियों को अपना पक्ष रखना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।



​जनता के बीच संदेश

जयपुर पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर राजनीतिक आयोजनों में होने वाली असुविधा को नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन इस बार आम आदमी को हुई परेशानी पर ली गई यह सुध चर्चा का विषय बनी हुई है।



ये भी पढे़:-

खेड़ा के घर पर असम पुलिस के छापे से उबली कांग्रेस, नेताओं ने कहा-हार के डर से बौखलाई भाजपा



सचिवालय में सरप्राइज रेड, अधिकतर कर्मचारी सीट पर नहीं पाए, अब एक्शन की तैयारी



नहीं बदल रहा पुलिस का चेहरा, कांस्टेबल से लेकर आईपीएस अफसरों पर भ्रष्टाचार के मैले दाग



अवैध खनन करने वालों से वसूली में दो आरपीएस एपीओ, आईपीएस पहले ही हटाए



Tags:
  • पुलिस मुख्यालय राजस्थान
  • लाडनूं विधायक मुकेश भाकर
  • जयपुर पुलिस
  • कोमल मीणा
  • मुकेश भाकर की शादी