टोंक रोड बनेगी मॉडल कॉरिडोर, पार्किंग और अतिक्रमण पर सख्ती

Jageshwar prasad | Jun 22, 2026, 16:43 IST
टोंक रोड को मॉडल कॉरिडोर बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू
राजस्थान की राजधानी जयपुर की व्यस्त टोंक रोड को मॉडल कॉरिडोर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने और वैलेट पार्किंग की व्यवस्था करने के नोटिस जारी। JDA, निगम और पुलिस का संयुक्त अभियान शुरू।

समझें क्या है पूरा मामला

  • टोंक रोड को मॉडल कॉरिडोर बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू।
  • यादगार से सांगानेर तक अवैध पार्किंग पर पूरी तरह रोक।
  • बस स्टैंड चौराहों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर बनाए जाएंगे।
  • जयपुर को 72 बीट्स में बांटा, हर बीट के लिए पुलिसकर्मी तैनात।
  • ऑपरेशन 80 फीट के तहत नंदपुरी में 134 अतिक्रमण हटाए जा चुके।

जयपुर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक टोंक रोड को अब मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। टोंक रोड के दोनों तरफ बिना अनुमति वाली पार्किंग पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।



दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं कि वे वैलेट पार्किंग की व्यवस्था करें और फुटपाथ पर कोई अतिक्रमण न होने दें। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर पुलिस, JDA और नगर निगम ने मिलकर यह संयुक्त अभियान शुरू किया है।



यादगार से सांगानेर तक बदलेगी तस्वीर

सबसे पहले टोंक रोड (यादगार से सांगानेर तक) को मॉडल कॉरिडोर के रूप में तैयार किया जाएगा। यहां JDA और नगर निगम मिलकर सड़कों के डिजाइन में सुधार करेंगे।



जो कट हादसों का कारण बनते हैं या जाम लगाते हैं, उन्हें बंद किया जाएगा। साथ ही पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ और गाड़ियों के मुड़ने के लिए सही यू-टर्न बनाए जाएंगे।



बस स्टैंड व्यवस्था भी बदलेगी

टोंक रोड पर जयपुर की अधिकांश शहरी बसें चलती हैं। लेकिन पहले बस स्टैंड की सही योजना नहीं थी। कई बस स्टैंड चौराहों पर होने से भारी जाम लगता था। साथ ही अवैध पार्किंग और फुटपाथ पर अतिक्रमण से पैदल चलना मुश्किल हो रहा था।



अब बस स्टैंडों को चौराहों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर बनाया जाएगा और यातायात प्रवाह को बेहतर किया जाएगा।



ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव

पूरे जयपुर को 72 छोटे हिस्सों यानी बीट्स में बांटा गया है। हर हिस्से के लिए पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय होगी। इसके अलावा पार्किंग की समस्या दूर करने और सड़कों से अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया जाएगा।



ADCP (Additional Deputy Commissioner of Police) ट्रैफिक के पदों की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 की जाएगी ताकि जयपुर के हर पुलिस जिले में एक ADCP ट्रैफिक तैनात हो सके।



JDA का ऑपरेशन 80 फीट भी जुड़ा इसी मुहिम से

ऑपरेशन 80 फीट टोंक रोड से जगतपुरा महल रोड के पूरे एरिया को री-डिफाइन करने वाले JDA के बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस रास्ते में दर्जनों सड़कें हैं जो इस अभियान के दायरे में आएंगी।



नंदपुरी में 134 अतिक्रमणों पर बुलडोजर चला चुका है। मास्टर प्लान के तहत मालवीय नगर से जगतपुरा तक 80 फीट रोड बनाई जानी है। यह पूरी परियोजना टोंक रोड मॉडल कॉरिडोर योजना का व्यापक हिस्सा है।



नगर निगम का भी शहरव्यापी अभियान

नगर निगम जयपुर की सतर्कता शाखा ने भी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई तेज की है। उपायुक्त सतर्कता ने बताया कि नगर निगम जयपुर के क्षेत्राधिकार में अवैध अथवा अस्थायी अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारी चालान सहित प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



FAQ

  1. जयपुर की टोंक रोड को मॉडल कॉरिडोर बनाने का क्या मतलब है?
    टोंक रोड को मॉडल कॉरिडोर बनाने का मतलब है इसे जाम मुक्त, अतिक्रमण मुक्त और पैदल यात्री-अनुकूल बनाना। यादगार से सांगानेर तक के इस रास्ते पर खतरनाक कट बंद होंगे, सही यू-टर्न बनेंगे, बस स्टैंड सुव्यवस्थित होंगे और अवैध पार्किंग पूरी तरह बंद होगी।

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