बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर में मुन्नाभाई की एंट्री, जाली अंगूठे से बायोमेट्रिक को चकमा देने की कोशिश
News In Short
- फर्जी अभ्यर्थी की BSF ट्रेनिंग सेंटर में एंट्री।
- जाली अंगूठे के निशान से चकमा देने का प्रयास।
- बायोमेट्रिक और फोटो मिलान से हुआ आरोपी का भंडाफोड़।
- सॉल्वर गैंग के तार जुड़ने की आशंका।
- सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती।
News In Detail
राजस्थान के जोधपुर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के प्रशिक्षण केंद्र में इन दिनों नए अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग शुरू हुई है। इसी बीच यहां एक फर्जी अभ्यर्थी का मामला भी सामने आया है। खुद को कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) परीक्षा 2025 के जीडी पद पर चयनित अभ्यर्थी बताकर ट्रेनिंग लेने पहुंचे एक युवक को बीएसएफ के अधिकारियों ने रंगे हाथों दबोच लिया है।
जाली अंगूठे का खेल
पकड़ा गया आरोपी संजय कुमार उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का है, जो पूरी तैयारी के साथ आया था। उसने अपनी पहचान छिपाने और असली अभ्यर्थी अमन सोनी की जगह लेने के लिए अपने हाथ पर जाली अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया था। उसे लगा कि वह बायोमेट्रिक मशीन को चकमा देकर अंदर दाखिल हो जाएगा।
डिप्टी कमांडेंट की पारखी नजर और फेल हुई तकनीक
9 मार्च को जब युवक ने रिपोर्ट की, तो डिप्टी कमांडेंट जयपाल विश्नोई ने सुरक्षा मानकों के तहत बायोमेट्रिक और फोटो मिलान के निर्देश दिए। जैसे ही युवक ने मशीन पर अंगूठा रखा, डेटा मैच नहीं हुआ। जब पुरानी फोटो से चेहरे का मिलान किया गया, तो शक यकीन में बदल गया। कड़ाई से पूछताछ हुई तो अमन सोनी का मुखौटा उतर गया और उसने स्वयं को संजय कुमार बताया ।
सॉल्वर गैंग के तार जुड़ने की आशंका
बीएसएफ के निरीक्षक अनंत नैन ने मण्डोर पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि क्या संजय ने ही असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी? क्या इसके पीछे उत्तर प्रदेश या राजस्थान का कोई बड़ा 'सॉल्वर गैंग' सक्रिय है? और असली अभ्यर्थी अमन सोनी इस साजिश में कहाँ शामिल है?
बायोमेट्रिक जालसाजी की कोशिश
जाली अंगूठे के निशानों का उपयोग कर भर्ती परीक्षाओं में बैठने के मामले पहले भी आए हैं, लेकिन सीधे ट्रेनिंग सेंटर तक पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल आरोपी संजय कुमार पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है। बीएसएफ ने साफ कर दिया है कि उनकी चयन प्रक्रिया और तकनीक इतनी मजबूत है कि कोई भी जालसाज इसमें घुस नहीं कर सकता।
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