चुनाव ड्यूटी में लापरवाही, 8 कर्मचारियों पर गिरी गाज
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर निकाय चुनाव में प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।
- ड्यूटी से गायब 8 मतदान कर्मियों पर कार्रवाई होगी।
- कार्मिक तय समय पर रवानगी स्थल नहीं पहुंचे थे।
- प्रशासन ने इसे चुनावी लापरवाही माना है।
- अब नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
नरेश रमेश @ जोधपुर
राजस्थान में नगर निकाय आम चुनाव 2026 की प्रक्रिया जारी है। इसी के तहत जोधपुर जिले में भी मतदान होना है। जिले की 6 नगर पालिकाओं के 178 वार्डों में चुनाव कराया जा रहा है।इसके लिए जिला निर्वाचन कार्यालय ने मतदान दलों का गठन किया था।
मतदान अधिकारियों को 8 सितंबर 2026 को रवानगी स्थल पहुंचना था। सभी कार्मिकों को राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय पहुंचना था। यहां से मतदान दलों को संबंधित क्षेत्रों के लिए रवाना किया जाना था।
समय पर नहीं पहुंचे कार्मिक
बिलाड़ा, भोपालगढ़ और पीपाड़ शहर नगर पालिकाओं के मतदान दलों को सुबह 7 बजे पहुंचना था। वहीं बालेसर सत्ता, तिंवरी और मथानिया नगर पालिकाओं के लिए सुबह 11 बजे उपस्थिति तय थी।निर्धारित समय निकलने के बाद भी कुछ कार्मिक रवानगी स्थल पर नहीं पहुंचे। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार कुल 8 मतदान कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
निलंबन की तैयारी
समय पर उपस्थित नहीं होने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। इनके खिलाफ राजस्थान नगर पालिका अधिनियम और राजस्थान सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई होगी। प्रशासन की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने दी चेतावनी
प्रभारी अधिकारी कार्मिक प्रकोष्ठ और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा ने जानकारी दी।उन्होंने बताया कि सभी मतदान कर्मियों को जिम्मेदारी समझने के निर्देश दिए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक रंजन ने भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।अनधिकृत अनुपस्थिति पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव व्यवस्था पर नजर
निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। मतदान दलों की समय पर रवानगी चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा होती है। ऐसे में किसी भी कर्मचारी की गैरहाजिरी से व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।इसी कारण प्रशासन ने शुरुआत में ही सख्त संदेश दिया है। आने वाले दिनों में चुनाव ड्यूटी से जुड़े अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति पर भी नजर रखी जाएगी।
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