जोधपुर हाई कोर्ट में केस फाइलें गायब, एसओजी की कार्रवाई से जुड़े हैं मामले

Ashish Bhardwaj | Aug 13, 2026, 17:33 IST
हाई कोर्ट जोधपुर
राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर बेंच के सॉफ्टवेयर सिस्टम में सेंध लगाकर 5 अहम याचिकाओं की फाइलें कॉजलिस्ट से डिलीट कर दी गईं। रजिस्ट्रार की शिकायत पर पुलिस ने साजिश और साइबर अपराध का मामला दर्ज किया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जोधपुर हाईकोर्ट की 5 याचिकाओं की फाइलें सिस्टम से गायब।
  • SOG मामलों से जुड़ी केस लिस्ट से याचिकाएं डिलीट की गईं।
  • 48 मिनट में हुआ कथित सिस्टम से छेड़छाड़ का मामला।
  • रजिस्ट्रार की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की।
  • साइबर अपराध और साजिश के एंगल से जांच शुरू।

राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ में एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। एसओजी की कार्रवाई से जुड़ी 5 याचिकाओं की फाइलें गायब कर दी गईं। आरोप है कि हाईकोर्ट के सॉफ्टवेयर सिस्टम में सेंध लगाकर इन केसों को कॉजलिस्ट से ही डिलीट कर दिया गया।



रजिस्ट्रार की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जस्टिस देवेंद्र सिंह भाटी की शिकायत पर जोधपुर के कुड़ी भगतासनी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



48 मिनट में हुआ पूरा फर्जीवाड़ा

शिकायत के अनुसार सबसे पहले 31 जुलाई की शाम 5:36 बजे वाद-सूची अनुभाग के न्यायिक सहायक दीपक बालानी की आईडी से 5 अगस्त की कॉजलिस्ट में कोर्ट संख्या 25 के लिए इन 5 याचिकाओं को क्रम संख्या 196 से 200 में शामिल किया गया था। इसका प्रिंट भी निकाला गया।



इसके ठीक 48 मिनट बाद, यानी उसी दिन शाम 6:24 बजे किसी अन्य कर्मचारी की आईडी का इस्तेमाल कर इन सभी 5 याचिकाओं को सिस्टम से डिलीट कर दिया गया। 4 अगस्त की शाम को जब संबंधित वकील ने केस लिस्ट में अपना मामला न मिलने पर पूछताछ की, तब यह फर्जीवाड़ा और फाइलें गायब होने का मामला उजागर हुआ।



5 अगस्त को सुनवाई के दिन फाइलें गायब होने और लिस्ट से नाम हटने के कारण हाईकोर्ट में इन मामलों पर सुनवाई नहीं हो सकी।



किन लोगों से जुड़ी थीं गायब फाइलें

गायब हुई फाइलें उन याचिकाओं से जुड़ी थीं, जो एसओजी (जयपुर) थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करने और क्लब कराने से संबंधित थीं। इनमें याचिकाकर्ता जोगेंद्र सिंह (हरियाणा), गणपत लाल (जालोर), दिनेश कुमार (जालोर), संगीता कड़वासरा (दिल्ली) और सुभाष चंद्रा (चूरू) शामिल हैं। इन सभी याचिकाकर्ताओं को अदालत से गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक मिली हुई थी।



शिकायत में यह भी सामने आया है कि इससे पहले 13 अक्टूबर 2025 को भी इन्हीं मामलों की दो फाइलें कोर्ट रूम से गायब कर दी गई थीं। उस समय पूरक सूची निकालकर केस को ड्रॉप करना पड़ा था।



साजिश, चोरी और साइबर अपराध का मामला दर्ज

रजिस्ट्रार न्यायिक की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ साजिश, चोरी और साइबर अपराध की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एसआई गिरधारी लाल पूरे सिस्टम लॉग्स और कर्मचारियों की संभावित भूमिका की गहनता से जांच कर रहे हैं।



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