सांवरिया सेठ मंदिर प्रसाद का ठेका दिलाने का झांसा, लेडी डॉन ने 2.45 करोड़ ठगे

Jageshwar prasad | Jun 30, 2026, 20:02 IST
लेडी डॉन सुमता विश्नोई ने कारोबारी से ठगे 2.45 करोड़
राजस्थान के जोधपुर की लेडी डॉन सुमता विश्नोई ने MP के हेड कॉन्स्टेबल राघव सिंह संग मिलकर मिठाई कारोबारी से 2.45 करोड़ रुपए ठगे। सांवरिया सेठ मंदिर में ठेका और हाईकोर्ट से जमानत का दिया झांसा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जोधपुर की सुमता विश्नोई ने मिठाई कारोबारी से ठगे 2.45 करोड़।
  • खुद को बताया लेडी डॉन, मांगे पैसे तो दी जान से मारने की धमकी।
  • मंदिर में प्रसाद का ठेका, हाईकोर्ट में जमानत, सब निकला झांसा।
  • नेताओं-जजों के नंबर सेव कर लोगों को करती रही गुमराह।
  • पहले से धोखाधड़ी का मुकदमा था, फिर भी प्लॉट के नाम पर ठगा।

जोधपुर की कथित लेडी डॉन सुमता विश्नोई ने मध्यप्रदेश के एक हेड कॉन्स्टेबल के साथ मिलकर निंबाहेड़ा के मिठाई कारोबारी पर्वत सिंह राजपुरोहित से 2 करोड़ 45 लाख रुपए की ठगी की।



आरोपियों ने सांवरिया सेठ मंदिर में लड्डू प्रसाद का ठेका दिलाने और एक रिश्तेदार की हाईकोर्ट से जमानत कराने का झांसा दिया था। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो सुमता ने धमकी दी कि वह उसकी जान ले लेगी। पीड़ित ने 21 जून को जोधपुर के बोरनाडा थाने में मामला दर्ज कराया।



हेड कॉन्स्टेबल से दोस्ती बनी ठगी का जरिया

पीड़ित पर्वत सिंह की निंबाहेड़ा में करीब 27 साल से मिठाई की दुकान है। कुछ साल पहले उनकी पहचान मध्यप्रदेश के नीमच जिले के मनासा थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल राघव सिंह राजपूत से हुई थी।



वह उनके रेस्टोरेंट में आता-जाता रहता था और धीरे-धीरे यह जान-पहचान दोस्ती में बदल गई। फरवरी 2025 में राघव सिंह ने निवेश और प्रॉपर्टी में फायदा दिलाने का भरोसा देकर पर्वत सिंह को जोधपुर लाकर सुमता विश्नोई से मिलवाया।



नेताओं को फोन करने का दिखावा

राघव सिंह ने दावा किया कि सुमता की बड़े अधिकारियों, नेताओं और हाईकोर्ट के जजों से अच्छी पहचान है और वह काम चुटकियों में करवा सकती है। पार्श्वनाथ कॉलोनी पाल बाइपास पर मुलाकात के दौरान सुमता ने अलग-अलग नेताओं को फोन करने का नाटक किया।



बाद में पता चला कि उसका एक मोबाइल नंबर ग्रुप था, जिसमें मंत्रियों, नेताओं और अधिकारियों के नाम से नंबर सेव कर रखे थे, ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके।



मंदिर ठेके के नाम पर डेढ़ करोड़ का निवेश

राघव सिंह ने बताया कि एक परिचित अधिकारी को चित्तौड़गढ़ का एसपी और सांवरिया सेठ मंदिर का अध्यक्ष बनाया जाना है। अगर पर्वत सिंह उनकी पोस्टिंग में आर्थिक मदद करें तो मंदिर का अध्यक्ष बनने पर लड्डू प्रसादी का ठेका उन्हें मिल सकता है।



साथ ही निवेश की रकम मुनाफे के साथ वापस मिलने का भरोसा भी दिया गया। इस झांसे में आकर पर्वत सिंह ने सुमता को निवेश के नाम पर 1 करोड़ 5 लाख रुपए नकद दिए, जो उसके बेटों मनीष और विनोद विश्नोई को सौंपे गए।



जमानत के नाम पर 1.40 करोड़ की ठगी

इसके बाद राघव सिंह, ईश्वर पाटीदार, हेमंत पाटीदार और मनासा थाने के हेड कॉन्स्टेबल प्रकाश सीनम पर्वत सिंह की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ईश्वर के रिश्तेदार अर्जुन का नाम 65 किलो अफीम मामले में आया है, जिसकी हाईकोर्ट से जमानत करानी है।



सुमता ने डेढ़ करोड़ रुपए में जमानत कराने का दावा किया। इस पर ईश्वर, हेमंत और विशाल पाटीदार ने पर्वत सिंह को 1 करोड़ 40 लाख रुपए नकद दिए, जो अप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताह में जोधपुर में सुमता के बेटों को सौंपे गए। गारंटी के तौर पर ईश्वर पाटीदार ने पर्वत सिंह से पांच खाली चेक भी ले लिए थे।



जमानत नहीं हुई, चेक बैंक से लौटे

जब जमानत नहीं हुई तो ईश्वर पाटीदार ने पांच में से तीन चेक 50 लाख, 60 लाख और 70 लाख रुपए के भरकर बैंक में लगा दिए। तीनों चेक बैंक से रिटर्न हो गए और पर्वत सिंह को इसके नोटिस मिले।



इसके बाद सुमता ने आश्वासन दिया कि हाईकोर्ट जज को पेमेंट कर दिया है, किसी कारणवश जमानत नहीं हो सकी, और वह पैसा वापस कर देगी। हेड कॉन्स्टेबल राघव सिंह ने भी पैसे वापस दिलाने का भरोसा दिलाया।



चेक देकर वापस ले लिया, नकद दिए 30 लाख

28 अगस्त को पर्वत सिंह फिर पैसे लेने सुमता के घर गए, जहां उसने उन्हें 30 लाख रुपए का चेक दिया। लेकिन जब वे निंबाहेड़ा पहुंचे तो सुमता ने फोन कर वापस बुलाया और चेक की जगह नकद देने को कहा।



चेक वापस लेकर उसने 30 लाख रुपए नकद दिए, जो पर्वत सिंह ने ईश्वर, हेमंत और विशाल को लौटा दिए। इसके बाद बकाया रकम के लिए कई बार मिन्नतें करने पर भी सुमता ने पैसा नहीं लौटाया।



पहले से धोखाधड़ी के मुकदमे वाला प्लॉट थमाया

3 अक्टूबर 2025 को पर्वत सिंह, ईश्वर, हेमंत और विशाल को साथ लेकर जोधपुर सुमता के घर पहुंचे। वहां सुमता ने पार्श्वनाथ सिटी का सी-45 प्लॉट देने की बात कही और 1 करोड़ 40 लाख रुपए के एवज में उसकी कीमत 80 लाख रुपए बताकर विशाल पाटीदार के नाम मुख्तारनामा कर दिया।



जब विशाल ने प्लॉट बेचने के लिए संपर्क किया तो पता चला कि उस प्लॉट को लेकर बोरानाडा थाने में सुमता के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज था।



जान से मारने की दी धमकी

जब पर्वत सिंह ने इस बारे में सुमता से बात की तो उसने जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि अब पैसा मांगा तो जान ले लेगी और उसका नाम सुमता डॉन है।



पीड़ित का कहना है कि सुमता कई बार उनके सामने ही बोरानाडा थाना SHO शकील अहमद से बात करती थी, जिससे उन्हें लगा कि पुलिस भी उनका साथ नहीं देगी।



पुलिस कमिश्नर के हस्तक्षेप पर दर्ज हुआ मामला

इसी डर से पीड़ित पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के पास पहुंचे और आवेदन दिया। कमिश्नर के आश्वासन के बाद थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।



एडीसीपी (ADCP) नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि सुमता, उसके दो बेटों और मध्यप्रदेश पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल समेत चार लोगों के खिलाफ 2 करोड़ 45 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।



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