जोधपुर उम्मेद हॉस्पिटल में 2 दिन में 5 प्रसूताएं गंभीर, तीन आईसीयू में

Ashish Bhardwaj | Jul 18, 2026, 15:19 IST
फिर प्रसूताओं की हालत गंभीर
राजस्थान में जोधपुर के उम्मेद हॉस्पिटल में 2 दिन के भीतर पांच प्रसूताओं की हालत बिगड़ी गई है। इनमें तीन प्रसूता आईसीयू में और एक वेंटिलेटर पर भर्ती हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जोधपुर उम्मेद अस्पताल में दो दिन में 5 प्रसूताएं भर्ती हुईं।
  • तीन महिलाएं आईसीयू में, एक मरीज वेंटिलेटर पर भर्ती।
  • कार्डियक प्रॉब्लम, ब्लीडिंग और प्लेटलेट्स कम होने से बिगड़ी तबीयत।
  • सभी मरीज अलग-अलग अस्पतालों से रेफर होकर उम्मेद अस्पताल पहुंचीं।
  • अस्पताल प्रशासन ने दवाओं में गड़बड़ी से इनकार किया, जांच के लिए तैयार।

राजस्थान के जोधपुर में एक बार फिर प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। उम्मेद अस्पताल में सिर्फ दो दिनों के भीतर पांच प्रसूताओं को भर्ती कराया गया है।



इनमें से तीन महिलाएं फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। वहीं एक महिला की हालत इतनी गंभीर है कि उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।



कार्डियक प्रॉब्लम के बीच हुई सिजेरियन डिलीवरी

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सरोज नाम की एक महिला को ओसियां से रेफर किया गया था। उसे पहले से कार्डियक यानी दिल से जुड़ी परेशानी थी।



इसी दौरान उसकी सिजेरियन डिलीवरी करानी पड़ी। फिलहाल सरोज वेंटिलेटर पर है। डॉक्टरों का कहना है कि हालत में सुधार होने पर उसकी एमआरआई (MRI – Magnetic Resonance Imaging) करवाई जाएगी।



ब्लीडिंग के चलते रेखा ऑक्सीजन सपोर्ट पर

रेखा नाम की महिला को पाली के एक निजी अस्पताल से रेफर किया गया था। उसे ब्लीडिंग यानी रक्तस्राव की गंभीर दिक्कत थी।



ब्लीडिंग ज्यादा होने पर उसे शुरुआत में वेंटिलेटर पर रखा गया था। अब वेंटिलेटर हटा दिया गया है और महिला फिलहाल ऑक्सीजन सपोर्ट पर है।



प्लेटलेट्स कम होने से भी बिगड़ी तबीयत

पूजा नाम की महिला को शेरगढ़ से उम्मेद अस्पताल लाया गया था। उसे भी ब्लीडिंग की समस्या के चलते आईसीयू में भर्ती किया गया है।



रोशनी नाम की महिला को नागौर के एक निजी अस्पताल से रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि वह बीपी यानी ब्लड प्रेशर की मरीज है।



इसके अलावा बज्जू नाम की एक अन्य महिला को जैतारण के निजी अस्पताल से रेफर किया गया था। उसकी प्लेटलेट्स काफी कम पाई गई थीं।



दवाओं में कोई गड़बड़ी नहीं

उम्मेद अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि सभी प्रसूताएं अलग-अलग सेंटर से रेफर होकर आई थीं।



डॉ. मकवाना के मुताबिक कुछ महिलाओं में कॉम्प्लिकेशन ज्यादा थी। उन्होंने बताया कि पाली से आई एक मरीज को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा था, जिसे बाद में हटा दिया गया।



उन्होंने कहा कि बाकी मरीजों की हालत में भी सुधार हो रहा है। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी को एक जैसी दवाई दी जा रही है, इसलिए मेडिसिन को लेकर कोई संशय नहीं है।



डॉ. मकवाना ने यह भी कहा कि अगर ऊपर से निर्देश मिलते हैं, तो मेडिसिन की जांच भी करवाई जा सकती है।



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