पाइपलाइन से जोजरी में बहाया गया औद्योगिक कचरा, SIT ने 5 को किया गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
- सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से पहले जोजरी प्रदूषण मामले में 5 गिरफ्तार।
- पहली बार ट्रस्ट चलाने वाले उद्योगपतियों की हुई गिरफ्तारी।
- सीईटीपी प्लांट के बाहर मिली थी अवैध बाइपास पाइपलाइन।
- अनुपचारित पानी सीधे नाले से जोजरी नदी में जा रहा था।
- एफआईआर में 18 से बढ़कर अब 23 हुए कुल आरोपी।
जोधपुर की जोजरी नदी में प्रदूषित पानी बहने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में 4 अगस्त को सुनवाई होनी है। इससे ठीक पहले जांच में जुटी एसआईटी (Special Investigation Team) ने बड़ी कार्रवाई की है।
रविवार को सीईटीपी (Common Effluent Treatment Plant) ट्रस्ट के चार पदाधिकारियों सहित एक सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया गया। यह पहला मौका है जब ट्रस्ट चलाने वाले उद्योगपतियों की गिरफ्तारी हुई है।
किसे-किसे किया गया गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए लोगों में सीईटीपी के प्रबंध निदेशक जसराज बोथरा, कार्यकारी निदेशक नीलेश संचेती और कोषाध्यक्ष सांग सिंह परिहार शामिल हैं।
इनके अलावा ट्रस्टी सुरेश खेमानी और सुपरवाइजर गोपाल को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
कैसे हुआ खुलासा
एसआईटी प्रभारी एडीसीपी (पूर्व) नरेंद्र सिंह देवड़ा के अनुसार यह गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित समिति की जांच के दौरान हुई। जांच में सीईटीपी प्लांट के बाहर एक अवैध बाइपास पाइपलाइन मिली थी। इसी को लेकर जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी दीपेंद्र झरवाल ने विवेक विहार थाने में मामला दर्ज कराया था।
जांच में सामने आया कि अनुपचारित औद्योगिक अपशिष्ट जल को अवैध पाइपलाइन के जरिए रीको (Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation) के नाले में छोड़ा जा रहा था। यह पानी आगे चलकर जोजरी नदी में जा रहा था। इसी गंभीर पर्यावरणीय गड़बड़ी के आधार पर पांचों को गिरफ्तार किया गया है।
सबूतों के आधार पर हुई कार्रवाई
जांच टीम को मौके से कई फोटोग्राफ, दस्तावेज और अन्य सबूत मिले थे। इन्हीं सबूतों के आधार पर यह सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अवैध पाइपलाइन डालने और उसके संचालन में सीधे तौर पर शामिल थे। इसी आधार पर पांचों की गिरफ्तारी हुई।
इनमें सुपरवाइजर गोपाल वह व्यक्ति है, जो मौके पर खड़े होकर पाइपलाइन डलवाने का ध्यान रखता था। जांच में यह जानकारी सामने आने के बाद उसे भी नामजद किया गया।
एफआईआर में अब 23 आरोपी
एसआईटी प्रभारी के अनुसार 30 मई को दर्ज एफआईआर (First Information Report) में शुरुआत में 18 आरोपी थे। लेकिन आगे की जांच के बाद अब कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें अशोक संचेती, जयंतीलाल जैन, जुगनू खान, नरेंद्र छाजेड़, वरुण धनाड़िया और पवन लोहिया सहित कई अन्य लोग शामिल हैं।
इसके अलावा परसमल धारीवाल, राकेश चोरड़िया, उमेश लीला, विनोद सिंघल, श्रीकांत शर्मा, जीएम शिंगवी, मनोहरलाल खत्री और परसमल संकलेचा को भी पहले नोटिस दिया जा चुका है। पुलिस अब इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट में 4 अगस्त को सुनवाई
जोजरी नदी में प्रदूषण का यह मामला लगातार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। 4 अगस्त को इस मामले पर अगली सुनवाई होनी है। इससे ठीक पहले हुई यह गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को दिखाती है।
पहले भी इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद ट्रस्ट निदेशकों ने सामूहिक इस्तीफा दिया था। उस समय राज्य सरकार के एक मंत्री ने भी कहा था कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त रुख अपनाए हुए है। अब गिरफ्तारियों के बाद देखना होगा कि 4 अगस्त की सुनवाई में अदालत का अगला रुख क्या रहता है।
ये भी पढ़ें:-
जोजरी नदी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार, जांच पर भी सवाल
जोजरी-लूनी नदी प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 306 फैक्ट्रियां होंगी बंद, दो अधिकारी सस्पेंड
जोजरी नदी : प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की राजस्थान सरकार को फटकार, 20 लाख प्रभावितों का हवाला
सुप्रीम कोर्ट का जोजरी नदी के प्रदूषण पर सख्त रुख, 50 गांवों के 16 लाख लोगों के जीवन पर संकट