जोजरी नदी : हनुमान बेनीवाल का बालोतरा कलेक्ट्रेट पर देर रात तक पड़ाव, तड़के हुआ समझौता, सरकार की नींद उड़ी
राजस्थान के बालोतरा कलेक्ट्रेट के रविवार देर रात हुए घेराव ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को देर रात आंदोलनकारियों से बातचीत करके धरना खत्म करवाना पड़ा।
रात को कलेक्ट्रेट क्यों पहुंचे आंदोलनकारी
असल में राजस्थान के बालोतरा जिले के डोली गांव में रविवार को गंदे पानी की समस्या को लेकर रालोपा द्वारा जोजरी बचाओ महारैली का आयोजन किया गया था। रैली का नेतृत्व सांसद हनुमान बेनीवाल ने किया और इसमें हजारों लोग शामिल हुए। रैली के दौरान प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारी देर रात कलेक्ट्रेट पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।
रैली का समय और घटनाक्रम
बेनीवाल और उनके समर्थक रैली के बाद रविवार देर रात बालोतरा के कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए थे। करीब 2 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां भी सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए और सरकार से गंद पानी की समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई।
प्रशासन के साथ वार्ता और सहमति
सूचना मिलने के बाद कलेक्टर सुशील कुमार यादव और एसपी रमेश कुमार मौके पर पहुंचे। लगभग आधे घंटे चली वार्ता के बाद रालोपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस वार्ता में सहमति बनी कि फिलहाल गंदे पानी को रोक दिया जाएगा। स्थायी समाधान के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।
जोजरी आंदोलन का विस्तार
सांसद हनुमान बेनीवाल ने सभा में कहा कि अगर बाड़मेर-बालोतरा के नेता सक्रिय होते तो उन्हें रात 4 बजे खेतों में रुकने की नौबत नहीं आती। जोजरी आंदोलन अब समूची राज्य की जनता का आंदोलन बन चुका है। डोली-अराबा-कल्याणपुर क्षेत्र को गंदे पानी से पूरी तरह मुक्त करवाना जरूरी है।
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कांग्रेस पर निष्क्रियता का आरोप
बेनीवाल ने कांग्रेस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जोजरी नदी और अन्य नदियों के सुधार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सो रही है, जबकि आरएलपी जनहित के लिए लगातार लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बाड़मेर-बालोतरा आरएलपी का गढ़ है और यहां के लोग परेशान नहीं होने दिए जाएंगे।
राजस्थान की जोजरी नदी के प्रदूषित होने से एक बड़े इलाके की जनता बहुत परेशान है। आरएलपी महारैली ने इस समस्या की तरफ ध्यान आकर्षित किया है। औद्योगिक कचरे की समस्या का निराकरण आवश्यक है,ताकि जल प्रदूषण का प्रभाव घातक न हो।
FAQ
- 1.जोजरी नदी के प्रदूषण का क्या असर हो रहा है?
जोजरी नदी में औद्योगिक कचरे की वजह से पानी प्रदूषित हो गया है, जिससे फसलें नष्ट हो रही हैं और लोग विभिन्न बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, जैसे त्वचा, खांसी और सांस की समस्याएं। - 2.रालोपा की महारैली का उद्देश्य क्या था?
रालोपा की महारैली का मुख्य उद्देश्य डोली गांव में गंदे पानी की समस्या का समाधान करवाना था। सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की। - 3.जोजरी आंदोलन कब तक चलेगा?
जोजरी आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक डोली-अराबा-कल्याणपुर क्षेत्र को गंदे पानी से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिल जाती।
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