राजस्थान में गायब हुए आईजी कालूराम रावत, पुलिस ने जारी किया नोटिस

Ashish Bhardwaj | May 02, 2026, 12:54 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के आईजी कालूराम रावत अपनी ड्यूटी से साढ़े तीन माह से गायब हैं। वे फिलहाल पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग शाखा में अधिकारी है। उनसे लगातार संपर्क न होने के बाद रिकॉल नोटिस जारी किया गया।

News In Short

  • आईजी कालूराम रावत साढ़े तीन माह से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ब्रांच में ड्यूटी से गायब हैं।
  • जनवरी में बुखार के कारण रावत ने ऑफिस न आने की सूचना दी, लेकिन इसके बाद संपर्क नहीं हो पाया।
  • पुलिस मुख्यालय ने रिकॉल नोटिस जारी कर रावत को उपस्थिति देने का आदेश दिया।
  • कालूराम रावत के गायब होने पर उनके जूनियर अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है।
  • अब तक रावत ने न पुराने पद से रिलीव होने के बाद ऑफिस जॉइन किया, न ही नए पद पर।

News In Detail

राजस्थान पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ब्रांच के आईजी कालूराम रावत साढ़े तीन महीने से ड्यूटी से गायब हैं। उन्हें जनवरी में कार्यालय नहीं आने की सूचना दी थी। लेकिन इसके बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। उनके गायब होने के कारण अधिकारियों के बीच में चर्चा बढ़ गई और अंततः पुलिस मुख्यालय ने उन्हें रिकॉल नोटिस जारी किया है।



प्रमोशन के बाद आईजी का पद संभालने में असमर्थता

कालूराम रावत जुलाई 2025 में पुलिस हाउसिंग के डीआईजी के पद पर तैनात हुए थे। प्रमोशन के बाद वह आईजी के पद पर पहुंचे। उनके लिए यह नया पद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ब्रांच में था, लेकिन 12 जनवरी से लेकर अब तक वह ऑफिस में नहीं आए। उस दिन उन्होंने अपने बॉस एडीजी (हाउसिंग) भूपेन्द्र साहू को एक मैसेज भेजा था कि वह बुखार के कारण कार्यालय नहीं आ सकेंगे। इसके बाद उनका तबादला 23 फरवरी को आईजी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के पद पर किया गया।



हो सकती है कार्रवाई

आईजी रावत ने न तो पुराने पद से रिलीव किया है और ना ही नए पद पर जोइनिंग की है। लम्बा समय निकलने के बाद भी ना ही उनकी तरफ से कोई भी जानकारी दी गई है। इस पर एडीजी (सिविल राइट्स और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) लता मनोज ने इस बारे में डीजीपी ऑफिस को सूचना दी, तो कार्मिक शाखा ने उन्हें रिकॉल नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया था कि रावत को उपस्थिति देना जरूरी है, वरना उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।



हमेशा दी है सूचना

कालूराम रावत हमेशा पहले जब भी ऑफिस नहीं आए, उन्होंने इसकी सूचना दी थी। 9 सितंबर से 24 अक्टूबर 2024 तक वह मेडिकल लीव पर थे, फिर 26 अक्टूबर से 10 नवम्बर तक पीएल पर रहे। लेकिन इस बार 12 जनवरी को उन्होंने केवल एक दिन का मैसेज भेजा था, और इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया।



जूनियर अफसरों की जांच

आईजी रावत के गायब होने के बाद, उनके सीनियर अधिकारियों से ज्यादा उनके साथ पहले काम कर चुके जूनियर अफसर इस मामले की जांच में जुटे हैं। हालांकि, कोई भी यह स्पष्ट रूप से नहीं कह रहा कि उन्हें आईजी रावत से क्या काम था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति को लेकर जांच जारी है।



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