खाटूश्यामजी में वीआईपी दर्शन अब आसान नहीं: प्रोटोकॉल वालों को ही मिलेगी अनुमति, जानें डिटेल
समझें क्या है पूरा मामला
- सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था बदली।
- अब सिर्फ प्रोटोकॉल वालों को ही मंदिर में वीआईपी दर्शन होंगे।
- QR कोड दिखाने पर ही मिलेगी मंदिर में एंट्री मिलेगी।
- राजभवन-मंत्रियों की सिफारिश पर बाबा के VIP दर्शन।
- लपका गिरोह की ठगी रोकने को भी बदली व्यवस्था।
- हर दर्शन करने वाले को आधार कार्ड लाना होगा साथ।
सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। अब सिर्फ प्रोटोकॉल वालों को ही वीआईपी दर्शन मिलेंगे। इसके लिए राजभवन, मंत्रियों या सचिवालय की सिफारिश भी जरूरी होगी। इसके बाद क्यूआर कोड जनरेट होगा। वीआईपी दर्शन व्यवस्था में यह बदलाव अगले दो दिन में लागू हो जाएगा।
अब खाटूश्याम मंदिर में सिर्फ प्रोटोकॉल वालों को VIP दर्शन
खाटूश्यामजी मंदिर में अब केवल प्रोटोकॉल वालों को ही वीआईपी दर्शन होंगे। सिफारिश के बाद क्यूआर कोड जनरेट होगा, जिसे दिखाने के बाद ही मंदिर के भीतर एंट्री मिलेगी। जो लोग प्रोटोकॉल से वीआईपी दर्शन करने आ रहे हैं तो उन्हें अपना आधार कार्ड भी साथ लाना होगा।
ठगी की घटनाओं के बाद दर्शन व्यवस्था में बदलाव
सीकर के प्रसिद्ध खाटू श्यामजीमें हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। कई बार ऐसे मामले सामने आए, जब वीआईपी दर्शनों के नाम पर लपका गिरोह ने लोगों से पैसे ठग लिए।
वीआईपी दर्शन के नाम पर मारपीट और धक्का-मुक्की जैसी घटनाएं भी अतीत में हुई हैं। इसी को देखते हुए मंदिर कमेटी, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था में यह बदलाव किया।
वीआईपी दर्शन की सिफारिश अथॉरिटी को भेजनी होगी
अगर किसी को खाटू वाले श्याम बाबामंदिर में वीआईपी दर्शन करने होंगे, तो उन्हें राजस्थान या अन्य किसी राज्य के गवर्नर हाउस, केंद्रीय मंत्री कार्यालय या सचिवालय में बैठने वाले अफसर के लेटरपैड पर नाम लिखकर मंदिर कमेटी, एसपी, जिला कलेक्टर या डिस्ट्रिक्ट जज को भेजनी होगी।
बाबा पार्किंग के पास बंद होगा VIP गेट
यह व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर परिसर के पास बाबा पार्किंग का VIP गेट भी पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। प्रोटोकॉल में जो लोग दर्शन करने आएंगे, उन्हें एक दूसरे रास्ते से मंदिर में लाया जाएगा। इसके बाद उसी रास्ते से निकासी होगी।
वीआईपी दर्शन की नई व्यवस्था कैसे काम करेगी
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए व्हाट्सऐप बॉट बनाया गया है, जो सिफारिश या लेटरपैड आएगा, उसे क्रॉसचेक करने के बाद दर्शन करने वाले लोगों की डिटेल व्हाट्सऐप बॉट में डाली जाएगी। इसके बाद QR कोड जनरेट होगा, जो लेटरपैड भेजने वाले को भेजा जाएगा। साथ ही दर्शन का टाइम स्लॉट भी बताया जाएगा।
खाटूश्यामजी मंदिर में प्रवेश के लिए आधार और QR कोड जरूरी
VIP दर्शन करने जितने लोग आएंगे, उन्हें साथ में अपना आधार कार्ड लाना होगा। जब वे मंदिर में प्रवेश करेंगे, तो उन्हें गेट पर वह QR कोड दिखाना होगा। इसके बाद सभी की जांच करके मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
यह नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरा रिकॉर्ड मेंटेन होगा। इससे यह भी जानकारी रहेगी कि किसकी सिफारिश से कितने दर्शन हुए हैं।
FAQ
- सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में VIP दर्शन की व्यवस्था में क्या बदलाव हुआ?
अब VIP दर्शन के लिए राजभवन, मंत्रियों, सचिवालय या कलेक्ट्रेट की सिफारिश जरूरी होगी। सिफारिश के बाद क्यूआर कोड जनरेट होगा, जिसे दिखाकर ही मंदिर में एंट्री मिलेगी। - खाटूश्यामजी मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए यह बदलाव क्यों किया गया?
VIP दर्शनों के नाम पर गिरोह द्वारा ठगी और मारपीट की घटनाएं सामने आई थीं। इसी को रोकने के लिए मंदिर कमेटी, पुलिस और प्रशासन ने यह नई व्यवस्था लागू की है। - मंदिर में दर्शन के लिए क्यूआर कोड कैसे मिलेगा और कैसे काम करेगा?
सिफारिश या लेटरपैड की जांच के बाद दर्शनार्थियों की डिटेल व्हाट्सऐप बॉट में डाली जाएगी। इसके बाद QR कोड जनरेट होकर लेटरपैड भेजने वाले को मिलेगा। साथ ही दर्शन का समय स्लॉट भी बताया जाएगा।
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