RAS भर्ती पर डोटासरा परिवार पर बाबा का लेटर बम, नंबर बढ़वाने के आरोप

Ashish Bhardwaj | Jun 23, 2026, 20:41 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार पर RAS भर्ती को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। किरोड़ी ने सीएम को पत्र लिखकर इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग की है।

ऐसे समझें पूरा मामला

  • कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने आरएएस भर्ती को लेकर डोटासरा परिवार पर गंभीर आरोप लगाए।
  • पत्र के अनुसार आएएस इंटरव्यू में डोटासरा के बेटे को 85 अंक देकर कराया पास।
  • मीणा का आरोप-नियमों को ताक पर रखकर डोटासरा के समधी और बेटे ने उठाया क्रीमीलेयर आरक्षण का गलत लाभ।
  • पूर्व सदस्यों के बयानों का हवाला देकर इंटरव्यू बोर्ड पर चहेतों को ज्यादा नंबर देने के लिए दबाव बनाने का दावा।
  • किरोड़ी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसकी निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।

राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) भर्ती परीक्षा 2016 और 2018 राजनीति के केंद्र में आ गई है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और उनके परिजनों पर चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करवाकर जांच की मांग की है।



इंटरव्यू के अंकों पर उठे सवाल

शिकायत के मुख्य केंद्र में डोटासरा के पुत्र अविनाश सिंह का चयन है। मंत्री किरोड़ी का आरोप है कि मुख्य परीक्षा में 343 अंक पाने वाले अविनाश को साक्षात्कार में 85 अंक देकर अकाउंट्स सर्विस में सिलेक्ट कराया गया।



पत्र के अनुसार एक अन्य उम्मीदवार गरिमा जिंदल ने मुख्य परीक्षा में सर्वाधिक 425 अंक प्राप्त किए थे। लेकिन उन्हें साक्षात्कार में महज 25 अंक देकर चयन से बाहर कर दिया गया। यह विसंगति भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है।





ओबीसी आरक्षण और क्रीमीलेयर का उल्लंघन

डॉ.किरोड़ी का आरोप है कि अविनाश का ओबीसी प्रमाण पत्र फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनवाया गया। इसके अलावा डोटासरा के समधी और पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पूनिया के परिवार पर भी क्रीमीलेयर नियमों को ताक पर रखने के गंभीर आरोप हैं।



दावा है कि रमेश चंद्र पूनिया निर्धारित समय सीमा से पहले ही प्रधानाध्यापक बन गए थे। इस कारण उनकी संतानें ओबीसी आरक्षण के दायरे में नहीं आती। इसके बावजूद पूनिया की पुत्री प्रतिभा पूनिया का आरएएस 2016 में तथा पुत्र गौरव पूनिया और पुत्री प्रभा पूनिया का आरएएस 2018 में चयन ओबीसी आरक्षण का लाभ से हुआ।



दबाव और जांच की मांग

शिकायत में पूर्व आरपीएससी सदस्यों बाबूलाल कटारा और रामूराम राईका के बयानों का जिक्र करते हुए यह कहा गया है कि इंटरव्यू में अभ्यर्थियों को अधिक अंक दिलाने के लिए दबाव डाला गया था।



इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर डॉ.मीणा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे 318(4), 316(4), 338 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।



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