कोटा कांग्रेस की कार्यकारिणी विवादों में, उपाध्यक्ष जेल में बंद, दागी महासचिव
समझें क्या है पूरा मामला
- कोटा कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में जेल में बंद कार्यकर्ता को बनाया उपाध्यक्ष।
- दागी नेता को सौंपी महासचिव की कमान, 6-7 आपराधिक मामलों का है आरोपी।
- शहर अध्यक्ष राखी गौतम बोलीं- नाम वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश पर भेजे गए।
- देवा भड़क वन विभाग पर हमले के आरोप में जेल, फिर भी मिला उपाध्यक्ष का पद।
- नगर निगम चुनाव से पहले 32 सदस्यीय टीम, सोशल इंजीनियरिंग का रखा ध्यान।
कोटा शहर कांग्रेस की 32 सदस्यीय नई कार्यकारिणी के एलान के साथ विवाद खड़ा हो गया है। नई टीम में जिलाध्यक्ष राखी गौतम समेत 32 कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है।
देवा भड़क को उपाध्यक्ष बनाया गया है। वह वन विभाग की टीम पर हमले के आरोप में जेल में बंद है। पूर्व पार्षद बलविंदर सिंह बिल्लू को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बल्लू के खिलाफ 6-7 मामले दर्ज हैं।
राजस्थान कांग्रेस के संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अनुमोदन के बाद नई कार्यकारिणी की घोषणा की।
आपराधिक रिकॉर्ड वाले पदाधिकारी
नई कार्यकारिणी में दो कार्यकर्ताओं के खिलाफ संगीन धाराओं में मामले दर्ज होने के बावजूद उन्हें पदाधिकारी बनाया गया है। देवा भड़क (गुर्जर) को उपाध्यक्ष बनाया गया है। वह फिलहाल राजकार्य में बाधा पहुंचाने और वन विभाग की टीम पर हमला करने के आरोप में जेल में बंद है। वह रानपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर रह चुका है।
पूर्व पार्षद बलविंदर सिंह बिल्लू को महासचिव बनाया गया है। उनके खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध मिट्टी खनन, गैर-इरादतन मानव हत्या का प्रयास, विधानसभा चुनाव के दौरान मारपीट, एससी-एसटी एक्ट तथा कोरोना काल में रैली निकालने सहित 6-7 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शहर अध्यक्ष का बयान
शहर अध्यक्ष राखी गौतम से जब सवाल पूछा गया कि आपराधिक प्रवृत्ति के कार्यकर्ताओं को शामिल करने से पार्टी की छवि खराब नहीं होगी, तो उन्होंने कहा, मैं क्या कहूं, वरिष्ठ नेता ही जानें।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नाम उन्होंने नहीं भेजे, बल्कि वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश पर बनाए गए हैं।
नई कार्यकारिणी की संरचना
नई टीम में पांच उपाध्यक्ष, सात महासचिव और 15 सचिव बनाए गए हैं। जिलाध्यक्ष राखी गौतम समेत तीन महिलाएं टीम में शामिल हैं। पहले सवा सौ से अधिक कार्यकर्ताओं की जंबो कार्यकारिणी थी, जिसे अब घटाकर 32 सदस्यीय कर दिया गया है।
पार्टी ने निगम चुनाव के मद्देनजर सोशल इंजीनियरिंग का ध्यान रखा है। हालांकि, कार्यकारिणी में कई वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिली है, जिससे भी नाराजगी है।
ये भी पढ़ें:-
राजस्थान कांग्रेस में बड़ा विवाद, डोटासरा के तंज पर गहलोत की सफाई
ब्रांडिंग मुबारक! डोटासरा का गहलोत पर करारा तंज, गुटबाजी फिर से उभरी
किरोड़ी को नार्को टेस्ट कराने की चुनौती, 500 करोड़ के घोटाले का आरोप
कांग्रेस का नया फॉर्मूला, निकाय और पंचायतीराज चुनाव में 50% टिकट युवाओं को