Kota Maternal Death: टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा, कहा- प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर
राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कोटा में प्रसूताओं की मौतों के मामले को उठाते हुए चिंता व्यक्त की। जूली ने कहा कि सरकार लोगों की मौत की जिम्मेदारी से बच रही है। उन्होंने जांच समितियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और जवाबदेही तय करने की मांग की।
जूली ने मैटरनल डेथ पर जताया दुख
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकार के सुशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की नाकामी है।
राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं और मुख्यमंत्री भजनलाल जी सत्ता के अहंकार में मदमस्त होकर अपनी सरकार की नाकामियों पर पर्दा डालने में व्यस्त हैं!कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने से प्रसूता रेशमा और अनीता बैरवा की मौत अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। ये मौतें भाजपा सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रशासनिक विफलता और खोखले सुशासन के दावों पर करारा तमाचा हैं।प्रदेश में प्रसूताओं की लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार बेशर्मी और संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर चुकी है! हद तो तब हो गई, जब कोटा में निलंबित तीन डॉक्टरों को पांच महीने बाद बहाल कर दिया गया और जांच समितियों को कोई दोषी ही नहीं मिला। इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। ऐसा लगता है सत्ता के अहंकार में इस सरकार की संवेदनाएं ही मर चुकी हैं!मुख्यमंत्री भजनलाल जी, आखिर यह कैसा अंधेरराज चल रहा है? प्रदेश में प्रसूताओं की मौतों के बाद भी कोई जवाबदेह नहीं, कोई दोषी ही नहीं है, तो इन माताओं-बहनों की मौत का जिम्मेदार कौन है? आखिर कब तक माताओं-बहनों की मौतों पर जांच समितियों की आड़ लेकर भाजपा सरकार अपनी नाकामियां छिपाती रहेगी? कब तक भाजपा जिम्मेदारी तय करने के बजाय जवाबदेही से मुंह छुपाती रहेगी?सत्ता की कुर्सी पर बैठकर सुशासन के झूठे ढोल पीटने वाले मुख्यमंत्री जी, आपकी सरकार के सुशासन के दावे प्रदेश की जनता के साथ क्रूर मजाक हैं। आपकी सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक नाकामी ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर दिया है!
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) October 17, 2026
डॉक्टरों की बहाली पर हमला
जबकि जांच समितियों को कोई दोषी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है। अगर जांच में कोई दोषी नहीं मिला तो मौत कैसे हुई। यह सवाल हर किसी के मन में है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूछा सवाल
उन्होंने पूछा कि सरकार कब तक जांच समितियों के पीछे छिपकर अपनी नाकामियों से बचती रहेगी। जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक नाकामी ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर दिया है।
सुशासन के दावों पर सवाल
उन्होंने कहा कि प्रसूताओं की मौत जैसी गंभीर घटनाओं में जवाबदेही तय करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो लोगों का भरोसा टूटेगा। यह चिंता का विषय है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार को जवाब देना होगा। अब देखना जरूरी है कि सरकार इस पर क्या कार्रवाई करती है। मामला संवेदनशील है और लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं।
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