कोटा नगर निकाय आरक्षण: OBC महिला होगी मेयर, सुल्तानपुर SC ओपन के लिए रिजर्व

Saurabh Mishra | Aug 13, 2026, 14:40 IST
कोटा चुनाव
जयपुर में निकाय चुनाव के लिए गुरुवार को आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी हुई। कोटा में इस बार एक ही नगर निगम है। यहां मेयर पद OBC महिला के लिए आरक्षित किया गया है।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • जयपुर में नगर निकाय चुनाव को लेकर महापौर-अध्यक्ष के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली गई
    • कोटा नगर निगम इस बार OBC महिला वर्ग के लिए रिजर्व हुआ है।
    • जिले की पांच नगर पालिकाओं का आरक्षण भी तय हो चुका है।
    • परिसीमन के बाद अब निगम में सिर्फ 100 वार्ड बचे हैं।
    • पहले यह संख्या 150 थी। कुल 15.29 लाख मतदाता 2559 जनप्रतिनिधियों को चुनेंगे।

    राजस्थान के जयपुर में नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली गई। कोटा में परिसीमन के बाद एक ही नगर निगम है। इस बार के आरक्षण में यहां का मेयर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ। इसका मतलब कोटा में OBC वर्ग की महिला ही महापौर बनेगी।



    इसके अलावा कोटा जिले की नगर पालिकाओं में भी आरक्षण की पूरी तस्वीर साफ हो गई। नई बनी सुल्तानपुर नगर पालिका की सीट अनुसूचित जाति ओपन, जबकि सुकेत नगर पालिका OBC ओपन के लिए आरक्षित हुई। वहीं, इटावा नगर पालिका की सीट अनारक्षित महिला (महिला जनरल) के लिए तय की गई है। पिछली बार इटावा ओबीसी महिला सीट थी।



    कोटा मेयर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित

    रामगंजमंडी नगर पालिका में सीट पहले भी अनारक्षित ओपन थी। इस बार भी यहां अनारक्षित ओपन सीट ही रही है। सांगोद में पहले अनारक्षित महिला सीट थी। इस बार सांगोद अनारक्षित ओपन हो गई है। कोटा में पहले दो अलग नगर निगम हुआ करते थे। पिछली बार दोनों निगमों में कांग्रेस का बोर्ड बना था। उस समय कोटा उत्तर SC महिला के लिए रिजर्व थी।



    लॉटरी के बाद निकायों की स्थिति

    निकायइस बार रिजर्वपिछली बार रिजर्व
    कोटा नगर निगमOBC महिलापहले दो निगम थे, इस बार एक किया
    इटावाअनारक्षित महिलाOBC महिला
    रामगंजमंडीअनारक्षित ओपनअनारक्षित ओपन
    सांगोदअनारक्षित ओपनअनारक्षित महिला
    सुकेतOBC ओपननई बनी है
    सुल्तानपुरSC ओपननई बनी है

    15.29 लाख मतदाता करेंगे निकाय चुनाव में मतदान

    कोटा जिले में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों का बिगुल बज चुका है। इसके साथ ही राजनीतिक हलचल भी चरम पर पहुंच गई है। जिले भर में गांव और शहर, दोनों जगह नई सरकार बनेगी। इसके लिए कुल 15.29 लाख मतदाता अपने वोट डालेंगे। यह मतदाता कुल 2,559 जनप्रतिनिधियों को चुनेंगे। इतनी बड़ी संख्या इस चुनाव के दायरे को दिखाती है।



    नए परिसीमन के बाद कोटा में कुल 100 वार्ड

    कोटा नगर निगम का कार्यकाल दिसंबर 2025 में पूरा हुआ था। इस बार निगम पूरी तरह नए स्वरूप में चुनाव लड़ रहा है। पहले कोटा उत्तर में 70 वार्ड थे। कोटा दक्षिण में 80 वार्ड हुआ करते थे। दोनों को मिलाकर पहले कुल 150 पार्षद चुने जाते थे। अब दोनों निगमों का मर्जर हो चुका है। नए परिसीमन में सिर्फ 100 वार्ड ही रखे गए हैं। सीधे 50 पार्षद पद कम हो गए हैं। इससे टिकट पाने की होड़ बेहद कड़ी हो गई है।



    कोटा में निकाय चुनाव के लिए 721 मतदान केंद्र बनेंगे

    कोटा नगर निगम के 100 वार्डों के लिए 721 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। यहां मेयर और डिप्टी मेयर सहित 100 पार्षद चुने जाएंगे। इसके अलावा जिले की पांच नगर पालिकाओं में भी वोटिंग होगी। इनमें रामगंजमंडी, सुकेत, सांगोद, इटावा और सुल्तानपुर शामिल हैं। इन पांचों जगह अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित 160 वार्ड पार्षद चुने जाएंगे।



    कोटा के अब तक के महापौर

    कोटा में अब तक कई महापौर बन चुके हैं। हर बार अलग-अलग वर्ग को आरक्षण मिला है।



    नामवर्गकार्यकालपार्टी
    सुमन शृंगीसामान्य महिला1994-99भाजपा
    ईश्वरलाल साहूओबीसी पुरुष1999-2004भाजपा
    मोहनलाल महावरएससी पुरुष2004-09भाजपा
    डॉ. रत्ना जैनसामान्य महिला2009-14कांग्रेस
    महेश विजयसामान्य पुरुष2014-19भाजपा
    राजीव अग्रवालसामान्य पुरुष2020-25कांग्रेस
    मंजू मेहराएससी महिला2020-2025कांग्रेस

    पिछले कार्यकाल यानी 2020-25 में कोटा में दो निगम एक साथ चले थे। इसलिए उस दौर में दो महापौर एक साथ रहे। राजीव अग्रवाल और मंजू मेहरा, दोनों उसी कार्यकाल के हैं।



    चेचट-सुल्तानपुर में पहली बार होंगे निकाय चुनाव

    इस बार के चुनाव में सबसे बड़ा आकर्षण दो नई जगहें हैं। पहली है नवगठित पंचायत समिति चेचट। दूसरी है नई नगर पालिका सुल्तानपुर। दोनों जगहों को हाल ही में यह दर्जा मिला है। इसलिए यहां पहली बार स्थानीय निकाय स्तर पर मतदान होगा। यह इलाके के लोगों के लिए ऐतिहासिक मौका है।



    गांवों में भी चुनावी प्रक्रिया बड़े स्तर पर होगी। जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख का चुनाव होगा। इसके साथ 25 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। 6 प्रधान और 6 उप प्रधान का चुनाव भी होगा। इसके अलावा 118 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे। 210 सरपंच और 210 उप सरपंच भी चुने जाएंगे। सबसे ज्यादा 1,946 वार्ड पंचों का चुनाव होगा। इतने बड़े पैमाने पर चुनाव जिले में पहली बार हो रहा है।



    FAQ

    1. कोटा नगर निगम में इस बार महापौर पद किस वर्ग के लिए रिजर्व हुआ?
      कोटा नगर निगम इस बार OBC महिला वर्ग के लिए रिजर्व हुआ। पिछली बार यहां दो अलग निगम थे, जिन्हें अब मिलाकर एक कर दिया गया है।
    2. कोटा नगर निगम में अब कुल कितने वार्ड और पार्षद होंगे?
      नए परिसीमन के बाद कोटा नगर निगम में अब सिर्फ 100 वार्ड हैं। पहले यह संख्या 150 थी। सीधे 50 पार्षद पद कम होने से टिकट की प्रतिस्पर्धा बढ़ गई ।
    3. चेचट और सुल्तानपुर में चुनाव क्यों खास है?
      चेचट को नई पंचायत समिति और सुल्तानपुर को नई नगर पालिका का दर्जा मिला है। इसलिए यहां पहली बार स्थानीय निकाय स्तर पर मतदान हो रहा।

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