जोधपुर नगर निगम मेयर पद रहेगा सामान्य वर्ग के लिए, घटकर हुए अब 100 वार्ड

Ashish Bhardwaj | Aug 13, 2026, 13:16 IST
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जोधपुर चुनाव
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राजस्थान के जयपुर में निकली निकाय चुनाव आरक्षण लॉटरी में जोधपुर संभाग की 23 सीटें सामान्य वर्ग के लिए तय हुईं। जोधपुर नगर निगम मेयर पद सामान्य वर्ग में रहेगा। जोधपुर में अब 160 की जगह 100 वार्ड होंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान निकाय चुनाव के लिए आरक्षण लॉटरी जारी।
  • जोधपुर संभाग की 23 सीटें सामान्य वर्ग के लिए रिजर्व रहेंगी।
  • OBC के लिए 8 और SC वर्ग के लिए 10 सीटें आरक्षित की गईं।
  • जोधपुर नगर निगम मेयर पद सामान्य वर्ग के लिए रहेगा।
  • प्रदेश में 60 निकाय प्रमुख पद OBC, 50 SC और 11 ST के लिए आरक्षित।
निकाय चुनाव को लेकर जयपुर में आरक्षण की लॉटरी निकाली गई है। इसमें जोधपुर संभाग की 23 सीटें सामान्य वर्ग के लिए रिजर्व रहेंगी। इनमें से आबूरोड, पाली, बाली, पोकरण, गुढ़ामालाणी, पीपाड़ शहर, सिरोही और तखतगढ़ सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। जोधपुर नगर निगम की मेयर सीट भी सामान्य वर्ग के लिए रहेगी।

जोधपुर संभाग में OBC और SC सीटों का हाल

जोधपुर संभाग में ओबीसी (OBC ) कैटेगरी के लिए कुल 8 सीटें रिजर्व की गई हैं। इनमें से तीन सीटें ओबीसी महिला वर्ग के लिए हैं।

बालेसर, रानी खुर्द, बालोतरा, जसोल, भोपालगढ़, आहोर, खुडाला फालना और बिलाड़ा की सीटें ओबीसी वर्ग के लिए तय हुई हैं। इनमें से जसोल, बालेसर और खुडाला फालना महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। बाकी बची सीटें सामान्य वर्ग के लिए रहेंगी।

एससी (SC) वर्ग के लिए कुल 10 सीटें रिजर्व की गई हैं। इनमें सायला, मारवाड़ जंक्शन, मंडार, धोरीमन्ना, मथानिया, तिंवरी, सिंधधारी, समदड़ी, सोजत रोड और बाप शामिल हैं। इनमें से मथानिया, धोरीमन्ना और बाप नगरपालिका की सीटें एससी महिला वर्ग के लिए रिजर्व रहेंगी।

4 नई नगर पालिकाओं में पहली बार चुनाव

जोधपुर जिले की चार नगर पालिकाओं भोपालगढ़, मथानिया, तिंवरी और बालेसर में इस बार पहली बार निकाय चुनाव होंगे। इन नगर पालिकाओं को हाल ही में पंचायत से क्रमोन्नत कर नगर पालिका बनाया गया है। इसी वजह से इनमें पहली बार अध्यक्ष पद और वार्डों के लिए आरक्षण श्रेणी तय हुई है।

जोधपुर में अब 160 की जगह 100 वार्ड

इससे पहले जोधपुर नगर निगम दो हिस्सों में बंटा हुआ था। नगर निगम उत्तर और दक्षिण। दोनों को मिलाकर कुल 160 वार्ड थे। उत्तर से कांग्रेस की कुंती देवड़ा और दक्षिण से भाजपा की वनीता सेठ मेयर बनी थीं।

हाल ही में दोनों नगर निगम को खत्म कर एक ही निगम बना दिया गया। इसके बाद अब शहर में कुल 100 वार्ड हैं।

परिसीमन में शामिल हुए नए इलाके

वार्डों के नए परिसीमन में लूणी विधानसभा क्षेत्र का कुछ हिस्सा शामिल किया गया है। इसके साथ ही एक राजस्व गांव पाल (पूर्व) का हिस्सा भी इसमें जोड़ा गया है।

इन 100 वार्डों में वार्ड नंबर 87 मतदाताओं के लिहाज से सबसे बड़ा है, जहां 13 हजार से ज्यादा वोटर हैं। वहीं वार्ड नंबर 10 सबसे छोटा है, जहां करीब 4 हजार वोटर हैं। इस वार्ड में राजस्व गांव पाल (पूर्व) का हिस्सा भी शामिल है।

बिलाड़ा और पिपाड़ सिटी का पुराना रिकॉर्ड

जोधपुर जिले में नगर निगम के अलावा बिलाड़ा और पिपाड़ सिटी नगर पालिका पहले से मौजूद थीं। पिछले चुनाव में बिलाड़ा नगर पालिका में अध्यक्ष पद सामान्य पुरुष वर्ग के लिए आरक्षित था, लेकिन वहां से ओबीसी वर्ग का अध्यक्ष चुना गया था। वहीं पिपाड़ सिटी की सीट ओबीसी महिला वर्ग के लिए रिजर्व थी।

अब जोधपुर जिले में नगर निगम के अलावा कुल 6 नगर पालिकाएं हैं। इनमें भोपालगढ़, बालेसर, तिंवरी और मथानिया को हाल ही में पंचायत से क्रमोन्नत कर नगर पालिका का दर्जा दिया गया है।

प्रदेशभर में यह रहा आरक्षण का फॉर्मूला

राज्य में कुल 309 शहरी निकाय हैं। इनमें से 60 निकाय प्रमुखों के पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं 50 निकायों में एससी और 11 निकायों में एसटी (ST – Scheduled Tribe) वर्ग के लिए निकाय प्रमुख का पद आरक्षित हुआ है।

आरक्षण प्रक्रिया में महिलाओं के लिए भी तय प्रावधान लागू होंगे। यानी एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित निकायों में भी महिला आरक्षण का प्रावधान रहेगा। इसके अलावा सामान्य वर्ग में भी महिला आरक्षण के तहत निकाय प्रमुख के पद तय किए जाएंगे।

सीट आरक्षण का क्या मतलब होता है

अनारक्षित ओपन सीटों पर सामान्य वर्ग के अलावा किसी भी वर्ग का महिला या पुरुष प्रत्याशी बन सकता है। अनारक्षित महिला सीटों पर सामान्य वर्ग के अलावा किसी भी वर्ग की महिला प्रत्याशी बन सकती है।

ओबीसी ओपन सीटों पर ओबीसी वर्ग से पुरुष या महिला कोई भी प्रत्याशी बन सकता है, जबकि ओबीसी महिला सीटें सिर्फ ओबीसी महिलाओं के लिए ही होती हैं। इसी तरह एससी ओपन सीटों पर अनुसूचित जाति से कोई भी प्रत्याशी बन सकता है, जबकि एससी महिला सीटें सिर्फ अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं।

एसटी ओपन सीटों पर अनुसूचित जनजाति से पुरुष या महिला कोई भी प्रत्याशी बन सकता है, वहीं एसटी महिला सीटें केवल अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए ही रिजर्व होती हैं।

FAQ

  1. जोधपुर नगर निगम मेयर पद किस वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है?
    जोधपुर नगर निगम की मेयर सीट इस बार सामान्य वर्ग के लिए रहेगी।
  2. जोधपुर संभाग में कितनी सीटें ओबीसी और एससी वर्ग के लिए आरक्षित हुई हैं?
    जोधपुर संभाग में 8 सीटें ओबीसी वर्ग के लिए और 10 सीटें एससी वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं।
  3. जोधपुर जिले की किन नगर पालिकाओं में पहली बार चुनाव होंगे?
    भोपालगढ़, मथानिया, तिंवरी और बालेसर नगर पालिकाओं में इस बार पहली बार निकाय चुनाव होंगे, क्योंकि इन्हें हाल ही में पंचायत से नगर पालिका बनाया गया है।

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