समझें क्या है पूरा मामला
- RCA चुनाव से पराक्रम सिंह ने नाम वापस लिया।
- पराक्रम ने बृजकिशोर उपाध्याय को दिया समर्थन।
- पवन दिलावर भी चुनावी मैदान से हटे।
- RCA चुनाव में 29 सितंबर को वोटिंग होगी।
- कुमावत ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी RCA के चुनाव में सोमवार को बड़ा मोड़ आया। चुनाव में पराक्रम सिंह ने अपने गुट के साथ नामांकन वापस ले लिया है। वे पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर भी उपाध्यक्ष पद से हट चुके हैं। पराक्रम ने अब बृजकिशोर उपाध्याय को समर्थन दे दिया है। वोटिंग 29 सितंबर को होगी।
पराक्रम ने क्यों वापस लिया नाम
पराक्रम सिंह ने साफ कहा कि उन्होंने किसी दबाव में नाम वापस नहीं लिया। उन्होंने बृजकिशोर उपाध्याय को अपना समर्थन भी दे दिया है। पराक्रम खुद आरसीए अध्यक्ष बनना चाहते थे। उनके साथियों ने भी अलग-अलग पदों के लिए नामांकन भरे थे। पराक्रम के मुताबिक सरकार के स्तर पर अलग फैसला हुआ।
32 वोटों के समर्थन का दावा
पराक्रम के मुताबिक चुनाव लड़ने के फैसले के समय उनके पास 32 वोट थे। उनका कहना है कि संख्या बल में उनका गुट मजबूत था। इसी वजह से उनका पीछे हटना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला रहा। इतने समर्थन के दावे के बाद नाम वापसी को बड़ा संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक रस्साकशी और बदलते समर्थन ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।
सरकार के फैसले का समर्थन
पराक्रम के मुताबिक सरकार ने बृजकिशोर उपाध्याय को अध्यक्ष बनाने का निर्णय लिया। उपाध्याय के साथियों को छह सदस्यीय कार्यकारिणी में जगह देने का फैसला भी हुआ। पराक्रम ने इस फैसले का समर्थन किया। फिर उन्होंने अपने गुट के साथ नामांकन वापस ले लिया। हालांकि उनके गुट के एक सदस्य अभी मैदान में हैं। धर्मवीर शेखावत कार्यकारी सदस्य पद के लिए उतरे थे। उन्होंने अभी तक नाम वापस नहीं लिया है।
पार्टी के खिलाफ नहीं जाएंगे
पराक्रम सिंह ने अपने फैसले को संस्कारों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उनके संस्कार पार्टी के खिलाफ जाने की इजाजत नहीं देते। इसलिए उन्होंने उपाध्याय के नेतृत्व में नाम वापस लेने का निर्णय किया। पराक्रम ने उपाध्याय पर पूरा भरोसा भी जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद ही नहीं, पूरा विश्वास है। उनके मुताबिक उपाध्याय RCA के लिए अच्छा काम करेंगे।
मैदान में बचे नेता पुत्र
पराक्रम और पवन के हटने के बाद भी कई नेता पुत्र चुनाव लड़ रहे हैं। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं। सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी कोषाध्यक्ष पद पर लड़ रहे हैं। मोहित यादव भी चुनाव मैदान में हैं। वे भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे हैं। मोहित सचिव और उपाध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं।
कुमावत के गंभीर आरोप
दीनदयाल कुमावत RCA एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर रहे हैं। उन्होंने भी अध्यक्ष पद से नामांकन वापस ले लिया है। लेकिन उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कुमावत का आरोप है कि चुनाव अधिकारी गड़बड़ी कर रहे हैं। उनके मुताबिक कुछ जिलों को सस्पेंड किया गया था। यह फैसला एनुअल जनरल मीटिंग में हुआ था। कुमावत का दावा है कि ऐसे जिलों को भी वोटिंग का अधिकार दे दिया गया। उन्होंने इसे पूरी तरह नियमों के खिलाफ बताया।
सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी
कुमावत ने कहा कि वे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे। उनका दावा है कि यह चुनाव नियमों और लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव रद्द करवाकर ही दम लेंगे। इन आरोपों पर चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
29 सितंबर को होगी वोटिंग
RCA चुनाव के लिए 29 सितंबर को मतदान होगा। वोटिंग सुबह 11.30 बजे शुरू होगी। यह दोपहर 1.30 बजे तक चलेगी। इसके बाद मतगणना होगी और नतीजे घोषित होंगे।
पिछली बार निर्विरोध चुने गए थे वैभव
दिसंबर 2022 में वैभव गहलोत RCA के अध्यक्ष बने थे। वे पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे हैं। वैभव तब निर्विरोध चुने गए थे। फरवरी 2024 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।