राजस्थान में ग्रीन हाऊस योजना से किसानों को मिल रहा 70% अनुदान, खेती अब होगी अधिक लाभप्रद

Jageshwar prasad | Sept 26, 2026, 15:28 IST
Share
ग्रीन हाऊस योजना: 70% तक अनुदान, कम जगह में कमाई
ग्रीन हाऊस योजना से बढ़ाएं इनकम

राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए ग्रीन हाऊस योजना शुरू की है, जिससे संरक्षित खेती को बढ़ावा मिल रहा है। इस योजना के तहत किसान नियंत्रित वातावरण में ज्यादा उपज वाली फसलें उगाकर बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं। सरकार किसानों को 70 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवा रही है, जिससे लागत कम होती है। आवेदन प्रक्रिया सरल है और किसान ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

राजस्थान के किसानों के लिए खेती अब केवल मौसम के भरोसे नहीं रही। बढ़ती गर्मी, अनियमित बारिश और कीटों के प्रकोप के बीच संरक्षित खेती (Protected Farming) एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।

इसी दिशा में राजस्थान सरकार ग्रीन हाऊस योजना चला रही है, जिसके तहत किसान नियंत्रित वातावरण में सब्जियों, फूलों और फलों की खेती करके अधिक आमदनी कमा सकते हैं। सरकार इसके लिए 70 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है, जिससे किसानों को आधुनिक संरचना लगाने में बड़ी राहत मिलती है।

ग्रीन हाऊस योजना से जुड़े सभी सवालों के जवाब

इस योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि जलवायुवीय कारक तापक्रम, आर्द्रता व सूर्य के प्रकाश को नियंत्रित करके सब्जियों, फूलों व फलों आदि उद्यानिकी फसलों की खेती कर अधिक आमदनी अर्जित करने में किसानों की मदद करना है। ग्रीन हाऊस में फसलें मौसम की मार से सुरक्षित रहती हैं और पूरे साल खेती संभव होती है ।

किसानों को कितने प्रतिशत अनुदान मिलता है?

अनुदान की राशि किसान की श्रेणी पर निर्भर करती है:

किसान श्रेणीअनुदान प्रतिशत
सामान्य श्रेणी50%
लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति70%
इसके अतिरिक्त अधिसूचित जनजाति क्षेत्र के कृषकों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान देय है ।

राजस्थान सरकार की फव्वारा संयंत्र योजना से किसानों को 75% अनुदान और बेहतर सिंचाई का लाभ
26 Sept 2026 ,
By Jageshwar prasad
राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए फव्वारा संयंत्र योजना शुरू की है जो सिंचाई में दक्षता बढ़ाती है। इस योजना के तहत किसानों को उनके निवेश पर 75 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को विशेष शर्तों को पूरा करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है और किसानों के लिए सुलभ है।
राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए फव्वारा संयंत्र योजना शुरू की है जो सिंचाई में दक्षता बढ़ाती है। इस योजना के तहत किसानों को उनके निवेश पर 75 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को विशेष शर्तों को पूरा करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है और किसानों के लिए सुलभ है।

अधिकतम कितने क्षेत्रफल तक अनुदान मिल सकता है?

अधिकतम 4000 वर्गमीटर क्षेत्र के लिए अनुदान देय है। अनुदान की गणना निर्धारित इकाई लागत या विभाग द्वारा अनुमोदित फर्मों की दरों में से जो भी कम हो, उसके आधार पर की जाती है ।

योजना के लिए पात्रता क्या है?

इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • आवेदक के पास कृषि योग्य भू-स्वामित्व होना आवश्यक है।
  • किसान के पास सिंचाई स्त्रोत (कुआं, नलकूप, बोरवेल आदि) होना आवश्यक है।
राजस्थान सरकार की खेत तलाई योजना: बारिश का पानी सहेजें, सिंचाई करें और पाएं 1.35 लाख तक अनुदान
26 Sept 2026 ,
By Jageshwar prasad
राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए खेत तलाई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसान अपने खेतों में तालाब बनाकर वर्षा का पानी संचित कर सकते हैं। राज्य सरकार अनुदान देकर किसानों की आर्थिक कठिनाईयों को कम करने में मदद कर रही है। किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन है, जिससे सभी लाभान्वित हो सकते हैं।
राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए खेत तलाई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसान अपने खेतों में तालाब बनाकर वर्षा का पानी संचित कर सकते हैं। राज्य सरकार अनुदान देकर किसानों की आर्थिक कठिनाईयों को कम करने में मदद कर रही है। किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन है, जिससे सभी लाभान्वित हो सकते हैं।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन की प्रक्रिया सरल है:

  1. नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएं।
  2. राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से जन आधार संख्या के जरिए आवेदन करें।
  3. आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।
  4. आवेदन जमा करें।
चयन प्रक्रिया: पात्र आवेदनों का चयन पहले आओ-पहले पाओ और जरूरत पड़ने पर लॉटरी प्रणाली के आधार पर किया जाता है, इसलिए समय पर आवेदन करना जरूरी है।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं:

दस्तावेजविवरण
जमाबंदी नकल6 माह से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए
आधार कार्ड / जनाधार कार्डपहचान और पते के लिए
मिट्टी व पानी की जांच रिपोर्टकृषि विभाग द्वारा मान्य प्रयोगशाला से
अनुमोदित फर्म का कोटेशनविभाग द्वारा अनुमोदित फर्म से
सिंचाई स्त्रोत का प्रमाणबिजली बिल या पंप सेट से संबंधित
श्रेणी प्रमाण पत्रलघु, सीमांत, SC, ST किसानों के लिए

निर्माण कब शुरू किया जा सकता है?

ग्रीन हाऊस का निर्माण उद्यान विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति/कार्यादेश जारी किए जाने के बाद ही प्रारंभ किया जा सकेगा। स्वीकृति से पहले कोई भी निर्माण कार्य शुरू न करें ।

निर्माण के बाद क्या प्रक्रिया है?

निर्माण पूरा होने के बाद गठित कमेटी द्वारा सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में संरचना सही पाए जाने पर अनुदान राशि जारी की जाती है ।

अनुदान राशि कैसे मिलेगी?

अनुदान राशि का भुगतान सीधे कृषक के बैंक खाते में या कृषक की लिखित सहमति के आधार पर निर्माता फर्म को किया जाता है। यह राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है ।

ग्रीन हाऊस में कौन-सी फसलें उगाई जा सकती हैं?

ग्रीन हाऊस में मुख्य रूप से उच्च मूल्य वाली फसलें उगाई जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सब्जियां: टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा
  • फल: स्ट्रॉबेरी
  • फूल: गुलाब, जरबेरा
इन फसलों की बाजार में लगातार मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को स्थायी और अच्छी आय प्राप्त होती है ।

ग्रीन हाऊस खेती के क्या लाभ हैं?

ग्रीन हाऊस में खेती करने से किसानों को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं:

  • मौसम पर निर्भरता कम: फसलें गर्मी, ठंड, बारिश, ओलावृष्टि से सुरक्षित रहती हैं।
  • पूरे साल खेती: बेमौसमी फसलें उगाकर बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं।
  • कीट-रोग नियंत्रण: नियंत्रित वातावरण में कीट और बीमारियों का असर कम होता है।
  • पानी की बचत: सिंचाई में पानी की खपत कम होती है।
  • गुणवत्ता में सुधार: फसलों की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिससे निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ती हैं ।

अधिक जानकारी के लिए कहां संपर्क करें?

अधिक जानकारी के लिए किसान निम्नलिखित स्तरों पर संपर्क कर सकते हैं:

स्तरसंपर्क
ऑनलाइनराज किसान साथी पोर्टल
नजदीकी केंद्रई-मित्र केंद्र
विभागसंबंधित उद्यान विभाग कार्यालय

सारांश तालिका

विवरणजानकारी
योजना का नामग्रीन हाऊस योजना
उद्देश्यनियंत्रित वातावरण में उद्यानिकी फसलों की खेती से अधिक आमदनी
अनुदान (सामान्य)50%
अनुदान (लघु/सीमांत/SC/ST)70%
अतिरिक्त अनुदानअधिसूचित जनजाति क्षेत्र के कृषकों को 25% अतिरिक्त
अधिकतम क्षेत्रफल4000 वर्गमीटर
पात्रताकृषि योग्य भू-स्वामित्व एवं सिंचाई स्त्रोत
आवेदन माध्यमई-मित्र केंद्र / राज किसान साथी पोर्टल
आवश्यक दस्तावेजजमाबंदी नकल, आधार/जनाधार कार्ड, मिट्टी-पानी जांच रिपोर्ट, फर्म का कोटेशन
अनुदान वितरणसीधे किसान के बैंक खाते में (DBT)
वैधताचालू वित्तीय वर्ष
सुझाव: यदि आपके पास कृषि योग्य भूमि और सिंचाई स्त्रोत है, तो इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं। आवेदन करने से पहले मिट्टी-पानी की जांच रिपोर्ट और अनुमोदित फर्म का कोटेशन तैयार रखें। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय या ई-मित्र केंद्र से संपर्क करें।
Tags:
  • राजस्थान सरकार
  • ग्रीन हाऊस योजना
  • नियंत्रित वातावरण में ज्यादा उपज
  • 70 प्रतिशत तक अनुदान
  • आवेदन प्रक्रिया
  • किसान ई-मित्र केंद्र
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google