कूनो का चीता 18 दिन बाद फिर राजस्थान सीमा में घुसा, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट

thesootr Desk | Apr 15, 2026, 16:13 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क का केपी-2 चीता 18 दिन बाद फिर से राजस्थान पहुंच गया। उसे कोटा जिले के धनवा इलाके में देखा गया है। वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है और हर हरकत पर नजर रख रहा है।

News In Short

  • कूनो का चीता केपी-2 18 दिन बाद फिर राजस्थान पहुंचा।
  • केपी-2 ने पार्वती नदी पार कर कोटा जिले में प्रवेश किया।
  • वन विभाग के टीमें कोटा में चीते की निगरानी कर रही हैं।
  • केपी-2 इससे पहले फरवरी में राजस्थान में घूम चुका था।
  • अब राजस्थान में केपी-2 और केपी-3 दोनों चीते सैर कर रहे हैं।

News In Detail

Kota: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीतों का राजस्थान आना अब एक आम बात हो गई है। लेकिन जिस चीते को पिछले महीने ट्रैंकुलाइज करके वापस कूनो भेजा गया था, वह सिर्फ 18 दिन में ही फिर से राजस्थान की सीमा में दस्तक दे गया। यहां बात हो रही है केपी-2 चीते की, जिसने मंगलवार को मध्य प्रदेश से कोटा जिले में प्रवेश किया। अब कोटा और कूनो दोनों की टीमें उसकी हर हरकत पर नजर रख रही हैं।



पार की पार्वती नदी, फिर धनवा इलाके में पहुंचा

जानकारी के मुताबिक केपी-2 चीता सुबह करीब 9 बजे कोटा जिले के छापोल गांव के नजदीक पार्वती नदी पार करके राजस्थान में दाखिल हुआ। इससे पहले यह मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में पार्वती नदी के पार घूम रहा था। एक बार राजस्थान में आते ही उसने धनवा इलाके की तरफ रुख कर लिया और वहां अपनी सैर जारी रखी।



कोटा जिले के खातौली रेंज के रेंजर मुकेश सुमन ने बताया, सुबह कूनो सेंचुरी की टीम ने हमें लोकेशन भेज दी थी। हमने तुरंत अपनी टीम के साथ वहां पहुंचकर मॉनिटरिंग शुरू कर दी। चीता चंबल नदी के किनारे घूम रहा था। बाद में कूनो से भी टीम आ गई, अब दोनों मिलकर निगरानी कर रहे हैं।



इंसानी बस्ती से दूर

रेंजर मुकेश सुमन ने कहा कि चंबल नदी के किनारे आबादी वाला इलाका नहीं है, इसलिए फिलहाल चीता किसी इंसानी बस्ती के पास नहीं है। वह आराम कर रहा है और उसने अब तक कोई शिकार भी नहीं किया है। हालांकि, वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है और हर हरकत पर नजर रखी जा रही है।



55 दिन पहले भी राजस्थान आया

यह पहली बार नहीं है जब केपी-2 ने राजस्थान में घूमने का मन बना हो। दरअसल, यह चीता 55 दिन पहले भी राजस्थान आया था। फरवरी महीने में केपी-2 पहली बार बारां जिले में दाखिल हुआ और वहां करीब 45 दिन तक घूमता रहा। 19 मार्च को उसने कोटा जिले की सीमा में कदम रखा और चंबल के किनारे-किनारे सैर करने लगा। उसकी मूवमेंट अयाना, इटावा और सुलतानपुर इलाके में तेज हो गई थी।



आखिरकार 27 मार्च को पीपल्दा समेल गांव के पास कूनो की टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज (बेहोश) करके पकड़ा और वापस कूनो ले गई।अब जब उसे वापस लाए हुए सिर्फ 18 दिन ही हुए थे कि केपी-2 फिर से राजस्थान की ओर भाग निकला। यानी महज 18 दिन में उसने दूसरी बार सीमा लांघ ली।



केपी-3 भी राजस्थान में

अकेले केपी-2 ही नहीं, बल्कि एक और चीता केपी-3 भी पिछले एक माह से ज्यादा समय से राजस्थान के बारां जिले में डेरा डाले हुए है। वन विभाग की टीमें उसकी भी लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। मतलब, राजस्थान में अब दो अफ्रीकी चीते एक साथ सैर कर रहे हैं।



ये भी पढ़ें:-

कूनो से निकला चीता डेढ़ महीने से राजस्थान में, अब कोटा में मूवमेंट मिला



मध्य प्रदेश से राजस्थान पहुंचे दो चीते, एनटीसीए ने की इंटर-स्टेट चीता कॉरिडोर की पैरवी



कूनो से आया चीता : राजस्थान में बना ली अपनी टेरिटरी, मध्य प्रदेश अपना चीता फिर वापस ले गया



कूनो नेशनल पार्क का चीता भटक कर राजस्थान आया, तीन दिन से नहीं किया हैं कोई शिकार



Tags:
  • राजस्थान
  • कूनो नेशनल पार्क
  • कोटा
  • कूनो
  • पार्वती नदी