सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित लक्षित ने लेटे-लेटे पढ़ाई कर हासिल किए 100% अंक, होल्ड पर था रिजल्ट
News In Short
- सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित उदयपुर के लक्षित परमार ने 10वीं की परीक्षा में हासिल किए 100% अंक।
- RBSE ने लक्षित का रिजल्ट गुरुवार दोपहर जारी किया, उनका रिजल्ट होल्ड पर था।
- उन्होंने ऑनलाइन रिसोर्सेस और किताबों के जरिए रोजाना 3 से 4 घंटे खुद ही पढाई की।
- लक्षित के पिता उन्हें रोज़ाना गोद में उठाकर स्कूल लेकर जाते थे।
- लक्षित का सपना UPSC परीक्षा पास कर कलेक्टर बनने का है।
News In Detail
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं के नतीजों में उदयपुर के लक्षित परमार मिसाल बनकर उभरे हैं। RBSE ने लक्षित का रिजल्ट गुरुवार दोपहर जारी किया। उसका रिजल्ट होल्ड पर था। 18 वर्षीय लक्षित सेरेब्रल पाल्सी नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके कारण उनके हाथ-पैर काम नहीं करते।
खुद का नाम तक लिखने में असमर्थ लक्षित ने दिव्यांग कैटेगरी में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। बोर्ड के नियमों के तहत उन्हें परीक्षा के लिए एक 'राइटर' (Scribe) दिया गया था, जिसने लक्षित के बोले हुए उत्तरों को उत्तरपुस्तिका में दर्ज किया।
पिता की गोद में गए स्कूल और लेटे-लेटे की पढ़ाई
लक्षित की शारीरिक स्थिति ऐसी है कि वह अपनी मर्जी से हिल भी नहीं सकते और ज्यादा देर तक बैठना उनके लिए मुमकिन नहीं है। उनके पिता दिनेश कुमार परमार उन्हें रोजाना गोद में उठाकर स्कूल लेकर जाते थे।
लक्षित ने अपनी पूरी पढ़ाई लेटे-लेटे ही पूरी की है। उन्होंने ऑनलाइन रिसोर्सेस और किताबों के जरिए रोजाना 3 से 4 घंटे खुद ही पढाई की है। लक्षित का कहना है कि दिक्कतें सभी के जीवन में आती हैं, लेकिन हमें बाधाओं के बजाय खुद के फोकस पर ध्यान देना चाहिए।
तानों से लेकर तालियों तक का सफर
लक्षित के पिता दिनेश भावुक होकर बताते हैं कि एक समय था जब रिश्तेदार लक्षित की क्षमताओं पर संदेह करते थे। आज वही लोग फोन करके बधाइयां दे रहे हैं। लक्षित की मां रेखा और छोटी बहनें हमेशा उनके मूवमेंट और दैनिक कार्यों में मदद करती हैं।
कलेक्टर बनने का सपना और किताबों से प्रेम
लक्षित का सपना केवल बोर्ड टॉप करना नहीं है, बल्कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (UPSC) में जाना चाहते हैं और कलेक्टर बनकर भारत की सेवा करना चाहते हैं। उन्हें दर्शनशास्त्र और विज्ञान में गहरी रुचि है।
इसके अलावा, लक्षित को 'एटॉमिक हैबिट्स' और 'डीप वर्क' जैसे वैश्विक बेस्टसेलर उपन्यासों को पढ़ने का शौक है। उनकी क्लास टीचर निर्मला सालवी के अनुसार, लक्षित एक अत्यंत जिज्ञासु छात्र हैं जो जटिल विषयों को भी एक बार में समझ लेते हैं।
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