मंत्री ने किया महिला शिक्षक का मोबाइल चेक, कांग्रेस बोली- किसने दिया अधिकार
समझें क्या है पूरा मामला
- शिक्षा मंत्री ने स्कूल निरीक्षण में महिला शिक्षक का मोबाइल देखा, विवाद।
- कांग्रेस ने उठाए सवाल- किसने दिया मोबाइल चेक करने का अधिकार।
- दिलावर बोले- विभागीय आदेश देखे, मोबाइल चेक नहीं किया।
- मंत्री ने पलटवार किया - विपक्ष ने मानसिक दिवालियापन बताया।
- शिक्षा में बदलाव से असहज है विपक्ष, दिलावर ने साधा निशाना।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जयपुर में स्कूल निरीक्षण के दौरान एक महिला शिक्षक का मोबाइल चेक करने पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इसे निजता के अधिकार का हनन बताते हुए सवाल उठाए हैं और शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा है।
वहीं, दिलावर ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षिका के मोबाइल पर विभागीय आदेश देखे थे। दोनों पक्षों ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी की है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, शिक्षा मंत्री मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं। इसका एक और रूप देखिए। आखिर शिक्षा मंत्री को किसी भी शिक्षिका का मोबाइल चेक करने का अधिकार किसने दिया? ये केवल निजता का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा का भी प्रश्न है।
कांग्रेस ने आगे कहा कि शिक्षा मंत्री को शिक्षकों के मोबाइल नहीं, अपनी नाकामियों की फाइल चेक करनी चाहिए। उन्होंने कहा, असली सच्चाई वहीं मिलेगी।
दिलावर का पलटवार
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने एक्स पर जवाब देते हुए लिखा, शिक्षिका के मोबाइल में विभागीय आदेश देखना, विपक्ष ने मोबाइल चेक करना बता दिया। यह विपक्ष के राजनीतिक दिवालियापन का साफ प्रमाण है। सत्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना विपक्ष की राजनीति हो सकती है, लेकिन इससे तथ्य कभी नहीं बदलते।
दिलावर ने स्पष्ट किया कि विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से विभागीय कार्यों, ऑनलाइन पोर्टल, आदेशों और डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी लेना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित शिक्षिका ने स्वयं अपने मोबाइल पर विभागीय आदेश दिखाए थे। इसे मोबाइल चेक करना बताना गलत है।
शिक्षा में बदलाव को लेकर बयान
दिलावर ने कहा कि राजस्थान आज शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। विद्यालयों में गुणवत्ता, नवाचार, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। उन्होंने कहा कि यही सकारात्मक परिवर्तन विपक्ष को असहज कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि झूठ और भ्रम फैलाकर विकास की गति नहीं रोकी जा सकती। जनता सच्चाई जानती है और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के हर प्रयास के साथ मजबूती से खड़ी है।
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