देश में अनिवार्य वोटिंग पर कानून बनाने का प्रस्ताव नहीं, सरकार का संसद में आया जवाब
News In Short
- देश में अनिवार्य वोटिंग का कानन बनाने का सरकार का प्रस्ताव नहीं।
- मंत्री ने कहा, 14 देशों में वोटिंग अनिवार्य, लेकिन वे भी अब ढील दे रहे
- जयपुर की सांसद मंजू शर्मा ने इस पर लोकसभा में पूछा था सवाल।
- कानून मंत्री का जवाब, अनिवार्य वोटिंग पर ऐसा कोई कानून नहीं बनेगा
- विधि आयोग ने 2015 में की थी अनिवार्य मतदान की सिफारिश।
News In Detail
केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में फिलहाल मतदान को अनिवार्य करने के लिए कानून नहीं बनाया जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने बताया कि देश में अनिवार्य मतदान लागू करने के लिए कानून बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। भाजपा लोकसभा सांसद मंजू शर्मा के सवाल के जवाब में लोकसभा में कानून मंत्री ने यह जानकारी साझा की। उल्लेखनीय है कि भारतीय विधि आयोग भी 2015 में अपनी 255वीं रिपोर्ट में देश में अनिवार्य मतदान लागू नहीं करने की सिफारिश कर चुका है।
इन देशों में अनिवार्य मतदान
कानून मंत्री के जवाब में बताया है कि विधि आयोग ने अपनी 255वीं रिपोर्ट में 28 देशों में अनिवार्य मतदान होने का उल्लेख किया था। वास्तविक रुप से अनिवार्य मतदान वाले देशों की संख्या इससे कम है।
जानकारी के अनुसार करीब 14 देश में ही अनिवार्य मतदान लागू है। विधि आयोग के अनुसार इनमें बेल्जियम, लिकटेस्टीन, लक्जमबर्ग, नाउरु और स्विट्जरलैंड का एक कैंटन जैसे कई छोटे देश शामिल हैं। साथ ही ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, इक्वाडोर, सिंगापुर, पेरू, उरुग्वे जैसे अन्य देश भी इस सूची में शामिल हैं।
जिन देशों में अनिवार्य वोटिंग वो भी प्रावधानों में छूट दे रहे
कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल के जवाब के अनुसार जिन देशों में अनिवार्य मतदान लागू है, वहां भी अब सख्त प्रावधानों से बचा जा रहा है। जवाब में कहा है कि ऐसे कोई संकेत भी नहीं है कि दुनिया में दूसरे देश उक्त 28 देशों के समान अपने यहां अनिवार्य मतदान लागू करने को प्रेरित हो रहे हों। इटली 1993 और नीदरलैंड 1967 में अनिवार्य मतदान को समाप्त कर चुके हैं। लिकटेंस्टीन और ग्रीस अनिवार्य मतदान के सख्त प्रावधानों में ढील दे रहे हैं।
मतदान कम होने पर अनिवार्य वोटिंग की मांग
देश में मतदान कम होने पर कई नेता और एक्सपर्ट अनिवार्य मतदान का कानून लागू करने की मांग कर चुके हैं। इसके लिए कई सांसदों ने संसद में प्राइवेट बिल भी पेश किए हैं, लेकिन राजनीतिक दलों का समर्थन नहीं मिलने पर कुछ नहीं हुआ। अनिवार्य मतदान लागू करने की पैरवी करने वाले मतदान नहीं करने वालों को सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का प्रावधान लागू करने की बात करते रहे हैं। लेकिन, केंद्र के जवाब के बाद फिलहाल तो अनिवार्य मतदान को लेकर बहस पर विराम लग गया है।
राजस्थान में बढ़ रहा है वोटिंग प्रतिशत
राजस्थान विधानसभा चुनावों में वोटिंग प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। साल 2003 के विधानसभा चुनावों में 67.18 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में करीब 75 प्रतिशत लोगों ने वोट किया। 2008 के विधानसभा चुनावों में 66.25 प्रतिशत, 2013 के विधानसभा चुनावों में 75.04 प्रतिशत और 2018 में 74.11 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे।
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