लेक्चरर परीक्षा फर्जी डिग्री मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 15 हिरासत में

Jageshwar prasad | Jul 21, 2026, 13:31 IST
फर्जी डिग्री मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर गिरफ्तार
फर्जी डिग्री मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर सुशील शर्मा गिरफ्तार। जमानत याचिका खारिज होने के बाद किया सरेंडर। RPSC ने 2022 में हिंदी स्कूल लेक्चरर परीक्षा कराई थी आयोजित।

समझें क्या है पूरा मामला

  • फर्जी डिग्री मामला, मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर गिरफ्तार।
  • अग्रिम जमानत खारिज होने पर कोर्ट में किया सरेंडर, SOG ने लिया हिरासत में।
  • हिंदी स्कूल लेक्चरर भर्ती में दो अभ्यर्थियों ने लगाई थी फर्जी MA डिग्री।
  • अब तक 15 गिरफ्तार, RPSC ने 2022 में करवाया था परीक्षा का आयोजन।
  • SOG ने कोर्ट में पेश की गिरफ्तारी की मांग, आरोपी को परिसर से दबोचा।

राजस्थान लोक सेवा आयोग की हिंदी स्कूल लेक्चरर भर्ती में फर्जी डिग्री का चर्चित मामला सामने आया था। इसी मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।



सोमवार को आरोपी ने अपर जिला एवं सेशन न्यायालय में समर्पण किया था। उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद यह कार्रवाई हुई।



कैसे हुई गिरफ्तारी?

अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने और न्यायालय के आदेश की पालना में आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद SOG (Special Operations Group) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सुशील कुमार शर्मा उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं।



उनके खिलाफ अजमेर के सिविल लाइंस थाने में आयोग की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। शर्मा के न्यायालय में समर्पण की सूचना मिलते ही अपर लोक अभियोजक शशि प्रकाश इंदोरिया ने अनुसंधान अधिकारी को सूचना दी। अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई हैं।



SOG ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश करते हुए आगे की जांच की जरूरत बताई। इसी आधार पर आरोपी शर्मा को अदालत परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी इस पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।



कैसे शुरू हुआ था पूरा मामला?

यह मामला RPSC (Rajasthan Public Service Commission) के वरिष्ठ उप सचिव अजय सिंह चौहान की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया गया कि आयोग ने 2022 में हिंदी स्कूल लेक्चरर परीक्षा आयोजित की थी।



आरोप है कि इस परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म में कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी डिग्रियां लगाई थीं। यह डिग्रियां मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार, चित्तौड़गढ़ की एमए (MA – Master of Arts) की बताई गई हैं, जो जांच में फर्जी पाई गईं।



परीक्षा और अभ्यर्थियों का विवरण

15 अक्टूबर 2022 को हिंदी स्कूल लेक्चरर परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई थी। पहली पारी सुबह 9 बजे से साढ़े 10 बजे तक सामान्य ज्ञान की थी। दूसरी पारी दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक हिंदी विषय की परीक्षा के लिए रखी गई थी।



आरोप है कि साचौर निवासी ब्रह्माकुमारी और वाडा भावड़ी, साचौर निवासी कमला कुमारी विश्नोई ने यह परीक्षा पास कर ली थी। दोनों का परिणाम 14 जून 2023 को घोषित हुआ। इसके बाद दोनों को 31 जुलाई से 14 अगस्त तक दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया।



अब तक 15 गिरफ्तारियां

दस्तावेज सत्यापन के दौरान गड़बड़ी सामने आने पर दोनों अभ्यर्थियों को पुलिस के हवाले किया गया। इसके बाद पूरे मामले की जांच SOG को सौंप दी गई। जांच एजेंसी अब तक इस मामले में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।



सुशील कुमार शर्मा की गिरफ्तारी इसी कड़ी का हिस्सा है। पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। यह मामला राज्य की भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।



ये भी पढ़ें:-

जांच के घेरे में मेवाड़ यूनिवर्सिटी, सरकार ने लगाई नए एडमिशन पर रोक



मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री कांड में पूर्व प्रेसिडेंट गिरफ्तार, एसओजी ने जयपुर से पकड़ा



आरपीएससी की परीक्षा में फर्जी डिग्री का बड़ा मामला, मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कर्मचारी को किया गिरफ्तार



राजस्थान में फर्जी डिग्री घोटाला, कृषि मंत्री ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी पर मारा छापा



Tags:
  • राजस्थान लोक सेवा आयोग
  • RPSC
  • फर्जी डिग्री
  • SOG
  • मेवाड़ यूनिवर्सिटी
  • स्कूल लेक्चरर