जांच के घेरे में मेवाड़ यूनिवर्सिटी, सरकार ने लगाई नए एडमिशन पर रोक

Jageshwar prasad | Jun 03, 2026, 11:03 IST
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Ashish Bhardwaj - 2026-06-03T110234.379
Photograph: (the sootr)

राजस्थान सरकार ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री और प्रशासनिक गड़बड़ियों की जांच के बीच नए एडमिशन पर रोक लगा दी है। जांच समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।

News In Short

  • राजस्थान सरकार ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी में नए एडमिशन पर लगाई रोक।
  • मेवाड़ यूनिवर्सिटी के खिलाफ फर्जी डिग्री और विभिन्न गड़बड़ियों के हैं आरोप।
  • उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने अनियमितताओं का किया खुलासा।
  • एसओजी ने यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट, पूर्व डीन सहित कई अधिकारियों को किया था गिरफ्तार।
  • यूनिवर्सिटी चेयरमैन ने फैसले को न्यायोचित न मानते हुए हाई कोर्ट जाने की बात कही।

News In Detail

राजस्थान के उच्च शिक्षा विभाग ने चित्तौड़गढ़ के गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी (Mewar University) को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने फर्जी डिग्री जारी करने और व्यापक प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच रिपोर्ट के आधार पर यूनिवर्सिटी के सभी पाठ्यक्रमों में नए छात्रों के एडमिशन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

सरकार का मत है कि स्थिति स्पष्ट होने तक नए एडमिशन देना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। इधर, यूनिवर्सिटी के चेयरमैन अशोक गदिया ने इस प्रशासनिक कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए इसके खिलाफ शीघ्र ही राजस्थानहाई कोर्ट की शरण लेने की बात कही है है।

फर्जी डिग्री और गड़बड़ियों की शिकायतों से शुरू हुआ मामला

मेवाड़ यूनिवर्सिटी के खिलाफ लंबे समय से फर्जी डिग्रियां जारी करने और अन्य प्रशासनिक गड़बड़ियों की शिकायतें सरकार को मिल रही थीं। इसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया।

विशेष समिति ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।

जांच रिपोर्ट के बाद यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया गया

रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी चित्तौड़गढ़ अधिनियम-2009 की धारा 44(1) के तहत यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपना पक्ष सरकार को भेज दिया, लेकिन विभाग अभी उसकी जांच कर रहा है। सरकार का मानना है कि मामला केवल प्रशासनिक गड़बड़ी तक सीमित नहीं है और विभिन्न स्तरों पर इसकी जांच अभी भी जारी है।

एसओजी जांच और गिरफ्तारियों से बढ़ी परेशानी

फर्जी डिग्री मामले की जांच के दौरान एसओजी ने भी कार्रवाई की। यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ कर्मचारियों और पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर चन्द्रुल, पूर्व डीन ध्वज कीर्ति शर्मा और फाइलिंग असिस्टेंट वीरेंद्र सिंह समेत कई लोगों की गिरफ्तारी भी की गई।

यूनिवर्सिटी चेयरमैन अशोक गदिया ने दावा किया कि एसओजी ने फर्जी डिग्री का एक भी मामला यूनिवर्सिटी के खिलाफ दर्ज नहीं किया है। अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी ने व्यक्तिगत स्तर पर कोई गलत काम किया है तो वह उसका निजी कृत्य है, संस्थान का उससे कोई संबंध नहीं है।

नर्सिंग छात्रों के आंदोलन से पहले भी विवादों में रही यूनिवर्सिटी

इसी साल फरवरी में बीएससी नर्सिंग के छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में आंदोलन किया था। छात्रों का आरोप था कि जिस कोर्स में उन्हें एडमिशन दिया गया, उसे राजस्थान नर्सिंग काउंसिल और इंडियन नर्सिंग काउंसिल से जरूरी मान्यता नहीं मिली थी।

इस मुद्दे को लेकर छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायतें भी दर्ज कराई थीं और कई छात्रों को निलंबित किया गया था।

सरकार ने नए एडमिशन पर लगाई रोक

जांच पूरी नहीं होने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के सभी कोर्सों में नए एडमिशन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने और स्थिति स्पष्ट होने तक नए छात्रों को एडमिशन देना उचित नहीं होगा।

चेयरमैन ने फैसले पर जताई आपत्ति

मेवाड़ यूनिवर्सिटी के चेयरमैन अशोक गदिया ने राज्य सरकार के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त अवसर दिए और पूरे मामले का अंतिम निष्कर्ष सामने आए बिना नए एडमिशन पर रोक लगाने का निर्णय न्यायोचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों में अभी तक किसी को भी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है। ऐसे में अंतिम जांच रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आदेश के खिलाफ यूनिवर्सिटी जल्द ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

FAQ

  1. राजस्थान सरकार ने चित्तौड़गढ़ की किस यूनिवर्सिटी के नए एडमिशन पर रोक लगाई है?
    सरकार ने गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नए एडमिशन पर पूर्ण विधिक रोक लगाई है।
  2. उच्च शिक्षा विभाग ने किस अधिनियम और धारा के तहत मेवाड़ यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है?
    उच्च शिक्षा विभाग ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी चित्तौड़गढ़ अधिनियम-2009 की धारा 44(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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