मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री कांड में पूर्व प्रेसिडेंट गिरफ्तार, एसओजी ने जयपुर से पकड़ा

Jageshwar prasad | Apr 29, 2026, 16:57 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री मामले में एसओजी ने पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर को गिरफ्तार किया है। वह कमीशन लेकर फर्जी डिग्रियों पर अंतिम हस्ताक्षर करता था। आरपीएससी में फर्जी डिग्री पेश करने के बाद इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ।

News In Short

  • मेवाड़ यूनिवर्सिटी का पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर जयपुर से गिरफ्तार।
  • कमीशन पर जारी करता था फर्जी डिग्री, SOG ने 2 दिन के रिमांड पर लिया।
  • फर्जीवाड़े में कौशल किशोर ही करता था डिग्री पर अंतिम हस्ताक्षर।
  • फर्जी डिग्री कांड में अब तक 12 आरोपी एसओजी की गिरफ्त में।
  • सांचौर की दो युवतियों के पकड़े जाने के बाद की गई थी कार्रवाई।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षाओं में फर्जी डिग्रियों के जरिए सेंध लगाने वाली गैंग के खिलाफ राजस्थान एसओजी (SOG) का शिकंजा कसता जा रहा है। मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री मामले में कार्रवाई करते हुए एसओजी ने यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर चन्द्रुल को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।



कैसे चलता था कमीशन का खेल?

एसओजी की जांच में सामने आया कि कौशल किशोर चन्द्रुल वह कड़ी था, जिसके हस्ताक्षर के बिना डिग्री को असली जामा नहीं पहनाया जा सकता था। फर्जी डिग्री तैयार होने के बाद उस पर आखिरी हस्ताक्षर कौशल किशोर ही करता था। बताया जा रहा है कि आरोपी हर फर्जी डिग्री को पास करने के लिए मोटा कमीशन लिया करता था।



जयपुर से पकड़े गए कौशल किशोर को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ में कई अन्य सफेदपोशों के नाम सामने आने की संभावना है।



कैसे हुआ मामले का खुलासा?

इस पूरे स्कैम का खुलासा तब हुआ जब आरपीएससी को स्कूल लेक्चरर (हिन्दी) परीक्षा-2022 की मेरिट लिस्ट में आई दो युवतियों पर शक हुआ। ब्रह्मा कुमारी और कमला कुमारी नाम की दोनों युवतियों ने आवेदन के समय वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय से डिग्री होना बताया था, लेकिन दस्तावेज सत्यापन (DV) के दौरान मेवाड़ यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश कर दी।



पूछताछ में खुलासा हुआ कि ब्रह्मा कुमारी के भाई (सरकारी टीचर दलपत सिंह) और कमला के भाई (डॉक्टर सुरेश बिश्नोई) ने सेटिंग के जरिए ये फर्जी डिग्रियां तैयार करवाई थीं।



SOG की अब तक की कार्रवाई

एडिशनल एसपी श्याम सुंदर बिश्नोई के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से पहले पूर्व डीन ध्वज कीर्ति शर्मा सहित 11 आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है। 12वें आरोपी कौशल किशोर के खिलाफ पहले से ही अजमेर के सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।



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