बुलेटप्रूफ गाड़ियां छोड़ ई-रिक्शा पर सवार हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत, 871 साल पुरानी 'अजेय चादर' के किए दर्शन

Ashish Bhardwaj | Mar 06, 2026, 14:31 IST
Photograph: (the sootr)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर पहुंचे। उन्होंने यहां बुलेटप्रुफ गाड़ियों को छोड़कर ई-रिक्शा में सवारी की। वे यहां जैन समाज के एक कार्यक्रम में भाग लेने आए हैं।

News In Short

  • जैन श्वेताम्बर समाज का शुक्रवार से जैसलमेर में चादर महोत्सव शुरू।
  • महोत्सवा में भाग लेने संघ प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे।
  • वे बुलेटप्रुफ गाड़ियां छोड़कर ई-रिक्शा में पहुंचे जैन मंदिर।
  • भागवत की उपस्थिति में 1 करोड़ 8 लाख श्रद्धालु करेंगे 'दादागुरु इकतीसा' का सामूहिक पाठ।
  • जैसलमेर में 8 मार्च तक चलेगा जैन समाज का यह चादर महोत्सव।

News In Detail

Jaisalmer: राजस्थान की स्वर्ण नगरी जैसलमेर इन दिनों आध्यात्मिक समागम का केंद्र बनी हुई है। यहां जैन श्वेताम्बर समाज का शुक्रवार से चादर महोत्सव और दादागुरू इकतीसा पाठ शुरू हो गया। इसमें भाग लेने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सुबह जैसलमेर पहुंचे।



​ई-रिक्शा की सवारी

जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार किले की बनावट अपनी घुमावदार और बेहद संकरी गलियों के लिए जानी जाती है, जहां भारी वाहनों का पहुंचना नामुमकिन है। ऐसे में जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त संघ प्रमुख मोहन भागवत का काफिला जब किले के दशहरा चौक पहुंचा, तो हर कोई यह देख हैरान रह गया कि वे अपनी गाड़ियों को छोड़कर साधारण ई-रिक्शा में सवार हो गए। कड़ी सुरक्षा के बीच आम नागरिकों की तरह ई-रिक्शा पर बैठकर वे किले के भीतर स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर की ओर रवाना हुए।





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​भागवत ने किए 'अजेय चादर' के दर्शन

​डॉ. भागवत सीधे भगवान पार्श्वनाथ के मंदिर पहुंचे। उन्होंने 'मूल गम्भारा' (गर्भगृह) में शीश नवाया और देश की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण 'जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार' पहुंचे। यहां उन्होंने उस अलौकिक और ऐतिहासिक चादर के दर्शन किए, जिससे 11वीं शताब्दी का इतिहास जुड़ा है।



मान्यता है कि 11वीं सदी के महान आचार्य जिनदत्त सूरी के अग्नि-संस्कार के समय यह चादर चमत्कारिक रूप से अग्नि की लपटों के बीच भी सुरक्षित रही थी। करीब 871 बरसों के बाद पहली बार इस पावन चादर का विधिवत अभिषेक किया जा रहा है। इसे देखने के लिए देश-दुनिया से बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं।





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​एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु करेंगे 'दादागुरु इकतीसा' का पाठ

सरसंघचालक भागवत की उपस्थिति में दुनियाभर के लगभग 1 करोड़ 8 लाख श्रद्धालु एक साथ 'दादागुरु इकतीसा' का सामूहिक पाठ करेंगे। भक्ति का यह महाकुंभ न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि एक नया विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित करेगा।



इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए विशेष डाक टिकट और सिक्के का विमोचन भी किया जाएगा। इस समय जैसलमेर में 400 से अधिक संतों और 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं का जमावड़ा है।





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​विज़िटर बुक में लिखे अनुभव, ट्रस्ट ने किया सम्मान

दर्शन और भ्रमण के बाद श्री जैसलमेर लोद्रवपुर पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट ने संघ प्रमुख का भव्य अभिनंदन और बहुमान किया। इस दौरान भागवत ने मंदिर की विजिटर बुक में अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम के बाद वे उसी ई-रिक्शा के माध्यम से दशहरा चौक लौटे, जहां से उनका काफिला देदांसर मेला ग्राउंड के लिए प्रस्थान कर गया। ​इस चादर महोत्सव का समापन 8 मार्च को एक विशाल समारोह के साथ होगा।



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