मेवात में लगी सेल, पर कस्टमर निकली पुलिस, 4 करोड़ के लैपटॉप्स के साथ मास्टरमाइंड गिरफ्तार
News In Short
- शातिर चोरों ने नागपुर के पारशिवनी इलाके से 641 नए लैपटॉप उड़ाए थे।
- 641 लैपटॉप की कीमत 5.72 करोड़ है, जिसमें 464 लैपटॉप डीग से बरामद।
- डीग पुलिस के ऑपरेशन सहयोग के तहत की गई है कार्रवाई।
- 28 साल के मास्टरमाइंड अजरूद्दीन को खल्लूका गांव से किया गिरफ्तार।
- आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं इस तरह की चोरियों के दो मामले।
News In Detail
अपराध की दुनिया में एक राज्य में वारदात कर दूसरे राज्य के सुदूर गांवों में शरण लेने का फॉर्मूला इस बार अपराधियों को भारी पड़ गया। महाराष्ट्र के नागपुर से करोड़ों रुपये के मोटोरोला लैपटॉप की चोरी के मामले में डीग पुलिस और नागपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने न सिर्फ इस चोरी के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके पास से 464 नए लैपटॉप भी बरामद कर लिए, जिनकी कीमत 4 करोड़ 14 लाख रुपए से अधिक है।
कैसे हुई चोरी और फिर भंडाफोड़?
पूरा मामला नागपुर के पारशिवनी इलाके का है। वहां मोटोरोला कंपनी के नए लैपटॉप की एक बड़ी खेप (कुल 641 लैपटॉप, कीमत 5.72 करोड़) चोरी हो गई थी। नागपुर पुलिस जांच करते हुए राजस्थान के डीग जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र में पहुंची।
डीग के एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्पेशल डीएसटी (DST) टीम और पहाड़ी थाना पुलिस को लगाया।
इसी दौरान पुलिस कांस्टेबल सहाबुद्दीन को एक पक्की सूचना मिली कि चोरी का मुख्य आरोपी डीग क्षेत्र के एक गांव में छिपा है। पुलिस कस्टमर बनकर पहुंची और तुरंत घेराबंदी कर नागपुर पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को धर दबोचा।
पुलिस के हाथ लगा खजाना
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी से सख्ती से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर जब पुलिस ने छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। चोरी किए गए अधिकांश लैपटॉप उसी गांव में छुपाकर रखे गए थे।
पुलिस ने कुल 464 नए मोटोरोला (Motorola) लैपटॉप बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 4.14 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा, पुलिस ने चोरी की वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति बलेनो कार भी जब्त कर ली है। फिलहाल, अब भी 176 लैपटॉप की तलाश जारी है, जिन्हें आरोपी ने कहीं और बेच या छुपा दिया होगा।
कौन है यह शातिर आरोपी?
पुलिस के अनुसार आरोपी फजरुद्दीन कम पढ़ा‑लिखा है। उसके गिरोह में लगभग 7 से 8 लोग शामिल हैं, जो पहली से चौथी कक्षा तक पढ़े‑लिखे हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उनका गिरोह इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर दिल्ली और आसपास के इलाकों में बेचता था। फजरुद्दीन के खिलाफ अजमेर और नूंह में भी पहले से मामले दर्ज हैं।
ऑपरेशन सहयोग की बड़ी सफलता
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि डीग पुलिस ने ऑपरेशन सहयोग के तहत नागपुर पुलिस की हरसंभव मदद की। यह डीग एसपी द्वारा शुरू किया गया एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य बाहरी राज्यों या जिलों की पुलिस टीमों को अपराधियों को पकड़ने के लिए तत्काल स्थानीय पुलिस सहायता और सूचनाएं (इंटेलिजेंस) प्रदान करना है।
इसी तालमेल और त्वरित कार्रवाई के चलते यह बड़ी सफलता मिल पाई है। गिरफ्तार आरोपी और बरामद लैपटॉप को अगली कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र पुलिस को सौंपा जा रहा है।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब अजरूद्दीन के साथियों और शेष 176 लैपटॉप की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और भी राज खुल सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
महाराष्ट्र से चोरी हुए लैपटॉप राजस्थान के किस जिले और गांव से बरामद किए गए हैं?
ये लैपटॉप राजस्थान के डीग जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खल्लूका गांव से बरामद किए गए हैं।
चोरों ने कुल कितने रुपए के और किस कंपनी के लैपटॉप चुराए थे?
चोरों ने मोटोरोला (Motorola) कंपनी के कुल 641 लैपटॉप चुराए थे, जिनकी कुल बाजार कीमत लगभग 5 करोड़ 72 लाख रुपए आंकी गई थी।
डीग पुलिस का ऑपरेशन सहयोग क्या है जिसके तहत यह कार्रवाई हुई?
यह डीग एसपी द्वारा शुरू किया गया एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य बाहरी राज्यों या जिलों की पुलिस टीमों को अपराधियों को पकड़ने के लिए तत्काल स्थानीय पुलिस सहायता और सूचनाएं (इंटेलिजेंस) प्रदान करना है।
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