दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की टनल में जलभराव, 1000 करोड़ की इंजीनियरिंग पर सवाल
समझें क्या है पूरा मामला
- कोटा में 1000 करोड़ की मुकुंदरा टनल में भरा पानी।
- पानी से टनल बनी नहर, खोली इंजीनियरिंग की पोल।
- टनल में हुए जलभराव का वीडियो हो रहा है वायरल।
- पानी भरने से नई नवेली टनल के ड्रेनेज पर उठा सवाल।
- टनल में वाहन चालकों को हो रही है परेशानी।
कोटा-हाड़ौती में लगातार बारिश का दौर जारी है। सोमवार रात्रि को हुई तेज बारिश ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की मुकुंदरा टनल की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस टनल में बारिश के दौरान पानी भरने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में टनल के भीतर पानी का तेज जमाव दिख रहा है, जिससे टनल का एक हिस्सा नहर जैसा नजर आ रहा है।
क्या दिखा वीडियो में?
मुकुंदरा टनल के जलभराव से जुड़े वीडियो अलग-अलग एंगल से सामने आए हैं। वीडियो में टनल के एक हिस्से में काफी मात्रा में बारिश का पानी जमा दिखाई दे रहा है।
पानी भरे रास्ते से वाहन चालक बेहद सावधानी और धीमी गति से गुजरते नजर आ रहे हैं। पहली बारिश में ही इस तरह जलभराव की तस्वीरें सामने आने के बाद अब टनल की ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था कैसी है?
जलभराव के बीच फिलहाल मुंबई से दिल्ली जाने वाली ट्यूब में ही ट्रैफिक संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं दिल्ली से मुंबई की दिशा वाली ट्यूब में वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हुई है।
पानी भरे हिस्से से गुजरने वाले वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से निकलना पड़ रहा है। लगातार बारिश को देखते हुए एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
क्या है अधिकारियों की सलाह?
मुकुंदरा टनल और एक्सप्रेस-वे पर बारिश के दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले हिस्से में तेज रफ्तार से वाहन चलाने, अचानक ब्रेक लगाने और दूसरे वाहनों को ओवरटेक करने से बचने की सलाह दी गई है।
क्यों उठ रहे हैं सवाल?
अब बड़ा सवाल यह है कि करीब 1000 करोड़ रुपए की लागत वाली मुकुंदरा टनल में पहली ही तेज बारिश के दौरान इतना पानी कैसे पहुंचा? क्या टनल की जल निकासी व्यवस्था बारिश के दबाव को संभालने में सक्षम नहीं है, या फिर किसी तकनीकी वजह से पानी का निकास प्रभावित हुआ?
फिलहाल वायरल वीडियो ने मुकुंदरा टनल की इंजीनियरिंग और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर नई बहस छेड़ दी है। संबंधित विभाग की ओर से स्थिति और जलभराव के कारणों पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और साफ होगी।
मुकुंदरा टनल
यह सुरंग कोटा के उम्मेदपुरा और नयागांव गांव के बीच स्थित है। इसका निर्माण दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड और ऑल्टिस-होल्डिंग कॉर्पोरेशन के संयुक्त उपक्रम द्वारा किया गया है।
मूल रूप से यह 30 महीने का प्रोजेक्ट था। इसे जनवरी 2024 में पूरा होना था। खुदाई के दौरान सुरंग में भारी पानी भरने और भारी बारिश के कारण इसमें देरी हुई थी और इसे हाल ही में शुरू किया गया था।
साल 2022, 2023 और 2024 में यह सुरंग पानी में डूब गई थी। इस क्षेत्र की पर्यावरण-संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए इसे दोबारा डिजाइन करना पड़ा फिर भी जलभराव की दिक्कत आई।
इस वजह से प्रोजेक्ट की लागत भी 1,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,250 करोड़ रुपए हो गई। यह 8.3 किलोमीटर का प्रोजेक्ट है। इसमें हाईवे, एक ओपन रैंप, एक कवर्ड टनल और सुरंग के दोनों तरफ अंडरग्राउंड या माउंटेन टनल का निर्माण शामिल है।
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