नरेश मीणा की जमानत याचिका खारिज, कहा-हाई कोर्ट जाएंगे
समझें क्या है पूरा मामला
- नरेश मीणा की नियमित जमानत याचिका एससी-एसटी कोर्ट ने खारिज की।
- टोंक कोर्ट के फैसले के बाद अब हाईकोर्ट जाएंगे वकील।
- एसडीएम थप्पड़कांड मामले में नरेश मीणा जेल में हैं।
- पहले मिली सशर्त जमानत भी शर्त उल्लंघन पर रद्द हुई थी।
- पुलिस ने 2024 में एसडीएम से मारपीट मामले में गिरफ्तार किया था।
राजस्थान का चर्चित एसडीएम थप्पड़कांड में टोंक एससी/एसटी कोर्ट ने मंगलवार को नरेश मीणा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह उनकी नियमित जमानत के लिए दायर याचिका थी। अब उनके वकील हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं।
कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
विशिष्ट लोक अभियोजक रामावतार सोनी के अनुसार मंगलवार 11 अगस्त की शाम करीब 4:45 बजे जज आरती माहेश्वरी ने नरेश मीणा की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह फैसला एससी-एसटी कोर्ट की ओर से सुनाया गया।
नरेश मीणा के वकील फतेहराम मीणा ने बताया कि कोर्ट ने आज उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज की है। उन्होंने बताया कि अब वे हाईकोर्ट में जमानत के लिए नई याचिका दायर करेंगे।
पहले भी रद्द हो चुकी है जमानत
गौरतलब है कि एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में नरेश मीणा को इससे पहले हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। लेकिन जमानत की शर्तों के उल्लंघन के चलते एससी-एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी थी।
कैसे शुरू हुआ था पूरा मामला
13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव के लोगों ने उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे।
आरोप है कि जबरन तीन लोगों से मतदान कराने का विरोध करते हुए नरेश मीणा ने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके अगले ही दिन 14 नवंबर 2024 को पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार किया। 15 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया था।
इस मामले में कुल 60 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। नरेश मीणा को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी। करीब 9 महीने जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत पर रिहा किया था।
झालावाड़ हादसे के बाद फिर हुई गिरफ्तारी
25 जुलाई 2025 को झालावाड़ के पिपलोदी सरकारी स्कूल का कमरा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद नरेश मीणा एसआरजी हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। नगरफोर्ट थाना पुलिस की एप्लीकेशन पर 13 जुलाई 2026 को एससी-एसटी कोर्ट ने उनकी पहले मिली जमानत रद्द कर दी थी। इसी सिलसिले में अब उनकी नई जमानत याचिका भी खारिज हो गई है।
FAQ
- टोंक कोर्ट ने नरेश मीणा की जमानत याचिका क्यों खारिज की?
एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद इसे खारिज कर दिया। अब वे हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। - नरेश मीणा की जमानत पहले क्यों रद्द हुई थी?
हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत की शर्तों के उल्लंघन पर एससी-एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी थी। - थप्पड़कांड का मूल मामला क्या था?
13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान मतदान बहिष्कार को लेकर विरोध जताते हुए नरेश मीणा ने कथित तौर पर एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था।
ये खबर भी पढे़:-
कैश वैन लूट में कैशियर ही निकला मास्टरमाइंड, बाल्टी में छिपाकर रखे थे 46 लाख
हाई कोर्ट की सख्ती, RAT में 2 सदस्य नियुक्त, जल्द मिलेगा नया चेयरमैन
थानों की सीमाएं होंगी नए सिरे से तय, 5 सदस्यीय पुलिस समिति का होगा पुनर्गठन
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की टनल में जलभराव, 1000 करोड़ की इंजीनियरिंग पर सवाल