रामबाग पैलेस होटल से लेकर डब्ल्यूटीपी मॉल तक, कचरा प्रबंधन में हो रहे फेल, एनजीटी ने बिठाई जांच
News In Short
- कचरे के ढेर में फंस गए जयपुर के 5-स्टार होटल, अस्पताल और बड़े मॉल।
- रडार पर एसएमएस अस्पताल, रामबाग पैलेस और डब्ल्यूटीपी के भी नाम।
- दिग्गजों की सूची ने 38 अस्पताल, होटल और बिजनेस संस्थानों के नाम।
- इनके कारण जयपुर शहर में स्वच्छता अभियान को लग रहा पलीता।
- NGT की स्पेशल कमेटी करेगी औचक जांच, सीधे मौके पर खोलेगी पोल।
News In Detail
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कचरा प्रबंधन बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि शहर के नामी अस्पताल, होटल और मॉल स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखकर अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) एक्टिव हो गया है।
एनजीटी की सक्रियता अब शहर के फाइव स्टार होटलों, नामचीन अस्पतालों और चकाचौंध भरे मॉल्स की कचरा प्रबंधन में लापरवाही भारी पड़ने वाली है। 'स्वच्छ भारत' के दावों के बीच नियमों को ठेंगे पर रखने वाले इन 38 दिग्गजों की घेराबंदी के लिए एनजीटी ने एक स्पेशल स्ट्राइक कमेटी मैदान में उतार दी है। यह कमेटी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम—2026 की पालना पर जवाबदेही तय करेगी। इसके बाद यह संस्थान या तो खुद को सुधारेंगे या फिर भारी जुर्माने और सख्त कार्रवाई का सामना करेंगे।
38 दिग्गज संस्थानों से मांगा जवाब
एनजीटी ने जयपुर के विश्वप्रसिद्ध रामबाग पैलेस होटल, रेडिसन ब्ल्यू, मैरियट, ललित, हयात रीजेंसी, आईटीसी राजपुताना और एसएमएस व महात्मा गांधी अस्पताल सहित कुल 38 सरकारी व निजी संस्थानों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट संशोधित नियम-2026 की पालना नहीं करने पर जवाब मांगा है।
एनजीटी ने स्नेहा चतुर्वेदी की अपील पर यह अंतरिम आदेश दिए हैं। अपील में कहा गया है कि जयपुर में ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के संशोधित नियम एक अप्रैल, 2026 से लागू हो चुके हैं। यह नियम स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहरी इलाकों में कचरे के वैज्ञानिक और व्यवस्थित निपटान के लिए बनाए हैं। जयपुर में बल्क कचरा पैदा करने वालों के लिए उक्त नियमों की पालना करना जरुरी है, लेकिन नगर निगम इन नियमों की पालना नहीं करवा पा रही हैं।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में यह है नियम
नए नियमों के तहत बल्क यानी बड़ी तादाद में कचरा पैदा करने वालों की कैटेगरी भी बना दी गई है। इसमें यह कहा है कि:
- 20 हजार वर्गमीटर फ्लोर एरिया वाली बिल्डिंग
- प्रतिदिन 40 हजार लीटर पानी की खपत वाले
- प्रतिदिन 100 किलोग्राम सॉलिड वेस्ट कचरा करने वाले
सरकारी दफ्तर, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कंपनियां, स्कूल,कॉलेज, यूनिवर्सिटी व अन्य शैक्षणिक संस्थान और सामुदायिक केंद्र इसके दायरे में आएंगे। साथ ही रेलवे, बस डिपो, एयरपोर्ट, पोर्ट, औद्योगिक इकाई व औद्योगिक एरिया, मॉल व मल्टीप्लेक्स, होटल, अस्पताल व नर्सिंग होम, सभी प्रकार के थोक बाजार, कृषि व सब्जी मंडी, मछली व मीट मार्केट, स्टेडियम व बैक्वेट हॉल, कांफ्रेंस हॉल, एक्सपो सेंअर व प्रदशर्नी स्थल, ट्यूरिस्ट स्पॉट तथा रेजिडेंशियल सोसायटी पर ये नियम लागू होंगे।
नहीं हो रही नियमों की पालना
अपील में कहा है कि उक्त सभी संस्थान प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा सॉलिड कचरा उत्पादन करते हैं। लेकिन, नियमों के तहत अपने स्तर पर गीला व सूखे कचरे केा अलग-अलग करके निस्तारण नहीं कर रहे हैं। इससे ठोस कचरा प्रबंधन संशोधित नियम-2026 को लागू करने के उदे्श्य विफल हो रहे हैं। ऐसे में एनजीटी ने राजस्थान के मुख्य सचिव, जयपुर नगर निगम के आयुक्त और राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
इन्हें मिला एनजीटी का नोटिस
अस्पताल:
महात्मा गांधी अस्पताल, जयपुर
मणिपाल अस्पताल, जयपुर
संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल अस्पताल
सवाई मान सिंह अस्पताल (SMS)
ट्रॉमा सेंटर SMS अस्पताल, जयपुर
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल जयपुर
HCG कैंसर अस्पताल, जयपुर
इटरनल मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल
होटल एवं रिसॉर्ट्स
रामबाग पैलेस
मैरियट होटल
रेडिसन ब्लू
द ललित
हयात रीजेंसी
ITC राजपूताना
रेडिसन सिटी सेंटर
हॉलिडे इन सिटी सेंटर
हिल्टन होटल
नोवोटेल जयपुर कन्वेंशन सेंटर
क्लार्क्स आमेर होटल
चोखी ढाणी रिसॉर्ट
फेयरफील्ड बाय मैरियट
फेयरफील्ड बाय मैरियट बनी पार्क
रामाडा होटल
मॉल एवं रिटेल आउटलेट्स:
वर्ल्ड ट्रेड पार्क (WTP) मॉल
वेस्टसाइड मॉल वैशाली नगर
वेस्टसाइड मॉल (प्रताप नगर)
वेस्टसाइड मॉल सिग्नेचर एलीट (नारायण सिंह सर्किल)
जूडियो (ZUDIO)(ट्राइटन - झोटवाड़ा रोड)
जूडियो (ZUDIO) (पिंक स्क्वायर मॉल - साकेत कॉलोनी)
डीमार्ट (Dmart) (कृष्ण नगर)
रिलायंस स्मार्ट पॉइंट (मानसरोवर)
रिलायंस स्मार्ट पॉइंट (आम्रपाली सर्किल)
रिलायंस स्मार्ट पॉइंट (राजा पार्क)
अन्य संगठन:
सवाई मानसिंह स्टेडियम
राजस्थान रॉयल्स (हीरानंदानी बिजनेस पार्क, मुंबई)
कमेटी करेगी जांच और करवाएगी नियम पालना
एनजीटी ने राजस्थान के आवासन व नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव के एक प्रतिनिधि, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के एक प्रतिनिधि तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक प्रतिनिधि की संयुक्त कमेटी बनाई है।
यह कमेटी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट संशोधित नियम-2026 के नियमों की पालना होने या नहीं होने की जांच करेगी। पालना करवाने के लिए जरुरी सुधार के कदम उठाएगी। पालना नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमों के तहत कार्रवाई करेगी और 6 सप्ताह में एनजीटी को वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट देगी।
एनजीटी ने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल ऐजेंसी बनाया है और कमेटी को सभी जरुरी लॉजिस्टिक उपलब्ध करवाने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
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