राजस्थान: लॉरेंस गैंग के ठिकानों पर NIA की रेड, तीन जिलों में 13 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार सुबह राजस्थान के तीन जिलों – श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और दौसा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
इस ऑपरेशन में 13 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई। इसमें आतंकी फंडिंग, अवैध हथियारों की सप्लाई और विदेशी हवाला नेटवर्क की जांच शामिल है।
ऑपरेशन की शुरुआत
यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई और कई घंटों तक चली। एनआईए की टीमें स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध ठिकानों पर पहुंचीं, हालांकि कुछ जगहों पर स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
श्रीगंगानगर में तलाशी
श्रीगंगानगर में NIA ने 11 ठिकानों पर तलाशी ली। करीब 20 दिन पहले, सदर थाना पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास एक विदेशी पिस्टल और 14 कारतूस थे। ये युवक शहर के एक बड़े बीज व्यापारी के यहां फायरिंग की योजना बना रहे थे। पूछताछ में यह सामने आया कि ये हथियार लॉरेंस गैंग के एक सक्रिय सदस्य द्वारा सप्लाई किए गए थे। इसके बाद NIA ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी।
रावला मंडी क्षेत्र में छापा
रावला मंडी थाना क्षेत्र के एक आरोपी साहिल के घर भी तलाशी ली गई। उसके परिवार से एआईए ने पूछताछ की और संदिग्ध दस्तावेजों की जांच की।
हनुमानगढ़ में पूर्व सरपंच के घर छापा
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में NIA ने पूर्व सरपंच दीनदयाल बिश्नोई के घर पर छापेमारी की। छापेमारी सुबह 6 बजे शुरू हुई और दो घंटे तक चली। सूत्रों के मुताबिक, दीनदयाल की मृत्यु से पहले साहिल नामक युवक उनके घर पर रहकर उनकी देखभाल करता था। साहिल पहले से NIA की हिरासत में है और उसकी जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
ट्रंप टैरिफ का राजस्थान के 5 लाख लोगों के रोजगार पर असर, अमरीकी बायर्स के बदल रहे तेवर
राजस्थान में भारत-पाक सीमा पर मिला चायना मेड ड्रोन, जासूसी की आशंका, सुरक्षा अलर्ट जारी
छानबीन और पूछताछ
पूर्व सरपंच की बेटी से पूछताछ के बाद NIA टीम ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और फिर लौट आई। इस दौरान पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था, लेकिन संगरिया थाना प्रभारी अमरसिंह ने बताया कि उन्हें इस कार्रवाई के बारे में कोई पूर्व सूचना नहीं थी।
आतंकी फंडिंग और विदेशी हवाला नेटवर्क की जांच
NIA की यह कार्रवाई लॉरेंस गैंग के अवैध नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से की गई। गैंग पर आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग, हथियार तस्करी और पंजाब-हरियाणा सीमा पर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुए लखासर हत्याकांड से भी इस कार्रवाई के तार जुड़े हो सकते हैं।
गैंग की गतिविधियों का जाल
विदेशी हवाला नेटवर्क और नशा तस्करी में भी इस गैंगे की लिप्तता की जांच हो रही है। इस कार्रवाई पर एनआईए ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। राजस्थान: लॉरेंस गैंग के ठिकानों पर NIA की रेडको लेकर पहले भी चर्चा में रह चुका है।
कितना बड़ा है लॉरेंस बिश्नोई का गैंगगैंग का विस्तारराष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई का गैंग 700 शूटरों के साथ काम करता है और समय के साथ यह गैंग लगातार बड़ा होता जा रहा है। NIA की रिपोर्ट के अनुसार, यह 11 राज्यों में फैले हुए हैं, जिससे यह लगता है कि बिश्नोई गैंग भी डी कंपनी यानी दाऊद इब्राहिम के गिरोह की तरह बढ़ रहा है। बिश्नोई गैंग की तुलना डी कंपनी से एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई समेत 16 गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त यूएपीए कानून के तहत जो चार्जशीट दाखिल की गई है, उसमें NIA ने बिश्नोई गैंग की तुलना दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी से की है। गैंग का उदय NIA के आरोपपत्र से पता चलता है कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके आतंकी सिंडिकेट ने अपूर्व तरीके से विस्तार किया है, ठीक वैसे ही जैसे दाऊद इब्राहिम ने 90 के दशक में अपने छोटे अपराधों से शुरुआत करके अपना नेटवर्क फैलाया था। डी-कंपनी और बिश्नोई गैंग का समानांतर विकास दाऊद इब्राहिम ने ड्रग तस्करी, लक्षित हत्याओं, और जबरन वसूली रैकेट के माध्यम से अपने गिरोह का विस्तार किया था। बाद में उसने पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ मिलकर डी-कंपनी बनाई। इसी प्रकार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने भी छोटे अपराधों से शुरुआत की और अब यह गिरोह उत्तर भारत में छा चुका है। गैंग का बढ़ता प्रभाव बिश्नोई गैंग अब उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हो चुका है और इसका नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। इसके चलते गैंग की गतिविधियां और अपराधों की संख्या बढ़ रही है। गैंग का कामकाज और नेटवर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कामकाज पहले छोटे स्तर पर था, लेकिन समय के साथ इसका प्रभाव और नेटवर्क बढ़ते गए। अब यह गैंग जबरन वसूली, हत्याएं, ड्रग तस्करी, और अन्य अपराधों में शामिल है। इसके अलावा, यह गैंग अब पैसे के लिए राजनीतिक और आपराधिक गतिविधियों में भी सक्रिय है। | |||||||||
FAQ
- 1. NIA ने क्यों लॉरेंस बिश्नोई गैंग के ठिकानों पर छापेमारी की?
NIA ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर आतंकी फंडिंग, हथियार तस्करी और विदेशी हवाला नेटवर्क के आरोपों के तहत कार्रवाई की है। यह ऑपरेशन गैंग के अवैध नेटवर्क को तोड़ने के लिए किया गया था। - 2. श्रीगंगानगर में क्या कार्रवाई हुई थी?
एनआईए ने श्रीगंगानगर में 13 ठिकानों पर तलाशी ली। असल में पुलिस ने कुछ युवकों को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा था। पता चला कि इनकी सप्लाई लॉरेंस गैंग ने की थी। - 3. हनुमानगढ़ में NIA ने क्या कार्रवाई की?
हनुमानगढ़ के संगरिया में NIA ने पूर्व सरपंच दीनदयाल बिश्नोई के घर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई साहिल नामक युवक की गिरफ्तारी के बाद की गई, जो पहले NIA की हिरासत में था।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
द सूत्र कीt खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧