आईजी कालूराम रावत ने साढ़े तीन महीने बाद तोड़ी चुप्पी, बोले- मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही लौटूंगा

Jageshwar prasad | May 03, 2026, 09:17 IST
Photograph: (the sootr)
आईजी कालूराम रावत 12 जनवरी से बिना सूचना ड्यूटी से गायब हैं। एक दिन की बीमारी का मैसेज भेजकर लापता हुए अफसर को पुलिस मुख्यालय ने रिकॉल नोटिस जारी किया है। आईजी ने अब मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद जॉइन करने की बात कही है।

News In Short

  • आईजी कालूराम रावत ने कहा कि वे मेडिकल रिपोर्ट बाद ही अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे।
  • आईजी 12 जनवरी के बाद से बिना किसी आधिकारिक सूचना के अनुपस्थित हैं।
  • उन्होंने बुखार का मैसेज भेजकर छुट्टी ली थी, बाद में उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।
  • अनुपस्थिति के दौरान ही उनका तबादला आईजी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पद पर हुआ।
  • उन्होंने न तो पदभार ग्रहण किया और न ही पुराने पद से रिलीव होने कार्यालय पहुंचे।

News In Detail

राजस्थान पुलिस के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के आईजी कालूराम रावत ने लगातार चर्चा बढ़ने और मीडिया में खबरें आने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। शनिवार से उन्होंने कॉल रिसीव करना शुरू किया और बताया कि वे अस्वस्थ हैं और मेडिकल चेकअप रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यालय में अपनी उपस्थिति देंगे। हालांकि, उन्होंने इस पर कोई साफ जवाब नहीं दिया कि इतने लंबे समय तक उन्होंने मुख्यालय को औपचारिक सूचना क्यों नहीं दी। आईजी कालूराम रावत पिछले करीब साढ़े तीन महीनों से ड्यूटी से गायब हैं।



क्या है पूरा मामला?

पूरा मामला 12 जनवरी 2026 से शुरू हुआ। उस दिन कालूराम रावत ने अपने तत्कालीन अधिकारी एडीजी (हाउसिंग) भूपेन्द्र साहू को एक मोबाइल मैसेज भेजा, जिसमें उन्होंने बुखार होने के कारण एक दिन कार्यालय नहीं आने की बात कही थी। लेकिन उस एक दिन के बाद वे न तो कार्यालय लौटे और न ही विभाग के किसी अधिकारी के संपर्क में आए। उनके बारे में अधिकारियों से कहीं अधिक उनके मातहत कर्मचारी पूछताछ कर रहे हैं।



प्रमोशन और तबादले के बीच गायब

आईपीएस कालूराम रावत जुलाई 2025 में डीआईजी (पुलिस हाउसिंग) के पद पर तैनात हुए थे, जहां उनका प्रमोशन आईजी पद पर हुआ। इसी बीच 23 फरवरी को सरकार ने उनका तबादला आईजी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के महत्वपूर्ण पद पर कर दिया। नियमतः उन्हें नए पद पर कार्यभार संभालना था, लेकिन उन्होंने न तो पदभार ग्रहण किया और न ही अपनी अनुपस्थिति का कोई आधिकारिक कारण बताया। वे न पुराने पद से रिलीव होने कार्यालय पहुंचे और न ही नए पद पर जॉइन करने।



पीएचक्यू की कार्रवाई और नोटिस

जब काफी समय बीत जाने के बाद भी आईजी रावत ड्यूटी पर नहीं लौटे, तो एडीजी (सिविल राइट व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) लता मनोज ने डीजीपी कार्यालय को लिखित में इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया कि आईजी रावत ने काफी समय निकलने के बाद भी जॉइन नहीं किया है। इसके बाद कार्मिक शाखा ने उन्हें रिकॉल नोटिस जारी कर तुरंत उपस्थिति देने का आदेश दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि वे जल्द रिपोर्ट नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।



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