राजस्थान में एम्स जोधपुर के डॉक्टरों ने जोड़ दिए युवक के हाथ : 10 घंटे चला ऑपरेशन, एनएसजी कमांडो ने काट दिए थे हाथ
Jaipur. राजस्थान के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जोधपुर में एक युवक के दोनों कटे हाथों को जोड़ने का सफल ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन 18 सितंबर को सुबह करीब 4:15 बजे शुरू हुआ, जब घायल हरलाल को एम्स ट्रॉमा सेंटर में लाया गया।
एम्स जोधपुर के डॉक्टरों की मेहनत का कमाल
एम्स जोधपुर के बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष, डॉक्टर प्रकाश काला की टीम ने यह ऑपरेशन पूरा किया। ऑपरेशन में कुल 10 घंटे लगे और इसमें नसें माइक्रोस्कोप से जोड़ी गईं। इसके बाद हड्डियों, टेंडन और अन्य संरचनाओं को सही किया गया।
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यह ऑपरेशन क्यों था महत्वपूर्ण
इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे प्रमुख कारण यह था कि मरीज को 6-7 घंटे के अंदर इलाज मिल पाया। डॉक्टरों का मानना है कि इन शुरुआती घंटों में सही इलाज से मरीज की स्थिति में सुधार जल्दी होता है।
हरलाल की स्थिति
अब हरलाल की हालत स्थिर है और डॉक्टरों का कहना है कि 3-4 सप्ताह में वह सामान्य कामकाजी जीवन में लौट सकेगा। उसके दाएं हाथ की अंगुलियों में रक्त संचार सामान्य रूप से हो रहा है और हड्डियों का जुड़ना जारी है।
लिया आधुनिक तकनीक का सहारा
हमले में हरलाल के दोनों हाथों के पंजे कट गए थे। इन कटे हुए पंजों को जोधपुर एम्स के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक जोड़ दिया। इस ऑपरेशन में अत्यधिक सूक्ष्म सर्जरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। डॉक्टरों ने माइक्रोस्कोप की सहायता से नसों को जोड़ने के बाद हड्डियों, टेंडन और अन्य अंगों को सही तरीके से जोड़ा।
ऑपरेशन के बाद की स्थिति
डॉक्टरों ने जोड़ दिए कटे हाथ। अबहरलाल की हालत में सुधार हो रहा है और 3-4 सप्ताह में वह सामान्य कार्य करने में सक्षम हो जाएगा। इसके बाद, उसका फिजियोथेरेपी उपचार भी जारी रहेगा।
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FAQ
- 1. एम्स जोधपुर में ऑपरेशन के दौरान किस तकनीक का इस्तेमाल किया गया?
इस ऑपरेशन में माइक्रोस्कोपिक तकनीक का उपयोग किया गया। नसों को जोड़ने के लिए माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल किया गया और फिर हड्डियों, टेंडन और अन्य संरचनाओं को जोड़ा गया। - 2. ऑपरेशन की सफलता के बाद हरलाल की स्थिति कैसी है?
ऑपरेशन के बाद हरलाल की स्थिति स्थिर है और उसे 3-4 सप्ताह में सामान्य कार्य करने की उम्मीद है। - 3. कितने समय में ऑपरेशन को सफलतापूर्वक किया गया?
इस ऑपरेशन को 10 घंटे में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। - 4. इस प्रकार के ऑपरेशन में समय का क्या महत्व है?
डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे ऑपरेशनों में 6 से 7 घंटे का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। समय पर इलाज मिलने से मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हो सकता है।