पांचना बांध आंदोलन पर अलर्ट, 10 सीनियर पुलिस अफसर संभालेंगे कानून व्यवस्था

Jageshwar prasad | Jun 23, 2026, 13:31 IST
पांचना बांध जल विवाद में रेल रोको आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने आंदोलन स्थल पर 10 वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है। सभी को 23 जून तक रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • पांचना बांध जल विवाद को लेकर पुलिस अलर्ट।
  • आंदोलन और रेल रोको प्रदर्शन को देखते हुए सख्ती।
  • राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने जारी किए विशेष आदेश।
  • 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की लगाई गई स्पेशल ड्यूटी।
  • भरतपुर रेंज आईजी को रिपोर्ट करेंगे तैनात अफसर।

राजस्थान में पांचना बांध जल विवाद को लेकर चल रहा आंदोलन अब और उग्र होता दिख रहा है। आंदोलन के दौरान रेल रोको आंदोलन की चेतावनी के बाद पुलिस मुख्यालय सतर्क हो गया है।



क्षेत्र में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए डीजीपी कार्यालय ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत राज्य के 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी तुरंत प्रभाव से इस क्षेत्र में लगाई गई है।



आदेश के अनुसार इन अधिकारियों को 23 जून 2026 तक भरतपुर रेंज के आईजी को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।



कौन-कौन अधिकारी तैनात हुए

तैनात किए गए 10 अधिकारी इस प्रकार हैं। मेघचन्द मीणा और नानकराम मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीआईडी (CID) पुलिस मुख्यालय जयपुर से हैं।



सुरेश जैफ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध एवं सतर्कता रेंज जयपुर से हैं। नरेन्द्र मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हाउसिंग जयपुर और भवानी शंकर मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एचसीएमयू (Housing and Community Management Unit) कोटा से हैं।



सुनीता मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कम्युनिटी पुलिसिंग जयपुर हैं। उदयसिंह मीणा उप अधीक्षक पुलिस जिला कोटा शहर और घनश्याम मीणा उप अधीक्षक पुलिस रामगंज मण्डी कोटा शहर से हैं।



दीपक मीणा सहायक पुलिस आयुक्त पश्चिम जोधपुर और धर्मसिंह मीणा उप अधीक्षक पुलिस एसओजी (SOG) जयपुर हैं। पुलिस मुख्यालय का मुख्य उद्देश्य रेलवे ट्रैक और पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।



अतिरिक्त महानिदेशक ने जारी किए आदेश

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह महत्वपूर्ण आदेश अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ADG) कानून-व्यवस्था, राजस्थान, जयपुर के स्तर से जारी किया गया है।



मुख्यालय का मुख्य उद्देश्य आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना और रेलवे ट्रैक सहित पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना है।



10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की लगाई गई स्पेशल ड्यूटी


क्या है पूरा विवाद?

करौली जिले के गुडला में स्थित पांचना बांध राजस्थान का सबसे बड़ा मिट्टी से निर्मित बांध है। यह गंभीर नदी पर बना है जो पांच नदियों बरखेड़ा, भद्रावती, अटा, मांची और भैंसावट के संगम से बनती है। इसी कारण इसे पांचना कहते हैं।



यह बांध 1978 में बना था। उस समय आसपास के किसानों की जमीनें डूब क्षेत्र में चली गई थीं। तब से पानी के बंटवारे को लेकर दो पक्षों में टकराव चल रहा है। बांध के आसपास के 39 गांवों के किसान, पिछले काफी समय से बांध पर पहरा दे रहे हैं। उनका तर्क है कि 1978 में बांध बनते समय उनकी उपजाऊ जमीन डूब क्षेत्र में गई थी। इसलिए पानी पर पहला हक उनका है।



पांचना बांध विवाद


35 गांव क्यों मांग रहे पानी?

नहर क्षेत्र के 35 गांवों के किसान, उनकी पीड़ा भी अलग है। उनका कहना है कि 1992 से 2005 के बीच उन्हें नहरों से नियमित पानी मिलता था। यह सिलसिला बाद में बंद हो गया।



राजस्थान हाईकोर्ट ने भी नहरों में पानी छोड़ने के आदेश दिए हैं। लेकिन धरातल पर अमल नहीं हुआ। इससे नाराज किसान अब दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक रोकने की चेतावनी दे रहे हैं।



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