पचपदरा रिफाइनरी में आग, सरकार कर सकती है SIT का गठन, हालत का जायजा लेने पहुंचे सीएम
News In Short
- पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को भीषण अग्निकांड के बाद सरकार हरकत में आई।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया।
- भजनलाल सरकार जांच के लिए जल्द ही SIT का गठन कर सकती है।
- मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस नेताओं से राजनीति से बचने की सलाह दी।
- प्रधानमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम को रद्द किया, नई तिथि जल्द घोषित होगी।
News In Detail
राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी अग्निकांड ने राज्य सरकार हरकत में दिखी। सीएम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को खुद मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ करीब ढाई घंटे तक बैठक की, जिसमें हादसे के कारणों और अन्य कदमों पर चर्चा की। बताया जाता है कि सरकार इस घटना की जांच के लिए विशेष टीम का गठन कर सकती है। सीएम के साथ दौरे में कानून मंत्री जोगाराम पटेल और मुख्य सचिव वी श्रीनिवास भी उपस्थित थे।
प्रशासन ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच
घटना के बाद रिफाइनरी परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सूत्रों का कहना है कि राजस्थान सरकार एसआईटी (Special Investigation Team) का गठन करने पर विचार कर रही है। यह कदम घटना की तह तक पहुंचने के लिए किया जाएगा।
उधर, मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि आग से रिफाइनरी के केवल एक छोटे हिस्से को नुकसान हुआ है। एचपीसीएल (HPCL) के अधिकारी इस नुकसान को जल्दी ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं।
रिफाइनरी पहुंची NIA की टीम
उधर, इस अग्निकांड में किसी साजिश की संभावना को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी रिफाइनरी पहुंची। उसने वहां की स्थितियों का निरीक्षण किया। बताया जाता है कि घटना के बाद रिफाइनरी के गेट नंबर 1 और 2 पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बाहरी लोगों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
रिफाइनरी के सुरक्षा उपाय और स्थिति
घटना के बाद रिफाइनरी के गेट नंबर 1 और 2 पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिफाइनरी के प्रोडक्शन के बारे में अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही रिफाइनरी का कार्य शुरू होगा। एचपीसीएल ने एक बयान जारी किया है, इसमें कहा गया है कि सभी इकाइयां पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। आग के कारण अन्य हिस्सों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
आरोप-प्रत्यारोप दौर शुरू
इस घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस नेताओं से अनुरोध किया है कि वे इस मुद्दे पर राजनीति ना करें। उनका कहना था कि टेंडर प्रक्रिया राज्य सरकार के हाथ में नहीं होती, बल्कि यह केंद्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के स्तर पर तय होती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए।
अशोक गहलोत का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर सवाल उठाए और कहा कि जहां प्रधानमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित था, वहां एक दिन पहले आग लगना स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय है। गहलोत ने आग लगने के कारणों की पारदर्शी जांच की आवश्यकता जताई। इसके अलावा, कांग्रेस नेता टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े किए और घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
जल्द होगी नई उद्घाटन तिथि
प्रधानमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम को टाल दिया गया है। मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि जल्द ही नई तिथि घोषित की जाएगी और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। एचपीसीएल ने भी बयान जारी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि रिफाइनरी की अन्य इकाइयां पूरी तरह सुरक्षित हैं। आग के कारण किसी अन्य हिस्से पर असर नहीं पड़ा है।
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