पाली नगर निगम कमिश्नर का ऑफिस सील, सरकारी कार और AC भी कुर्क; कोर्ट की अवमानना का मामला
News In Short
- पाली नगर निगम आयुक्त का ऑफिस कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर सील कर दिया गया।
- परिवादी विनोद तेजी को प्लॉट का पट्टा जारी करने का आदेश था, जिसकी अनदेखी हुई।
- कोर्ट ने पहले 6 सितंबर 2025, फिर 5 मई 2026 को आदेश दिया लेकिन नहीं माना गया।
- कार्रवाई में आयुक्त की कुर्सी, एसी, टेबल और सरकारी गाड़ी को कुर्क कर लिया गया।
- आयुक्त नवीन भारद्वाज को अब 11 मई को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
News In Detail
मुकेश सोनी @ पाली
Pali: राजस्थान के पाली जिले में कानून के शासन और न्यायिक गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए जिला न्यायालय ने एक अभूतपूर्व फैसला सुनाया है। नगर निगम पाली के आयुक्त (कमिश्नर) नवीन भारद्वाज द्वारा कोर्ट के आदेशों की निरंतर अवहेलना करने पर न्यायालय ने सख्त कार्रवाई करते हुए आयुक्त का कार्यालय सील कर दिया है। इसके साथ ही उनकी सरकारी कार, ऑफिस की कुर्सियां, टेबल और एसी (AC) को भी जब्त करने के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद एक आवासीय भूखंड के पट्टे से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा के अनुसार, परिवादी विनोद तेजी (निवासी अशरफो रजा कॉलोनी, सोजत रोड, पाली) ने वर्ष 2022 में अपने प्लॉट संख्या 615 का पट्टा जारी करवाने के लिए नगर निगम में आवेदन किया था। निगम द्वारा लंबे समय तक टालमटोल करने के बाद विनोद ने जिला न्यायालय की शरण ली।
कोर्ट के आदेशों की अनदेखी
6 सितंबर 2025 को जिला न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए नगर निगम को स्पष्ट आदेश दिया था कि एक महीने के भीतर परिवादी के पक्ष में पट्टा जारी किया जाए। इस आदेश की पालना न होने पर कोर्ट ने दोबारा 5 मई 2026 को अल्टीमेटम दिया कि 7 मई तक पट्टा जारी किया जाए, अन्यथा कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
जब दफ्तर पहुंची कोर्ट की टीम
गुरुवार को जब समय सीमा समाप्त होने के बाद भी पट्टा जारी नहीं हुआ, तो परिवादी ने इजराय (आदेश का निष्पादन) पेश कर संपत्ति कुर्की का निवेदन किया। कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई का आदेश दिया। दोपहर करीब 2:00 बजे सेल अमीन रवि गहलोत न्यायिक कर्मचारियों के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे।
दफ्तर सील: आयुक्त के चैंबर को सील कर बाहर नोटिस चस्पा कर दिया गया।
सामान की जब्ती: कमिश्नर की कुर्सी, टेबल और एसी को कुर्क किया गया।
वाहन जब्त: आयुक्त की सरकारी कार को भी जब्त कर न्यायालय की अभिरक्षा में भेज दिया गया।
अब 11 मई को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने अब नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज को 11 मई 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। अब आयुक्त को यह समझाना होगा कि आखिर इतने लंबे समय के बाद भी अदालत के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है और यह संदेश दिया है कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी भारी पड़ सकती है।
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