चोर समझकर दो युवकों को बंधक बनाया, फिर किया अधमरा, आए थे ससुराल
ऐसे समझें पूरा मामला
- पाली जिले में दो युवकों को बंधक बनाकर उनको बेरहमी से पीटा।
- ग्रामीणों को इन पर चोर होने का संदेह था। उन्हें पकड़कर रस्सी से बांधा।
- पुलिस ने दोनों युवकों को मुक्त कराया, बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
- इस मामले में 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।
मुकेश सोनी@पाली
राजस्थान में पाली जिले में दो युवकों को चोर होने के शक में बंधक बनाकर पिटाई कामामला सामने आया है। बाद में ग्रामीणों ने दोनों युवकों के हाथ रस्सी से बांधकर उन्हें रातभर बेरहमी से पीटा।
घटना की सूचना मिलने पर सुबह मौके पर पहुंची रोहट थाना पुलिस ने दोनों युवकों को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया। उन्हें लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया। इस संबंध में पीड़ित पक्ष की ओर से 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।
ससुराल आए युवकों पर टूटा ग्रामीणों का कहर
पुलिस के अनुसार अबकाई ढाणी के मल्लाराम अपने साथी गोविंद के साथ अपनी ससुराल बागड़िया गांव आए थे। दोनों युवक देर रात अपनी नई मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस अबकाई ढाणी लौट रहे थे।
इसी दौरान रोहट थाना क्षेत्र में बागोरा भाटों की ढाणी स्थित एक स्कूल के पास कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। ग्रामीणों ने बिना किसी पड़ताल के शक के आधार पर दोनों को चोर समझ लिया और उनका रास्ता रोक लिया।
मंदिर परिसर में बंधक बनाकर रातभर की बर्बरता
आरोप है कि गुस्साए ग्रामीणों का हुजूम दोनों युवकों को पकड़कर पास ही स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में ले गया। वहां पर दोनों युवकों के हाथ रस्सी से बांधकर उन्हें खिड़की से लटका दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उन पर लाठी-डंडों और लात-घूसों से हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल दोनों युवक लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे और गिड़गिड़ाते हुए रिहाई की गुहार लगाते रहे। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि वे इसी गांव के दामाद हैं और चोर नहीं हैं, लेकिन अंधविश्वास और अफवाह के वश में आ चुके ग्रामीणों में से किसी का भी दिल नहीं पसीजा।
परिजनों से अभद्रता और जातिसूचक गालियां
घटना की भनक जब मल्लाराम के परिजनों और उसके ससुराल पक्ष के लोगों को लगी तो वे आनन-फानन में मौके पर पहुंचे।
परिजनों ने ग्रामीणों को समझाने और बीच-बचाव करने का पुरजोर प्रयास किया। हालांकि, हमलावर ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि ग्रामीणों ने उनके साथ भी बेहद अभद्र व्यवहार किया, मारपीट की कोशिश की तथा उन्हें जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया।
जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तब पीड़ित परिवार ने स्थानीय रोहट थाना पुलिस को मामले की सूचना दी।
सुबह पहुंची पुलिस, बांगड़ अस्पताल में भर्ती
सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह रोहट थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाया।
पुलिस ने दोनों घायलों को तुरंत रोहट के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों युवकों की गंभीर हालत और अंदरूनी चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पाली के बांगड़ अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
चिकित्सकों के अनुसार, दोनों पीड़ितों के पेट, जबड़े, जांघ, पीठ और सीने पर गंभीर अंदरूनी व बाहरी चोटें आई हैं और उनका सघन उपचार जारी है।
14 के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज
इस पूरे मामले को लेकर मंगलवार शाम मल्लाराम के जीजा शंकरलाल बावरी ने रोहट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर गांव के 14 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है।
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