पांचना बांध विवाद ने फिर पकड़ा तूल, रोडवेज बसों का संचालन बंद
समझें क्या है पूरा मामला
- पांचना बांध विवाद जारी, नहरों में पानी पहुंचने के बाद भी किसानों का आंदोलन जारी।
- हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर भारी जाम, यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित।
- जल संसाधन मंत्री के नहीं पहुंचने से टला जल पूजन कार्यक्रम, ग्रामीणों में नाराजगी।
- किसानों की मांग- हर खेत तक पहुंचे पर्याप्त पानी, कम दबाव से सिंचाई पर चिंता।
- प्रशासन आज फिर करेगा किसानों से बातचीत, समाधान निकालने की कोशिश तेज।
राजस्थान के करौली जिले में पांचना बांध जल विवाद अब भी नहीं थमा है। नहरों में पानी पहुंचने के बाद भी किसान आंदोलन कर रहे हैं। हिण्डौन और गंगापुर सिटी मार्ग पर भारी जाम लगा हुआ है। प्रशासन आज फिर किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश करेगा।
करौली जिले में पांचना बांध से पानी छोड़ने का विवाद अब भी जारी है। कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी पहुंच चुका है। इसके बावजूद किसानों ने आंदोलन बंद नहीं कर रहे है। हिण्डौन, गंगापुर सिटी और आसपास के गांवों में किसान सड़कों पर डटे हुए हैं। उनकी मांग है कि हर खेत तक पूरा पानी पहुंचे।
प्रशासन लगातार ने किसानों से बातचीत कर रहा है। लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल पाया। स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। आमजन और यात्रियों को इसका सीधा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
यह विवाद पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर शुरू हुआ था। किसानों का कहना था कि पानी समय पर नहीं छोड़ा जा रहा। इसी नाराजगी के चलते आंदोलन और जाम की स्थिति बनी। कई दिनों से यह मुद्दा क्षेत्र में गरमाया हुआ है।
जाम से यातायात ठप
हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर लगातार जाम लग रहा है। इससे रोजाना यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। देर शाम तक कई जगह वाहनों की लंबी कतारें दिखीं। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई जगह पैदल यात्री भी फंसे नजर आए।
जाम के कारण कई यात्रियों ने वैकल्पिक रास्ते अपनाए। इससे उनका सफर लंबा और मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को खासी दिक्कत हुई। व्यापारियों का माल भी समय पर नहीं पहुंच पा रहा है।
रोडवेज ने रोकी बस सेवाएं
सड़क मार्ग बाधित होने के कारण राजस्थान रोडवेज ने कड़ा फैसला लिया। हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी रूट पर बसें रोक दी गईं। इससे बड़ी संख्या में यात्री फंस गए। कई लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इससे उनका किराया खर्च भी बढ़ गया।
रोडवेज अधिकारियों ने कहा कि हालात सामान्य होते ही सेवा फिर शुरू होगी। फिलहाल यात्रियों को दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे उनकी जेब पर भी असर पड़ रहा है। रोजाना सफर करने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
पानी पहुंचा, फिर भी नाराजगी
मंगलवार देर शाम बांध का पानी नहरों से बांदी गांव तक पहुंच गया। यह किसानों के लिए राहत की खबर होनी चाहिए थी। लेकिन किसानों की नाराजगी अब भी कम नहीं हुई। उनका कहना है कि नहर में पानी का दबाव बहुत कम है।
इस कम दबाव से अंतिम छोर के खेतों तक सिंचाई अधूरी रह सकती है। वे चाहते हैं कि पानी का बहाव तुरंत बढ़ाया जाए। किसानों की मांग है कि हर गांव और हर खेत तक बराबर पानी पहुंचे। यही मुख्य वजह है कि आंदोलन अब तक जारी है। किसानों का कहना है कि जब तक ठोस भरोसा नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
जल पूजन कार्यक्रम टला
कुसमाय गांव में पानी पहुंचने पर जल पूजन कार्यक्रम रखा गया था। लेकिन जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत समय पर नहीं पहुंच सके। इस वजह से पूरा कार्यक्रम टालना पड़ा। बाद में मंत्री गंगापुर सिटी पहुंचे, मगर कुछ देर रुककर लौट गए। ग्रामीणों में इससे और नाराजगी बढ़ गई।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी ग्रामीणों से बात करने पहुंचे थे। लेकिन विरोध के चलते उन्हें भी वापस लौटना पड़ा। इससे साफ है कि ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी अभी बरकरार है। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच भरोसे की कमी साफ नजर आई।
प्रशासन की नई कोशिश
इससे पहले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भी ग्रामीणों से मिल चुके हैं। उन्होंने आंदोलन खत्म कराने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई। किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अधिकारियों का कहना है कि आज फिर बातचीत की जाएगी। प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर किसानों को मनाने का प्रयास करेंगे। देखना होगा कि इस बार गतिरोध खत्म होता है या नहीं। फिलहाल करौली के लोग जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। जब तक बातचीत सफल नहीं होती, आम लोगों की मुश्किलें बनी रहेंगी।
FAQ
- करौली में किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं?
पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने में देरी और कम दबाव को लेकर किसान नाराज हैं। नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद उन्हें डर है कि अंतिम छोर के खेतों तक सिंचाई नहीं हो पाएगी। इसी वजह से आंदोलन जारी है। - हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर बस सेवाएं क्यों बंद हैं?
सड़क पर लगातार जाम और विरोध के चलते राजस्थान रोडवेज ने बस संचालन रोक दिया है। अधिकारियों के अनुसार मार्ग सामान्य होते ही सेवा फिर शुरू होगी। फिलहाल यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। - जल पूजन कार्यक्रम क्यों टल गया?
कुसमाय गांव में यह कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत समय पर नहीं पहुंच सके। इससे कार्यक्रम टालना पड़ा। कलेक्टर और एसपी को भी विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा।
ये खबर भी पढ़े:-
LDC परीक्षा में पेपर लीक के आरोप, कलेक्टर ने SDM को सौंपी जांच, वीक्षक से पूछताछ
श्मशान पर कब्जों और विवादों का होगा अंत, ग्रामीण सेवा शिविर में होगा सीमांकन
SMS मेडिकल कॉलेज के एचओडी ने की आत्महत्या , घर में फंदे से लटके मिले
सरपंची के बाद शराब की लत में चोरी, ग्रामीणों ने उतारे कपड़े, कैंची से काटे बाल