उदयपुर घूमने आए परिवार में मातम, पिछोला झील में डूबने से मासूम की मौत
समझें क्या है पूरा मामला
- उदयपुर में दर्दनाक हादसा, बच्ची की झील में डूबने से मौत।
- होटल की खिड़की से पिछोला झील में गिरी 2 साल की बच्ची।
- दिल्ली से घूमने आए परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़।
- खिड़की पर बने सोफे पर खेलते वक्त हुआ हादसा।
राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन शहर उदयपुर से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पिछोला झील के किनारे बने एक होटल के कमरे की खिड़की से फिसलकर 2 साल की मासूम बच्ची सीधे झील के गहरे पानी में जा गिरी।
आनन-फानन में बच्ची को झील से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्ची अपने परिवार के साथ दिल्ली से उदयपुर घूमने आई थी।
खिड़की के पास सोफे पर खेल रही थी मासूम
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली का एक परिवार उदयपुर में पर्यटन के लिए आया हुआ था। वे पिछोला झील के बिल्कुल किनारे स्थित एक निजी होटल के कमरे में ठहरे हुए थे।
कमरे में झील का खूबसूरत नजारा देखने के लिए बनी बड़ी खिड़की के ठीक पास एक सोफा रखा हुआ था। 2 वर्षीय मासूम बच्ची उसी सोफे पर चढ़कर खेल रही थी।
खेलते-खेलते अचानक बच्ची का संतुलन बिगड़ गया और वह खिड़की के शीशे/ग्रिल के पास से फिसलकर सीधे नीचे पिछोला झील में गिर गई। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि परिजनों को उसे संभालने का मौका तक नहीं मिला।
चीख-पुकार के बाद परिसर में हड़कंप
मासूम के झील में गिरते ही होटल परिसर में हड़कंप मच गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग और होटल स्टाफ तुरंत हरकत में आए।
स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से बच्ची को तुरंत पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, पानी में डूबने की वजह से उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।
परिजनों द्वारा तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्ची को नहीं बचाया जा सका। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाकर जांच शुरू कर दी।
होटलों में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हृदयविदारक हादसे के बाद झील किनारे बने होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। पर्यटकों के कमरों की खिड़कियों पर मजबूत ग्रिल और बाल सुरक्षा सुरक्षा उपाय न होना एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
विशेषकर झील किनारे स्थित संपत्तियों में खिड़कियों और बालकनी की ऊंचाई व सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन की ढिलाई भी चर्चा का विषय बनी हुई है।पुलिस फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज कर हादसे के तमाम तकनीकी व सुरक्षा पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
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