प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरा 28 को,सांसद हनुमान बेनीवाल ने खोला मोर्चा
News In Short
- प्रधानमंत्री 28 फरवरी को अजमेर आएंगे, 23,500 करोड रुपयों के विकास कार्यों की सौगात देंगे
रोजगार उत्सव के तहत 21 हजार युवाओं को बांटेंगे नियुक्ति पत्र - सांसद हनुमान बेनीवाल ने पीएम से पूछे हैं सवाल
- बेनीवाल ने पेपर लीक के गुनाहगारों को सजा दिलाने के वादा याद दिलाया
- राज्य की भजनलाल सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति पर उठाए सवाल
News In Detail
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को राजस्थान के दौरे पर आ रहे हैं। मोदी अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली से राजस्थान को 23,500 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही रोजगार उत्सव में 21 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौपेंगे। पीएम के दौरे से पहले नागौर सांसद व आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने पीएम और राजस्थान सरकार को उनके चुनावी वादों की याद दिलाई है।
भाजपा ने युवाओं का भरोसा तोड़ा
बेनीवाल ने कहा है कि पीएम के सभा स्थल से कुछ ही दूरी पर प्रदेश के युवाओं के सपनों की बली चढ़ाने वाली आरपीएससी का मुख्यालय है।
2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी वादा किया था कि भाजपा सरकार बनने पर पेपर लीक माफियाओं को पाताल से निकालकर सजा दिलवाई जाएगी।
भाजपा सरकार ने तोड़ा युवाओं का भरोसा
बेनीवाल ने कहा है कि राजस्थान में बार-बार हुए पेपर लीक ने लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में डाल दिया । युवाओं ने पारदर्शिता का वादा करने पर भाजपा पर भरोसा किया था। लेकिन सरकार ने केवल छोटे प्यादों को पकड़कर इतिश्री कर ली है और सिस्टम के भीतर बैठकर पेपर लीक करवाने वाले मगरमच्छ अब तक पकड़ से दूर हैं।
SI भर्ती 2021 सरकार की दोगली नीति का उदाहरण
बेनीवाल ने कहा है कि एसआई भर्ती 2021 को राजस्थान हाईकोर्ट ने अगस्त 2025 में रद्ध करने के आदेश दिए थे। भर्ती में भ्रष्टाचार प्रमाणित है और 50 से ज्यादा ट्रेनी एसआई गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बावजूद सरकार का इस भर्ती को रद्ध होने से बचाने के लिए पूरी ताकत लगाना सरकार की दोगली नीति का उदाहरण है। सरकार का यह रुख युवाओं के साथ विश्वासघात है। पीएम और गृहमंत्री के आरपीएससी के पुर्नगठन व पारदर्शी बनाने के बड़े-बड़े वादों के बावजूद अब तक कुछ नहीं हुआ है।
जीरो टॉलरेंस बनाम विधायक रिश्वत कांड
बेनीवाल ने पीएम के 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' के नारे पर तंज कसा है। उन्होंने राजस्थान के हालिया विधायक कोष रिश्वत प्रकरण में फंसे एक भाजपा विधायक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का रिश्वत लेने वाले विधायक का पक्ष लेने से सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवालिया निशान लग गया है।
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