भजनलाल शर्मा की समीक्षा बैठक के बाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई, 9 अफसरों पर गिरी गाज
जयपुर। राजस्थान में कानून व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि अपराध और कानून व्यवस्था के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई की गई। एक अधिकारी को निलंबित किया गया। छह अधिकारियों को एपीओ किया गया। वहीं, दो अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और छोटी घटनाओं पर भी तुरंत कार्रवाई करने को कहा।
कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री की सख्ती
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में पुलिस और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने हाल की आपराधिक घटनाओं और पुलिसकर्मियों के आचरण से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अपने काम में जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं है। उसे अपराध रोकने के लिए भी सतर्क रहना होगा। किसी घटना को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। समय पर कार्रवाई होने से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
अपराधियों और माफियाओं पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। किसी भी मामले में ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खनन और जमीन से जुड़े विवादों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खनन और भूमि विवादों के मामलों की जिलेवार सूची तैयार की जाए। इसके बाद उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। माफियाओं के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के व्यवहार और लापरवाही से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करने को कहा।
त्योहारों में सुरक्षा और ट्रैफिक पर जोर
आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। पुलिस को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने को कहा गया। अधिकारियों को अपने-अपने रेंज और जिलों में नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटी घटना को भी नजरअंदाज नहीं किया जाए। पुलिस को सूचना मिलते ही जरूरी कदम उठाने चाहिए। इससे विवाद बढ़ने और बड़ी वारदात होने की आशंका कम की जा सकती है।
महिला सुरक्षा को लेकर भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने को कहा। स्कूलों और कॉलेजों में इन यूनिट्स के माध्यम से संवाद और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
इन 9 अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
बैठक के बाद पुलिस विभाग ने नौ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें एक अधिकारी को निलंबित किया गया, छह को एपीओ किया गया और दो को पद से हटाया गया।
- धीरेन्द्र सिंह: वैर थानाधिकारी को निलंबित किया गया।
- प्रेरणा शेखावत: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को एपीओ किया गया।
- नीरज भारद्वाज: सीओ भुसावर को एपीओ किया गया।
- अंजू यादव: उप पुलिस अधीक्षक, ट्रैफिक अजमेर को एपीओ किया गया।
- मुकेश जोशी: सीओ सांभर को एपीओ किया गया।
- विष्णु कुमार खत्री: सीओ श्रीगंगानगर को एपीओ किया गया।
- मुकेश खराड़िया: पुलिस निरीक्षक, जयपुर आयुक्तालय को एपीओ किया गया।
- बृजमोहन मीणा: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसआईयूसीएडब्ल्यू, जयपुर ग्रामीण को पद से हटाया गया।
- जया सिंह: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खैरथल को पद से हटाया गया।
डीजीपी ने भी दिए निर्देश
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने भी सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
पुलिस मुख्यालय ने संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाने को कहा है। आम लोगों की सुरक्षा और पुलिस पर उनका भरोसा बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद हुई कार्रवाई को पुलिस महकमे में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।