BJP कार्यालय में बिजली गुल, रेल मंत्री को कैमरों की रोशनी में देना पड़ा संबोधन
समझें क्या है पूरा मामला
- भाजपा कार्यालय में रेल मंत्री वैष्णव के संवाद के दौरान गुल हुई बिजली।
- 15 मिनट में तीन बार गई लाइट तो पूरा हॉल अंधेरे में डूब गया।
- ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी थे मौजूद।
- भाजपा के हाईटेक कार्यालय में जनरेटर सेट तक नहीं था।
- टीवी कैमरों की रोशनी में ही सरकार के 12 साल की उपलब्धियां गिनाईं।
जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को उस समय बड़ी किरकिरी हुई जब केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मीडिया संवाद के दौरान महज 15 मिनट में तीन बार बिजली गुल हो गई।
हीरापुरा स्थित 400 और 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन में फॉल्ट आने से डबल सर्किट के जरिए बिजली बहाल करने की कोशिश भी नाकाम रही। सबसे अजीब बात यह रही कि जब बिजली गई तब ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर खुद वहां मौजूद थे।
भाजपा के हाईटेक कार्यालय में जनरेटर सेट तक नहीं था। रेल मंत्री को टीवी कैमरों की रोशनी में मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियां गिनानी पड़ीं। ऊर्जा मंत्री नागर ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
ऊर्जा मंत्री के सामने ही गुल हुई बिजली
गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में रेल और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव प्रेस संवाद कर रहे थे। वे मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियां मीडिया के सामने रखने वाले थे। ठीक उसी वक्त बिजली गुल हो गई। पूरे मीडिया हॉल में सन्नाटा पसर गया। बिजली जाते ही माहौल अजीब हो गया।
यह महज एक बार नहीं हुआ। 15 मिनट के भीतर तीन बार बिजली कटी। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि जिनके विभाग की यह जिम्मेदारी है, वे यानी ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ उसी कमरे में बैठे थे।
हीरापुरा ग्रिड में फॉल्ट, डबल सर्किट भी फेल
जयपुर डिस्कॉम (DISCOM) के इंजीनियरों ने बिजली बहाल करने की पूरी कोशिश की। डबल सर्किट के जरिए सप्लाई चालू करने का प्रयास किया गया।
लेकिन हीरापुरा स्थित 400 और 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन पर फॉल्ट होने से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
जयपुर जोन के चीफ इंजीनियर कमलेश मीणा ने बताया कि फीडर शटडाउन से दो ट्रांसफार्मर में ट्रिपिंग आई। इस कारण करीब 10 मिनट बिजली बंद रही। डबल सर्किट से आपूर्ति बहाल करने की कोशिश हुई लेकिन वह भी सफल नहीं हो सकी।
इस ग्रिड स्टेशन की जिम्मेदारी प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक (MD) सिद्धार्थ सिहाग, चीफ इंजीनियर कमलेश मीणा, अधीक्षण अभियंता राजेंद्र गुप्ता, एईएन विपिन वर्मा और बीए मीणा पर है।
BJP ऑफिस में जनरेटर ही नहीं!
इस पूरी घटना में एक और बड़ी बात सामने आई। भाजपा का यह कार्यालय हाईटेक माना जाता है। लेकिन वहां कोई जनरेटर नहीं था। बिजली गई तो पूरा हॉल अंधेरे में डूब गया।
रेल मंत्री वैष्णव ने हालात को संभाला। उन्होंने स्पीकर मंगवाया और टीवी कैमरों की रोशनी में ही संबोधन जारी रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियों का ब्यौरा अंधेरे में ही पेश किया।
ऊर्जा मंत्री बोले - जांच होगी, कार्रवाई होगी
इस घटना के बाद ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर ने सफाई देते हुए कहा कि ऐसे मौकों पर बिजली गुल होना बहुत गंभीर बात है। पूरे प्रकरण की जांच करवाई जा रही है। जो भी जिम्मेदार होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन यह बयान भी उसी कमरे में आया जहां थोड़ी देर पहले वे खुद अंधेरे में बैठे थे - जो राज्य के बिजली प्रबंधन पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
रेल मंत्री की MNIT में बड़ी घोषणा
इस भाग-दौड़ के बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को MNIT जयपुर के दौरे पर एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने एमएनआईटी में सेमीकंडक्टर (Semiconductor), क्वांटम टेक्नोलॉजी (Quantum Technology) और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI – Artificial Intelligence) लैब स्थापित करने की घोषणा की।
यह लैब एनआईटी जयपुर के सभी ब्रांच के फर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए अनिवार्य होगी। इसमें क्रिएटिविटी, डिजाइन और प्रैक्टिकल तरीके से समस्याएं सुलझाने का अवसर मिलेगा।
ये भी पढ़ें:-
22 जून से RPSC असिस्टेंट प्रोफेसर के इंटरव्यू शुरू, जानें पूरा शेड्यूल
चंद्रेसल मठ हत्याकांड: वकील संतोष राय ने दी थी सुपारी, दो गिरफ्तार
पायलट पर गहलोत के सुर नरम पड़े, क्या कांग्रेस में सचमुच सुलह हो गई?
आरोपों के बीच किरोड़ी ने मारा एक और छापा, बोले- हाथी के पीछे...