1996 में नौकरी, 2024 तक करोड़ों की अवैध संपत्ति, 34 खाते, 42 FD और आधा किलो सोना
समझें क्या है पूरा मामला
- जनरल मैनेजर की वेतन से 99 फीसदी ज्यादा संपत्ति, ACB ने किया बेनकाब।
- इस अफसर के पास मिले 34 बैंक खाते, 42 FD, 553 ग्राम सोना।
- ब्लैक मनीको व्हाइट करने के लिए बैंकों का सहारा, एक दिन में 14.72 लाख जमा।
- 1996 में खाली हाथ लगी नौकरी, 2024 तक 2.71 करोड़ की संपत्ति।
- ACB ने 3 लाख रिश्वत में पकड़ा था, आगे की जांच में खुली पोल।
राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रतापगढ़ जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के जॉइंट कमिश्नर व जनरल मैनेजर (GM) राजीव गर्ग के खिलाफ डेढ़ साल की जांच के बाद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
उनके नाम से 34 बैंक खाते और 42 फिक्स्ड डिपॉजिट (FDt) मिले हैं जिनमें करीब 1.70 करोड़ रुपए जमा हैं। बैंक लॉकर में 553 ग्राम 24 कैरेट सोना और घर में नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई।
ACB के आकलन के अनुसार उनकी संपत्ति उनके वेतन से 99 फीसदी अधिक निकली। अब आय से अधिक संपत्ति का एक नया मामला दर्ज कर लिया गया है।
पहले रिश्वत में पकड़े, फिर खुली काली कमाई की परतें
2024 में ACB ने राजीव गर्ग को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। मामला उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के एक पूर्व डिप्टी कमिश्नर की शिकायत से शुरू हुआ था।
उन्होंने बताया कि सातवें वेतनमान को फिक्स कराने और एरियर के भुगतान के लिए राजीव गर्ग ने पहले 50 हजार रुपए लिए और फिर 3 लाख रुपए और मांगे। शिकायत सही पाए जाने पर ACB ने ट्रैप कार्रवाई की और गर्ग को गिरफ्तार कर जयपुर के निर्माण नगर स्थित फ्लैट सील कर दिया।
34 बैंक खाते, 20 से अधिक बैंकों में जाल
ACB जांच में सामने आया कि राजीव गर्ग के 20 से अधिक बैंकों में खाते और एफडी हैं। अकेले उनके नाम से 34 बैंक खाते हैं जिनमें 57.16 लाख रुपए जमा हैं। घर की तलाशी में करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए की 42 बैंक एफडी के कागजात मिले। इसके अलावा 25 क्रेडिट और डेबिट कार्ड भी बरामद हुए।
एक ही दिन में 7 खातों में 14.72 लाख जमा
ACB जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह निकला कि 6 मार्च 2023 को एक ही दिन में 7 अलग-अलग बैंक खातों में 14.72 लाख रुपए जमा किए गए थे। इससे साफ होता है कि एकमुश्त रकम को अलग-अलग खातों में बांटकर जमा किया जाता था ताकि संदेह न हो।
लॉकर में 553 ग्राम सोना, घर में नोट गिनने की मशीन
बैंक लॉकर की जांच में 24 कैरेट का 553 ग्राम सोना मिला जिसकी बाजार कीमत करीब 75 लाख रुपए आंकी गई है। घर की तलाशी में सवा लाख रुपए नकद और नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई।
SBI में 34 लाख, 10.50 लाख और 5.72 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा मिले। कोटक महिंद्रा में 2 लाख और AU स्मॉल फाइनेंस में 1.70 लाख रुपए भी थे।
1996 में नौकरी, 2024 तक 2.71 करोड़ की संपत्ति
राजीव गर्ग की सरकारी नौकरी 1996 में लगी थी। उस समय उनके पास कोई संपत्ति नहीं थी। ACB जांच के अनुसार वेतन और ITR दस्तावेजों के आधार पर 2024 तक उनकी वैध आय 1.76 करोड़ रुपए निकली।
इसमें से रसोई खर्च, वाहन मेंटेनेंस, फ्लैट खरीद और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर खर्च 78.28 लाख रुपए आंका गया। वैध आय में से खर्च घटाने पर मात्र 0.98 लाख रुपए बचे। लेकिन उनके पास कुल 2.71 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली, जिसका मतलब है कि 1.73 करोड़ रुपए की संपत्ति आय से अधिक है।
ACB ने जमीन-फ्लैट की कीमत कम आंकी
ACB सूत्रों के अनुसार अधिकारियों की संपत्ति का ACB मूल्यांकन बाजार दर से काफी कम होता है। यदि राजीव गर्ग की जमीन, मकान और फ्लैट की बाजार दर पर कीमत लगाई जाए तो असली संपत्ति कई गुना अधिक निकलेगी।
इनमें जयपुर की डिग्गी रोड पर 763 वर्ग मीटर का प्लॉट जो मां के नाम से है, और सिमफोनी प्राइड निर्माण नगर जयपुर में फ्लैट शामिल है जिसकी कीमत राजीव गर्ग ने चुकाई।
अब आगे क्या?
ACB ने आय से अधिक संपत्ति को लेकर नई FIR दर्ज कर ली है। मामले की जांच अभी भी जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ACB द्वारा संपत्ति का बाजार मूल्य पर आकलन हो तो रकम कई गुना बढ़ सकती है।
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