रेलवे का बड़ा कदम : ट्रेन में अब कंबल पर कवर मिलेगा, 65 स्टेशन होंगे सुसज्जित, जयपुर में भी खुलेगा एआई डाटा सेंटर

Amit Baijnath Garg | Oct 16, 2025, 15:31 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के जयपुर के खातीपुरा रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ रेलवे का कंबल कवर प्रयोग अब 65 रेलवे स्टेशनों पर लागू होगा। यह कदम यात्रियों की सुविधा और हाइजीन के प्रति रेलवे का नया प्रयास है।

Jaipur. देश में ट्रेनें न केवल विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का एक प्रमुख साधन हैं, बल्कि प्रतिदिन औसतन दो करोड़ यात्री रेल मार्ग से यात्रा करते हैं। पिछले साल त्योहारों के मौसम में 4 नवंबर को एक दिन में तीन करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया था, जिनमें से 19 लाख से ज्यादा यात्रियों ने रिजर्व टिकट के जरिए लंबी दूरी की यात्रा की थी। इस बढ़ते यात्री दबाव के बीच रेलवे लगातार सुविधाओं में सुधार करने के प्रयास कर रहा है।



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ट्रेन में कंबल पर कवर का कदम

रेलवे में लंबे समय से यात्रियों की एक मुख्य चिंता ट्रेन में दिए जाने वाले कंबलों की हाइजीन और सफाई से जुड़ी रही है। बहुत से यात्री इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं होते थे कि इन कंबलों को कई लोग इस्तेमाल करते हैं, जिससे संक्रमण का डर बना रहता था। इस समस्या को हल करने के लिए भारतीय रेलवे ने कंबलों पर कवर लगाने की योजना शुरू की है, जिससे हर यात्री को स्वच्छ कंबल का अनुभव मिल सके।



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अहमदाबाद-जयपुर ट्रेन से हुई शुरुआत

इस कदम की शुरुआत जयपुर से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन में हुई, जहां यात्रियों को प्रिंटेड लिनेन कंबल कवर दिए गए। रेल मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुरक्षित और स्वच्छ यात्रा अनुभव प्रदान करना है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।



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65 रेलवे स्टेशनों पर बेहतर सुविधाएं

इस पहल के तहत रेल मंत्री ने राजस्थान के 65 छोटे और बहुत छोटे रेलवे स्टेशनों पर भी बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की घोषणा की। ये स्टेशन राजस्थान के प्रमुख रेल मंडलों जैसे जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर मंडल में स्थित हैं। इस कदम से छोटे स्टेशनों पर भी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, जिनमें प्लेटफॉर्म की ऊंचाई और लंबाई बढ़ाना, कोच और ट्रेन नंबर की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड्स जैसी सुविधाएं शामिल हैं।



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प्रधानमंत्री मोदी से मिली प्रेरणा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे को प्रेरणा मिली है कि छोटे से छोटे स्टेशन पर भी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। यह कदम प्रधानमंत्री की सभी के लिए समान सुविधाएं की नीति के तहत उठाया गया है।



जयपुर में भी खुलेगा एआई डाटा सेंटर

वैष्णव ने सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र में विधाायक गोपाल शर्मा के संयोजन में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में कहा कि विशाखापट्टनम की तर्ज पर जयपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डाटा सेंटर खोलने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए हम जल्द ही जमीन की तलाश करेंगे।



डाटा सेंटर के लिए जयपुर जंक्शन के पास रेलवे कॉलोनी में यदि भूमि उपलब्ध हुई तो ठीक है। अन्यथा हम मुख्यमंत्री से आग्रह कर अन्य किसी स्थान पर भूमि लेने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही 5,000 युवाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और डिजिटल कौशल के लिए तैयार किया जाएगा।



FAQ

  1. 1. रेलवे ने कंबल पर कवर लगाने की शुरुआत कहां से की?
    रेलवे ने कंबल पर कवर लगाने की शुरुआत जयपुर से की थी, जहाँ 16 अक्टूबर को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
  2. 2. कंबल पर कवर लगाने का उद्देश्य क्या है?
    कंबल पर कवर लगाने का उद्देश्य यात्रियों के स्वास्थ्य और हाइजीन को सुनिश्चित करना है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ट्रेनों में दिए गए कंबलों को कई यात्री इस्तेमाल करते थे, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता था।
  3. 3. राजस्थान में कितने रेलवे स्टेशनों पर यह सुविधाएं लागू की गई हैं?
    रेल मंत्री ने राजस्थान के 65 छोटे और बहुत छोटे रेलवे स्टेशनों पर बेहतर सुविधाओं की शुरुआत की है, जिसमें जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर मंडल शामिल हैं।


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