स्कूल एंट्री बैन पर कांग्रेस का विधानसभा गेट पर धरना, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
समझें क्या है पूरा मामला
- विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस विधायकों और पुलिस में धक्का-मुक्की।
- यह विवाद राजस्थान सरकार द्वारा स्कूलों में एंट्री बैन को लेकर हुआ।
- कांग्रेस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
- राज्यपाल ने 10 बिल फिर विचार के लिए लौटाए हैं।
- सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित।
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे में गुजरा। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही महज 21 मिनट में ही स्थगित कर दी गई। सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सुबह 11:22 बजे सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले, कांग्रेस विधायकों ने स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन और शिक्षा विभाग के फैसलों के खिलाफ विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस विधायकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई थी। वे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। साथ ही राज्य सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाकर नारेजाबी भी की।
कांग्रेस विधायकों ने पोद्दार स्कूल से शुरू हुआ मार्च
इससे पहले, कांग्रेस विधायक सुबह ही पोद्दार मूक-बधिर स्कूल पहुंचे। वहां से स्कूल में एंट्री बैन के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुआई में पैदल मार्च करते हुए विधानसभा तक पहुंचे।
जब कांग्रेस विधायक पैदल मार्च करते हुए विधानसभा के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, तब सुरक्षा बलों ने गेट पर उन्हें रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक गेट पर धरने पर बैठ गए।
गोविंद डोटासरा का सरकार पर हमला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है। उनका कहना था कि स्कूलों की बदहाली दिखाने पर सरकार कैसे रोक लगा सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि अब विधानसभा के बाहर भी विधायकों को रोका जा रहा। डोटासरा का यह भी दावा है कि स्कूलों में अब आरएसएस की शाखाएं तक लगने लगी हैं।
राज्यपाल बागड़े ने लौटाए 10 बिल
राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने 10 बिल फिर से विचार के लिए विधानसभा को लौटा दिए हैं। इनमें से 9 बिल गहलोत सरकार के दौर के हैं और एक बिल वसुंधरा राजे सरकार के समय का है। मॉब लिंचिंग के खिलाफ गहलोत राज में बनाया गया बिल भी राज्यपाल ने फिर विचार के लिए लौटाया है।
बैरिकेड्स पर चढ़े कांग्रेस नेता
राजस्थान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस विधायकों और नेताओं को पुलिस ने विधानसभा के बाहर बैरिकेडिंग कर रोका। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने जबरन विधानसभा में जाने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान कुछ कांग्रेस नेता बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए। धरने में सचिन पायलट भी पहुंचे।
कांग्रेस ने स्कूलों में मीडिया पाबंदी पर किया विरोध
जयपुर में मूक-बधिर पोद्दार स्कूल की बदहाल व्यवस्था और शिक्षा विभाग की मीडिया कवरेज पाबंदी को लेकर कांग्रेस विरोध में उतरी है। सुबह नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक और नेता त्रिमूर्ति सर्किल स्थित पोद्दार स्कूल पहुंचे।
जूली ने कहा कि वे 15 दिन पहले भी यहां आए थे, तब स्थिति बदहाल थी। उन्हें कहा गया था कि 15 दिन में स्थिति सुधार ली जाएगी। लेकिन अब सिर्फ एक बोर्ड और एक नियम मिला है, जिसके तहत स्कूल के अंदर जाने और मीडिया कवरेज करने की अनुमति नहीं है।
मानगढ़ धाम मुद्दे पर BAP का प्रदर्शन
मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग को लेकर BAP विधायकों ने भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। विधायकों का तर्क था कि भाजपा और केंद्र सरकार मानगढ़ धाम का अपमान कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सत्र का कामकाज बीएसी बैठक में होगा तय
विधानसभा सत्र के पहले दिन राज्यपाल से मंजूरी मिल चुके बिलों का ब्योरा सदन में रखा जाएगा। इसके बाद हाल ही में निधन हुए पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही स्थगित हो जाएगी।
विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में कार्य सलाहकार समिति यानी बीएसी की बैठक होगी। इसमें मानसून सत्र का कामकाज और सदन कितने दिन चलेगा, यह तय होगा। यूसीसी बिल और ट्री बिल पेश करने पर भी इसी बैठक में फैसला होगा। निकाय चुनावों की आचार संहिता के चलते इन दोनों बिलों को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही थी।
FAQ
- कांग्रेस विधायकों का विधानसभा के बाहर धरने पर क्यों बैठे?
वे स्कूलों में एंट्री बैन के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर विधानसभा में जाने से रोक दिया। इसके बाद विधायक गेट पर ही धरने पर बैठ गए। - राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने कितने बिल लौटाए हैं?
राज्यपाल ने कुल 10 बिल फिर से विचार के लिए विधानसभा को लौटाए हैं। इनमें से 9 बिल गहलोत सरकार के समय के हैं और एक वसुंधरा राजे सरकार के समय का है। - BAP विधायकों ने किस मुद्दे पर प्रदर्शन किया?
BAP विधायकों ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया।
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