अब गिरफ्तार व्यक्तियों का 'सार्वजनिक प्रदर्शन' होगा बंद, पुलिस ने जारी किया बड़ा आदेश

Ashish Bhardwaj | Jan 22, 2026, 17:19 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में पुलिस अब गिरफ्तारशुदा व्यक्तियों का 'सार्वजनिक प्रदर्शन' नहीं कर सकेगी। साथ ही उसकी पहचान में सोशल मीडिया या प्रेस में उजागर नहीं होगी।

News In Short

  • राजस्थान में गिरफ्तारशुदा व्यक्तियों के मानवाधिकारों और उनकी निजता की होगी रक्षा
  • राजस्थान पुलिस ने हाई कोर्ट के फैसले की पालना में जारी किया आदेश
  • आदेश के अनुसार अब किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसका नहीं किया जाएगा सार्वजनिक प्रदर्शन
  • साथ ही आरोपी की पहचान को भी सोशल मीडिया या प्रेस में उजागर नहीं किया जाएगा
  • थाने में अभियुक्त को रखने की व्यवस्था सभ्य और सुरक्षित होनी चाहिए

News In Detail

Jaipur: राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तारशुदा व्यक्तियों के मानवाधिकारों और उनकी निजता की रक्षा की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। जारी आदेश के अनुसार अब किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं किया जाएगा। साथ ही उसकी पहचान को भी सोशल मीडिया या प्रेस में उजागर नहीं किया जाएगा। यानी फोटो या वीडियो जारी नहीं किया जाएगा।





Notice 11


अभियुक्त सिर्फ आरोपी, अपराधी नहीं

राजस्थान पुलिस ने यह कदम राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर के 20 जनवरी 2026 को आए एक फैसले की पालना में उठाया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध शाखा) की ओर से जारी आदेश में कहा है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा के साथ जीवन जीने और निजता का मौलिक अधिकार प्राप्त है। आदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि अभियुक्त केवल आरोपी होता है, अपराधी नहीं। जब तक दोष सिद्ध न हो जाए, तब तक उसकी मानवीय गरिमा को ठेस पहुंचाना कानूनन गलत है।



सोशल मीडिया पर फोटो जारी करने की मनाही

​आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि गिरफ्तारी के समय या उसके बाद अभियुक्त के फोटो या वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर साझा नहीं किए जाएंगे। आदेश के अनुसार पुलिस किसी भी अभियुक्त को मीडिया के सामने 'अचानक' या 'अनावश्यक' रूप से प्रस्तुत नहीं करेगी। अगर पुलिस चैकिंग के दौरान किसी की गिरफ्तारी होती है, तो उस समय भी शालीन व्यवहार और गरिमा बनाए रखना अनिवार्य होगा।



​थानों में किया जाए मानवीय व्यवहार

आदेश में थाने के भीतर के व्यवहार के लिए भी मानक तय किए हैं। इसमें कहा है कि थाने में अभियुक्त को रखने की व्यवस्था सभ्य और सुरक्षित होनी चाहिए। हिरासत के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरती जाए। प्रत्येक गिरफ्तारशुदा व्यक्ति के साथ विधि-सम्मत और मानवीय व्यवहार करना अनिवार्य होगा



आदेश की अवहेलना पर होगी कार्रवाई

आदेश की प्रतियां जयपुर-जोधपुर के पुलिस आयुक्तों और प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को भेज दी गई हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि इन दिशा-निर्देशों की पालना तय की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।



हाई कोर्ट ने यह दिया था फैसला

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ के जस्टिस फरजंद अली ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया। इसमें पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की थाने के सामने फोटो खींचकर मीडिया व सोशल मीडिया में जारी करने को असंविधानिक और अनुच्छेद-21 के तहत जीवन व गरिमा के अधिकार का उल्लंघन बताया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को दोषी ठहराने से पूर्व सार्वजनिक रुप से अपमानित करने और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन मानते हुए फौरन ऐसी तस्वीरें हटाने तथा भविष्य में इस प्रथा को रोकने के आदेश दिए हैं।



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