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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- राजस्थान STF की कार्रवाई: फर्जी मार्कशीट मामले में राजस्थान पुलिस ने भोपाल में बड़ी छापेमारी की है।
- यूनिवर्सिटी पर तालाबंदी: STF ने RKDF के गेट बंद कर दस्तावेजों और कंप्यूटरों की सघन जांच की।
- संचालक के घर दबिश: पुलिस टीम ने यूनिवर्सिटी संचालक सुनील कपूर के घर पहुंचकर लंबी पूछताछ की।
- छापेमारी की बड़ी वजह: राजस्थान में मिली एक संदिग्ध मार्कशीट के तार भोपाल से जुड़े पाए गए।
- पुराना दागी रिकॉर्ड: संचालक पर पहले भी तेलंगाना और MP में फर्जीवाड़े के केस दर्ज हो चुके हैं।
NEWS IN DETAIL
BHOPAL. भोपाल में आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी की गांधी नगर और नर्मदापुरम रोड स्थित ब्रांच पर राजस्थान पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। यह कार्रवाई मार्कशीट में गड़बड़ी के मामले में की जा रही है। STF की तीन टीमों में से एक टीम ने यूनिवर्सिटी के संचालक सुनील कपूर के घर पर भी सर्च की। यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस को बिना जानकारी दिए की गई।
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अचानक यूनिवर्सिटी पहुंची राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भोपाल की RKDF यूनिवर्सिटी पर अचानक पहुंची। सूत्रों के मुताबिक STF ने इस ऑपरेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। नर्मदापुरम रोड स्थित यूनिवर्सिटी ब्रांच का मुख्य गेट लॉक कर दिया गया था और मौजूद स्टाफ को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। स्टूडेंट्स को भी अंदर आने और बाहर जाने से रोका गया। STF की टीम दस्तावेज खंगालने में व्यस्त है और यह जांच रही है कि क्या मार्कशीट में कोई गड़बड़ी की गई थी।
संचालक सुनील कपूर के घर भी पहुंची टीम
सिर्फ यूनिवर्सिटी ही नहीं, बल्कि इसके संचालक सुनील कपूर के घर भी टीम पहुंची। 10 नंबर स्थित उनके निवास पर पुलिस ने घंटों पूछताछ और तलाशी ली। सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में पकड़े गए किसी बड़े फर्जीवाड़े के तार यहां जुड़े हैं। राजस्थान पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं कि RKDF से फर्जी मार्कशीट जारी हुई है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस छापे को लेकर खूब चर्चाएं हो रही हैं। भोपाल की यह यूनिवर्सिटी पहले भी कई बार विवादों के घेरे में रही है, लेकिन इस बार राजस्थान STF की एंट्री ने मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस का पूरा फोकस उन रजिस्टरों और कंप्यूटरों पर है जहां रिकॉर्ड रखे जाते हैं।
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पहले भी हो चुकी हैं FIRs
इस मामले में मध्य प्रदेश और तेलंगाना दोनों जगह FIR दर्ज हो चुकी हैं। मध्य प्रदेश में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने दिसंबर 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी।
इस मामले में दिग्विजय सिंह, पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री राजा पटैरिया और आरकेडीएफ एजुकेशन सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुनील कपूर आरोपी बनाए गए थे। हालांकि, जांच के बाद इन सभी को क्लीनचिट मिल गई थी।
दूसरी ओर, तेलंगाना में भी सुनील कपूर पर FIR दर्ज की गई थी, जिन पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी डिग्रियां जारी की थीं। इस मामले में तेलंगाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था।
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STF का ऑपरेशन
राजस्थान STF की कार्रवाई इस मामले में नए मोड़ पर है, और अब देखना यह है कि यह जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। पुलिस ने फिलहाल किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
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