एमपी में मंत्रियों और अफसरों के फिजूल खर्च पर 31 मार्च तक लगाम

मध्य प्रदेश सरकार ने 31 मार्च तक मंत्रियों और अफसरों के लिए नई गाड़ियों, फर्नीचर, उपकरण और एसी की खरीद पर रोक लगा दी है। यह कदम बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • 31 मार्च तक मंत्री-अफसरों के लिए नई गाड़ियों, एसी और फर्नीचर की खरीद पर रोक।
  • लाड़ली बहना योजना और वेतन-भत्तों पर हो रहे भारी खर्चों के कारण यह कदम उठाया गया।
  • जीरो बेस्ड बजट प्रणाली के तहत आगामी बजट तैयार किया जा रहा है।
  • 2030 तक राज्य सरकार का लक्ष्य बजट को दोगुना करना।
  • थर्ड सप्लीमेंट्री बजट के लिए 23 जनवरी तक विभागों से प्रस्ताव ऑनलाइन मांगे गए।

News In Detail

MP News. मध्य प्रदेश सरकार ने इस साल 31 मार्च तक मंत्रियों और अफसरों के लिए नई गाड़ियों, फर्नीचर, उपकरण और एसी की खरीद पर रोक लगा दी है। यह कदम राज्य सरकार के बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

लाड़ली बहना योजना और कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर भारी खर्च हो रहा है। सरकार ने वित्तीय स्थिति को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह निर्णय लिया है।

लाड़ली बहना योजना पर हर महीने कितना खर्च

प्रदेश सरकार हर महीने लाड़ली बहना योजना पर लगभग 1800 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इसके अलावा सरकारी अफसरों के वेतन और पेंशन पर भी हर महीने 5000 करोड़ रुपए का खर्च आ रहा है।

अगर अन्य खर्चे जोड़ दिए जाएं, तो राज्य सरकार का हर महीने का खर्च लगभग 10,000 करोड़ तक पहुंच जाता है। इन बढ़ते खर्चों को देखते हुए, सरकार ने 31 मार्च तक नई खरीदी पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

जीरो बेस्ड बजट प्रणाली का अनोखा तरीका

आगामी बजट सत्र 16 फरवरी से विधानसभा में शुरू हो रहा है। इस दौरान आम बजट के साथ-साथ चालू वित्तीय वर्ष का थर्ड सप्लीमेंट्री बजट भी लाया जाएगा। राज्य सरकार ने इस साल बजट निर्माण की प्रक्रिया जीरो बेस्ड बजट प्रणाली के आधार पर की है, जिसमें सभी मदों की समीक्षा करके बजट तैयार किया जा रहा है। इस प्रणाली के तहत, खर्च केवल वास्तविक जरूरतों के आधार पर किया जाएगा।

2030 तक बजट को दोगुना करने का लक्ष्य

राज्य सरकार का लक्ष्य 2030 तक बजट को दोगुना करना है। वर्तमान में राज्य का बजट 4 लाख 21 हजार करोड़ है, जिसे 2030 तक 8 लाख 42 हजार करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यह वृद्धि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए जरूरी होगी।

थर्ड सप्लीमेंट्री के लिए प्रस्ताव ऑनलाइन मांगे गए

थर्ड सप्लीमेंट्री बजट के लिए विभागों से केवल निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रस्ताव मांगे गए हैं। इन प्रस्तावों को 23 जनवरी तक ऑनलाइन भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रस्तावों में योजना का सेगमेंट कोड और नाम शामिल होना चाहिए, यह प्रस्ताव संबंधित प्रशासकीय विभाग के अनुमोदन से भेजे जाएंगे।

किसे मिलेगा खर्चे में छूट?

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन कार्यों के लिए आकस्मिक निधि (Contingency Fund) से एडवांस स्वीकृति प्राप्त है, उन पर रोक नहीं लगेगी। वहीं, भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त कार्यों पर भी कोई रोक नहीं होगी। इन कार्यों के लिए बजट के अलग से प्रावधान किए जाएंगे।

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