उज्जैन में बनेगा एयरपोर्ट, केंद्र ने दिए 200 करोड़, सिंहस्थ 2028 से पहले विमान भरेंगे उड़ान

उज्जैन में नया एयरपोर्ट बनने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ रुपए मंजूर किए है। सिंहस्थ 2028 से पहले हवाई सेवा शुरू करने का लक्ष्य है।

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Sanjay Dhiman
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Airport will be built in Ujjain Center gave 200 crores aircraft will fly before Simhastha 2028

Photograph: (the sootr)

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BHOPAL. एमपी की धार्मिक नगरी उज्जैन में जल्द ही एयरपोर्ट बनेगा। 450 करोड़ की लागत से बनने वाले एयरपोर्ट के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ दे दिए हैं। इसके चलते एयरपोर्ट बनाने की धीमी चल रही फाइल को पंख लग गए हैं। मुख्य सचिव ने इसके लिए गुरुवार को उज्जैन के अफसरों की बैठक बुलाई है।

इस बैठक में उज्जैन के निकट स्थित दताना हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। राज्य सरकार सिंहस्थ 2028 से पहले यहां विमान सुविधा शुरू करना चाहती है। 

उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और मध्य प्रदेश सरकार के बीच पहले ही समझौता (MoU) हो चुका है। प्रारंभिक चरण में घरेलू उड़ानों के संचालन की योजना है। आगे चलकर रनवे विस्तार और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विकसित किया जा सकता है। 

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सिंहस्थ के लिए केंद्र ने दिखाई तेजी 

सिंहस्थ महापर्व के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट बनने से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और वीआईपी आगंतुकों को सीधा हवाई संपर्क मिल सकेगा। इससे इंदौर पर निर्भरता भी कम होगी। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ की राशि बिना देरी लिए मंजूर कर दी। 

एयरपोर्ट दो चरणों में

• पहले चरण में रनवे, टर्मिनल भवन और मूलभूत सुविधाएं
• दूसरे चरण में बड़े विमानों के संचालन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की क्षमता

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

एयरपोर्ट बनने से उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महाकाल लोक, काल भैरव, हरसिद्धि और अन्य धार्मिक-पर्यटन स्थलों तक पहुंच और आसान हो जाएगी।

नाइट लैंडिंग की सुविधा

उज्जैन एयरपोर्ट ATR-72 विमानों के लिए IFR कंडीशन्स, जिसमें रात में भी उड़ान भरी जा सकेगी। यह प्रदेश का 9वां एयरपोर्ट होगा। वर्तमान में प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो, रीवा, सतना और शहडोल में एयरपोर्ट हैं।

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भोपाल से लो विजिबिलिटी में भी हो सकेगी फ्लाइंग 

भोपाल राजा भोज हवाई अड्डा शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। यह एक घरेलू और मौसमी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह मध्य और पश्चिमी भारत का पहला हवाई अड्डा है, जिसे लो विजिबिलिटी प्रोसेस की मंजूरी मिली है। यहां से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद और रायपुर के लिए घरेलू और जेद्दाह के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान की सुविधा है।

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