राजस्थान में नाइट लाइफ और व्यापार को बढ़ावा, 24 घंटे खुलेंगे बाजार
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान के 123 शहरों में बाजार अब 24 घंटे और सातों दिन खुल सकेंगे।
- लाइसेंस प्रणाली समाप्त, व्यापारियों को आजीवन पंजीकरण की मिलेगी सुविधा।
- कर्मचारियों से अधिकतम 10 घंटे दैनिक और 48 घंटे साप्ताहिक काम लिया जा सकेगा।
- ओवरटाइम का रिकॉर्ड रखना और अतिरिक्त भुगतान करना होगा अनिवार्य।
- सभी नियोक्ताओं को कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना होगा।
राजस्थान सरकार ने व्यापारिक जगत को एक बड़ा तोहफा दिया है। श्रम विभाग ने विशेष राजपत्र (Gazette) अधिसूचना जारी कर जयपुर, जोधपुर सहित प्रदेश के 123 शहरों में दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान सातों दिन 24 घंटे खोलने की छूट दे दी है।
यह राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम, 1958 के तहत पंजीकृत प्रतिष्ठानों पर लागू होगी। इस फैसले से पर्यटन, नाइट लाइफ और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 7 अनिवार्य शर्तें भी लागू की गई हैं जिनका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
बजट घोषणा अमल में आई
सरकार ने बजट 2026-27 में 24 घंटे बाजार खोलने की घोषणा की थी। अब उसे लागू किया जा चुका है।
श्रम विभाग के अतिरिक्त श्रम आयुक्त एवं संयुक्त सचिव ओम प्रकाश सहारण की ओर से यह विशेष राजपत्र अधिसूचना जारी की गई है। यह आदेश 15 अप्रैल 2024 को जारी पुरानी अधिसूचना को निरस्त करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
व्यापारियों को तीन बड़े फायदे
इस फैसले से व्यापारियों को तीन बड़ी राहतें मिली हैं।
पहली, लाइसेंस प्रणाली खत्म हो गई है। अब व्यापारियों को बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
दूसरी, आजीवन पंजीकरण की सुविधा मिली है। एक बार पंजीकरण कराने के बाद बार-बार प्रक्रिया नहीं होगी।
तीसरी, 24 घंटे 7 दिन व्यापार की छूट। दुकानें और प्रतिष्ठान रात को भी खुले रह सकेंगे।
पर्यटन, नाइट लाइफ और रोजगार को मिलेगा बूस्ट
राजस्थान में लाखों पर्यटक आते हैं। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर जैसे पर्यटन शहरों में रात को भी बाजार खुले रहने से पर्यटकों को खरीदारी और खाने-पीने की बेहतर सुविधा मिलेगी।
नाइट मार्केट और नाइट लाइफ के लिए नए अवसर बनेंगे। स्थानीय हस्तशिल्प, रेस्टोरेंट और मनोरंजन क्षेत्र में रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।
कर्मचारियों के हितों की भी सुरक्षा
सरकार ने व्यापारियों को छूट देने के साथ-साथ कर्मचारियों के हित में 7 अनिवार्य शर्तें भी लागू की हैं।
काम की सीमा: किसी भी कर्मचारी से एक दिन में अधिकतम 10 घंटे और एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकेगा।
ओवरटाइम का रिकॉर्ड: यदि किसी कर्मचारी से अतिरिक्त काम लिया जाता है तो नियोक्ता को उसका अलग से रिकॉर्ड रखना होगा।
ओवरटाइम भुगतान: अतिरिक्त काम करने वाले कर्मचारियों को नियमानुसार अतिरिक्त मानदेय का भुगतान अनिवार्य होगा।
नियुक्ति पत्र अनिवार्य: सभी नियोक्ताओं को कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना होगा। इसकी एक प्रति संबंधित क्षेत्र के लेबर इंस्पेक्टर को भेजनी होगी और पावती रिकॉर्ड में रखनी होगी।
इन शर्तों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किन प्रतिष्ठानों को मिलेगा फायदा?
फिलहाल यह छूट राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम, 1958 के तहत पंजीकृत दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को ही मिलेगी।
यानी जो दुकानदार और व्यापारी इस अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं, वे ही 24 घंटे खुले रह सकेंगे। जो पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें पहले पंजीकरण कराना होगा।
FAQ
- राजस्थान में 24 घंटे दुकानें खोलने की छूट किसे मिली?
यह छूट राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम, 1958 के तहत पंजीकृत दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को मिली है। जयपुर, जोधपुर सहित प्रदेश के 123 शहरों में ये प्रतिष्ठान अब सातों दिन 24 घंटे खुल सकेंगे। - राजस्थान में 24 घंटे दुकान खोलने के लिए क्या शर्तें हैं?
सरकार ने 7 अनिवार्य शर्तें लगाई हैं। कर्मचारी से दिन में अधिकतम 10 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जाएगा। ओवरटाइम का रिकॉर्ड रखना और अतिरिक्त मानदेय देना अनिवार्य होगा। साथ ही कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना भी जरूरी होगा। - राजस्थान में लाइसेंस व्यवस्था खत्म होने का क्या मतलब है?
पहले व्यापारियों को नियमित अंतराल पर लाइसेंस नवीनीकरण के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब लाइसेंस प्रणाली समाप्त कर आजीवन पंजीकरण की व्यवस्था लागू की गई है। एक बार पंजीकरण के बाद बार-बार प्रक्रिया नहीं होगी।
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